Bahan Chudai Story
ये उन दिनों की बात है जब मैं अपनी बाजी अम्बर के साथ रहता था। पहले मैं अपना और बाजी का परिचय करा दूँ। बाजी की उम्र 30 साल और मेरी उम्र 27 साल है। बाजी का जिस्म बहुत ही सेक्सी है। उनके मम्मे काफी बड़े-बड़े हैं और वो देखने में बहुत सेक्सी लगती हैं। देखने में नहीं लगता कि वो दो बच्चों की माँ हैं। Bahan Chudai Story
मेरे बहनोई बिजनेस के सिलसिले में काफी व्यस्त रहते हैं। साथ-साथ वो नौकरी भी करते हैं। इस वजह से वो घर और परिवार को समय नहीं दे पाते। मैं कुछ महीने पहले ही बाजी के घर शिफ्ट हुआ था। मेरे आने से वो बहुत खुश थीं कि चलो कोई तो है बात करने को।
बच्चे भी बहुत खुश थे कि उन्हें खेलने के लिए कोई मिल गया। वो मुझे मामा बुलाते हैं। मेरी नौकरी दोपहर की है और मैं रात 11 बजे तक घर आ जाता हूँ। मेरे बहनोई नाइट शिफ्ट करते हैं। रात में अक्सर बाजी मेरे कमरे में आ जाती हैं और हम इधर-उधर की बातें करते हैं।
घर में अम्बर बाजी काफी सेक्सी कपड़े पहनती हैं। कभी-कभी तो वो ब्रा भी नहीं पहनतीं, कहती हैं कि कोई देखने वाला नहीं, क्या जरूरत है। एक रात को वो मेरे कमरे में आईं। उन्होंने ब्रा नहीं पहनी थी, जिससे उनके बड़े-बड़े मम्मे साफ नजर आ रहे थे। मेरा और उनका काफी खुल्लम-खुल्ला मजाक है।
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मैंने पूछा, “बाजी, आज गर्मी काफी लग रही है क्या?”
वो बोलीं, “हाँ भाई, सारा दिन काम में लगी रही हूँ, इसलिए थकान हो रही है अब। तुम्हारे भैया होते तो…” इतना कहकर वो चुप हो गईं।
मैंने पूछा, “क्या बाजी? अगर जुनैद भैया होते तो क्या?”
वो बोलीं, “रहने दो। बस वो तो काम में ही लगे रहते हैं, मेरा तो कोई ध्यान ही नहीं। कई दिन तो बात भी ठीक तरह से नहीं होती। बस बिजनेस और नौकरी के चक्कर में ही लगे रहते हैं।”
मैंने कहा, “बाजी, इसीलिए तो मैं यहाँ शिफ्ट हो गया हूँ ताकि आपका और बच्चों का दिल लगा रहे और तन्हाई महसूस न हो।”
बाजी बोलीं, “हाँ, तू ठीक कह रहा है भाई, लेकिन हम हसबैंड-वाइफ नहीं, बल्कि रूममेट्स हैं। वो मेरा बिल्कुल ध्यान नहीं रखते। तू ही बता, मेरी भी जरूरतें हैं। मेरा भी दिल करता है कि मैं अपने हसबैंड की बाहों में सोऊँ। लेकिन उन्हें कोई एहसास ही नहीं है।” ये कहकर वो उदास हो गईं और टीवी देखने लगीं। वो मेरे पास ही मेरे बेड पर बैठी थीं। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
मैंने कहा, “बाजी, आओ यहाँ आराम से लेट जाओ और टीवी देखो। मैं हूँ ना। भाई और किस लिए होते हैं? बहनों की मदद के लिए।”
वो मुस्कुरा दीं और सीधी होकर मेरे बराबर बेड पर लेट गईं। मैं मुस्कुरा दिया।
मैंने कहा, “अम्बर बाजी, एक बात बोलूँ?”
वो बोलीं, “हाँ बोल भाई, क्या बात है?”
मैंने कहा, “तुम इतनी सेक्सी हो। फिर भी भैया तुम्हें प्यार नहीं करते।”
वो मेरी तरफ देखकर बोलीं, “क्या मतलब प्यार नहीं करते?”
मैंने कहा, “वही जो हसबैंड और वाइफ के बीच होता है।”
वो बोलीं, “नहीं, काफी समय हो गया इसको। बस गुजारा कर रही हूँ।”
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मैंने कहा, “तुमने ब्रा नहीं पहनी आज। तुम्हें अजीब नहीं लग रहा? मैं तुम्हारे मम्मे देख रहा हूँ।”
वो बोलीं, “तू मेरा भाई है, तुझसे कैसी शरम? देख भी लेगा तो क्या हो गया, तू तो मेरा भाई है।”
मुझे उनकी इस बात से लगा कि उनकी चूत काफी दिनों की प्यासी है। मैं कुछ नहीं बोला और चुप करके टीवी देखने लगा। थोड़ी देर में वो मेरे और करीब हो गईं और मेरे सीने पर हाथ रख दिया। मैंने उनकी तरफ देखा, वो टीवी की तरफ देख रही थीं, लेकिन मुझे पता था कि वो क्या सोच रही हैं।
फिर अचानक मेरी तरफ देखकर बोलीं, “काश तू मेरा हसबैंड होता, कितना खयाल रखता है मेरा और बच्चों का।”
मैंने कहा, “मैं तुम्हारा भाई हूँ। मैं नहीं खयाल रखूँगा तो और कौन रखेगा?”
उन्होंने मेरे गाल पर किस किया। मैंने उनके मम्मों पर हाथ रख दिया। वो एकदम सिसकार कर बोलीं, “आह्ह… भाई, क्या करते हो? क्यों आग लगा रहे हो?”
मैं अनजान बनता बोला, “कैसी आग बाजी?”
वो बोलीं, “वही आग जो काफी दिनों से जल रही है और तुम्हारे भैया बुझाते नहीं।”
मैंने कहा, “बाजी, तुम तो लगता है सुलग रही हो इस आग में।”
वो आह भरकर बोलीं, “हाँ, अब क्या बताऊँ।”
मैंने उनके मम्मे जरा जोर से दबाए। वो मेरी तरफ देखकर मुस्कुरा दीं। मुझे ग्रीन सिग्नल मिल गया था और कन्फर्म भी हो चुका था। उन्हें सिर्फ लंड चाहिए, चाहे वो भाई का ही क्यों न हो।
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मैंने पूछा, “बाजी, बच्चे सो गए हैं ना?”
बाजी ने कहा, “हाँ, वो सो रहे हैं।”
मैंने उनकी कमीज़ ऊपर की और उनके नंगे मम्मे दबाने लगा। वो लज़्ज़त में डूब गईं और सिसकार कर बोलीं, “भाई, बहुत अच्छा लग रहा है। दबाओ अपनी अम्बर बाजी के मम्मे। आह्ह… हाँ भाई, तुम्हारी बाजी कब से तरस रही है इनको चुसवाने को।” फिर उन्होंने मेरी तरफ देखा और अचानक बोलीं, “भाई, क्या तुम अपनी अम्बर बाजी को चोदोगे? मुझे कोई एतराज़ नहीं है।”
फिर वो एकदम उठीं और अपनी कमीज़ उतार दी और शलवार भी उतारकर नंगी होकर लेट गईं। मैंने कहा, “अम्बर बाजी, तुम रियली अपने भाई से चुदवाना चाहती हो?” वो बोलीं, “हाँ, क्यों नहीं? मेरी एक सहेली भी अपने भाई से रोज चुदवाती है। बल्कि उसने मुझे भी अपने भाई से एक बार चुदवाया है। मुझे बड़ा मजा आया। लेकिन इस में खतरा है।”
मैंने उनकी नंगी चूत पर हाथ फेरा। “अम्बर बाजी, तुम्हारी चूत तो काफी गीली हो रही है।” वो बोलीं, “हाँ भाई।” और उन्होंने अपना हाथ मेरे लंड पर रख दिया और मेरा शॉर्ट उतारकर मेरा लंड सहलाने लगीं। मैं एकदम मस्ती में आ गया और उनके मम्मे जोर-जोर से दबाने लगा।
वो सिसकारने लगीं, “आह्ह… भाई, हाँ, तुम्हारी अम्बर बाजी बहुत तरस रही है। जल रही है इस आग में। खूब मसलो मेरे मम्मों को। भाई, चूसो ना इनको, काफी रस है इनमें।” मैं झुककर उनके मम्मों को चूसने लगा। वो और जोर-जोर से सिसकारने लगीं। मेरा लंड उनके हाथ में काफी सख्त हो चुका था।
मैंने कहा, “अम्बर बाजी, तुम्हारी चूत मैं बाद में भी चाट लूँगा। अभी मेरा दिल कर रहा है कि मैं अपना लंड इस प्यारी सी चूत में डाल दूँ।”
बाजी बोलीं, “भाई, मैंने कब मना किया है? डाल दो ना मेरी चूत में अपना लंड।”
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इतना कहना था उनका, मैं उनके ऊपर आ गया और अपना लंड उनकी चूत पर मसला। वो “आह्ह…” करके बोलीं, “भाई, और देर ना करो, मेरी चूत काफी गीली हो रही है।” मैंने कहा, “अच्छा बाजी, ये लो।” और साथ ही अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया। वो एकदम जोर से चीखीं, “भाई, आह्ह… कितना मोटा और लंबा लंड है तुम्हारा।” मैंने धीरे-धीरे उन्हें चोदना शुरू कर दिया। वो लज़्ज़त में डूबी हुई थीं।
अपने दोनों हाथों से मेरी कमर सहला रही थीं और कह रही थीं, “आह्ह… भाईजान, तुम्हें भाईजान कहते हुए मेरी चूत और गीली हो जाती है। और तुम्हारा लंड मेरी चूत को कितने अच्छे तरीके से चोद रहा है। आह्ह… प्यारे भैया, अच्छी तरह चोदो आज अपनी बाजी की चूत को। तुम्हारी अम्बर बाजी रोज चुदवाएगी अब तुमसे। आह्ह… मेरे भैया, मेरे जानू, जोर-जोर से चोदो। आह्ह… कितना मजा आ रहा है अपने भाई का लंड लेने में। फोजिया सही कह रही थी जब मैं उसके भाई से चुदवा रही थी। आह्ह… भैया, मैं तुम्हारी रंडी बहन हूँ। अब मैं सिर्फ तुमसे ही रोज रात को चुदवाऊँगी। भैया, चोदोगे ना अपनी अम्बर बाजी को?”
वो कहे जा रही थीं और मैं धक्के पर धक्के मारे जा रहा था। उनकी गीली चूत फाड़ रहा था। और वो मजे और लज़्ज़त में डूबी हुई थीं। मैं जोर-जोर से धक्के लगाता हुआ बोला, “अम्बर बाजी।” वो बोलीं, “हाँ भाई।” मैंने कहा, “तुम मेरे साथ रोज रात को नंगी ही सोना आज से।”
बाजी बोलीं, “हाँ भाई, मैं अपने प्यारे भैया के साथ रोज रात को नंगी, उसका लंड अपनी चूत में लेकर सोऊँगी। आह्ह… भाई, मेरी चूत खूब चोदो। रोज रात को चोदो। मैं तुम्हारी रंडी बहन हूँ। मैंने अपनी कई सहेलियों के हसबैंड से चुदवाया है। मैं रियल में रंडी हूँ भाई, लेकिन आज से सिर्फ तुम्हारी रंडी हूँ। मुझे रंडी बोलो ना भाई, मुझे अच्छा लगता है। आह्ह… भाई, मेरा पानी निकलने वाला है।”
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मुझे और जोश आ गया और मैं तेजी से धक्के लगाने लगा। साथ-साथ मैं बोल रहा था, “आह्ह… हाँ साली रंडी, तू मेरी रंडी बहन है। ले मेरा लंड अपनी चूत में। आह्ह… हाँ रंडी।” मैं बोले जा रहा था और जोर-जोर से अपनी अम्बर बाजी की गीली चूत चोद रहा था। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.
और वो और जज़्बाती हो रही थीं, “भाई, मेरे प्यारे भाई, मैं छूटने वाली हूँ। खूब जोर-जोर से चोदो अपनी प्यारी बहन को। आह्ह… हाँ, तुम्हारी बाजी की चूत तुम्हारे लिए ही है। आह्ह… हाँ, और जोर से। हाँ, ऐसे ही चोदो। जैसे मेरी सहेली के भाई ने अपनी बहन की और मेरी चूत चोदी थी। आह्ह… आज से मैं तुम्हारी रंडी हूँ।”
“और मैं तुम्हारे लिए नंगी ही रहूँगी। मुझे रोज चोदोगे ना भाई?”
मैं बोला, “हाँ बाजी, क्यों नहीं? तुम्हारी चूत बहुत मज़ेदार है। तुम आज से मेरी रंडी हो। आह्ह… हाँ बाजी, मेरा भी पानी निकलने वाला है।”
बाजी बोलीं, “भाई, मेरी चूत में ही निकाल दो। मैं अपने भाई का वीर्य अपनी चूत में महसूस करना चाहती हूँ। मेरे भाई, अपनी अम्बर बाजी की चूत में अपना वीर्य छोड़ दो। हाँ… आह्ह… हाँ भाई, मैं छूट रही हूँ। आह्ह… मेरा पानी निकल रहा है।”
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और साथ ही मैं भी छूट गया, “आह्ह… बाजी, मेरी प्यारी बाजी। आह्ह… मेरा पानी अपनी चूत में महसूस करो। आह्ह… हाँ।” मेरी रंडी बाजी, और साथ ही मैं उनके ऊपर गिर गया। और वो मेरी पीठ सहलाने लगीं। बोलीं, “आज बाजी को चोदकर मजा आया कि नहीं?” मैं बोला, “हाँ बाजी, कई लड़कियों को चोदा है, लेकिन तुम्हारे जैसा मजा किसी में नहीं।” बाजी बोलीं, “भाई, आज से तुम किसी और को नहीं, सिर्फ मुझे ही चोदोगे। समझ गए?” मैंने कहा, “हाँ बाजी, जिसे तुम्हारी जैसी चूत मिल जाए, उसे भला और क्या चाहिए। और बहन को चोदने का अपना ही मजा है।”
वो मुस्कुरा दीं और बोलीं, “तू बड़ा ही बहनचोद है। चल, अब अपना लंड मेरी चूत में ही रहने दे, बड़ा मजा दे रहा है चुदाई के बाद भी। आज से तू मुझे अम्बर रंडी बोल या रंडी बहन बोल, मुझे बहुत अच्छा लगेगा। मेरी चूत बहुत गीली हो जाती है जब तू मुझे रंडी बाजी बोलता है।” “अच्छा सुन, तेरे बहनोई को शक नहीं होना चाहिए। मैं अब अपने कमरे में जाती हूँ। तेरे बहनोई का आने का समय हो गया है। कल जल्दी आऊँगी तेरे कमरे में। फिर तू अच्छी तरह से अपनी अम्बर बाजी की चूत मारना।” ये कहकर वो बेड से उठीं और नंगी ही अपने कमरे में चली गईं।