सफर वाली तीखी चु@@ई
सफर वाली तीखी चु@@ई—>राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी और बाहर छाया घना अंधेरा खिड़की के शीशे से टकराकर वापस लौट रहा था। कोच के भीतर मद्धम रोशनी फैली हुई थी और एयर कंडीशनर की हल्की सरसराहट के बीच केवल ट्रेन के पहियों की गूंज सुनाई दे रही थी। राघव … Read more