सलोनी हमसफर खुदाई
बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी, लेकिन उस फ़र्स्ट क्लास कूपे के भीतर एक अलग ही तरह की खामोशी पसरी हुई थी। मेरे सामने वाली सीट पर सलोनी बैठी थी, जो मेरे लिए महज़ एक अजनबी सहयात्री थी, लेकिन उसकी मौजूदगी ने उस … Read more