शिक्षिका निशा और यादों की खुदाई
शिक्षिका निशा और यादों की खुदाई—> बरसात की वह भीगी हुई शाम और पुराने शहर की वह तंग गलियां आज भी वैसी ही थीं, जैसे वक्त वहीं ठहर गया हो। समीर सालों बाद अपने पुराने कस्बे में लौटा था, और उसके कदम खुद-ब-खुद उस पुराने मकान की ओर बढ़ गए जहाँ कभी उसकी ट्यूशन टीचर … Read more