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रितु मैम की मदहोश चु@@ई

रितु मैम और समीर का रिश्ता बहुत पुराना था, जब समीर छोटा था तब वह उनसे ट्यूशन पढ़ता था। कई सालों बाद जब समीर शहर वापस आया, तो उसे पता चला कि रितु मैम अब एक योगा ट्रेनर बन चुकी हैं और अपने खुद के फ्लैट में एक छोटा सा स्टूडियो चलाती हैं। समीर ने उनसे मिलने का फैसला किया और जब वह उनके फ्लैट पर पहुँचा, तो रितु मैम को देखकर उसकी आँखें फटी की फटी रह गईं। 36 साल की रितु मैम पहले से कहीं ज्यादा जवान और आकर्षक लग रही थीं, उनकी त्वचा दूध जैसी सफेद और शरीर एकदम सुडौल हो चुका था।

जब रितु मैम योगा के आसन कर रही थीं, तो उनकी टाइट काली लेगिंग्स में उनके शरीर के उभार साफ नजर आ रहे थे। उनके ऊपर के दो बड़े और गोल तरबूज योगा मैट पर झुकते वक्त अपनी जगह से बाहर निकलने को बेताब लग रहे थे। मैम के चेहरे पर हलकी सी पसीने की बूंदें चमक रही थीं और उनकी पतली कमर से नीचे का भारी पिछवाड़ा किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी था। उनकी कसी हुई देह देख कर समीर के मन में हलचल मच गई और उसका खीरा उसकी पैंट के अंदर ही अंगड़ाई लेने लगा, मानो वह इस सुंदर खाई की गहराई नापने के लिए बेकरार हो।

बातों-बातों में रितु मैम ने बताया कि उनके पति से उनका तलाक हो चुका है और वह अब काफी अकेली महसूस करती हैं। समीर ने गौर किया कि बात करते समय मैम की निगाहें बार-बार उसकी चौड़ी छाती और उसकी पैंट के उस उभार पर जा रही थीं जहाँ उसका खीरा तना हुआ था। समीर ने भी अपनी झिझक छोड़ दी और उनके पास जाकर सोफे पर बैठ गया। दोनों के बीच की दूरी कम होते ही रितु मैम की सांसें तेज होने लगीं और उनके तरबूजों के ऊपर छोटे-छोटे मटर साफ उभर आए, जो उनकी कामुक उत्तेजना का सबूत दे रहे थे।

समीर ने हिम्मत जुटाकर रितु मैम के हाथों को अपने हाथों में लिया और बड़ी ही भावुकता से कहा कि वह स्कूल के दिनों से ही उन्हें पसंद करता था। रितु मैम की आँखों में एक अजीब सी चमक आ गई और उन्होंने अपना सिर समीर के कंधे पर रख दिया। समीर ने धीरे से उनके गालों को छुआ और फिर उनके होंठों का रसपान करने लगा। रितु मैम ने भी अपनी आँखें बंद कर लीं और समीर की गर्दन में अपनी बाँहें डाल दीं। वह रसपान इतना गहरा था कि दोनों के शरीरों के बीच की गर्मी अब असहनीय होने लगी थी।

समीर ने अपना हाथ धीरे-धीरे नीचे ले जाते हुए रितु मैम के एक तरबूज को अपनी मुट्ठी में भर लिया। वह तरबूज इतना नरम और गदबदा था कि समीर उसे पागलों की तरह मसलने लगा। रितु मैम के मुँह से एक आह निकली और उन्होंने समीर के खीरे को पैंट के ऊपर से ही पकड़ लिया। खीरा इतना सख्त हो चुका था कि मैम भी उसे महसूस कर हैरान रह गईं। समीर ने अब उनके योगा टॉप को उतार दिया, जिससे उनके विशाल और गोरे तरबूज पूरी तरह आजाद हो गए और उनके ऊपर के गुलाबी मटर समीर को अपनी ओर बुलाने लगे।

समीर ने बारी-बारी से दोनों मटरों को अपने मुँह में लिया और उन्हें चूसने लगा, जिससे रितु मैम बिस्तर पर तड़पने लगीं। उन्होंने अपनी टांगें फैला दीं और समीर को इशारा किया कि वह उनकी रेशमी खाई का स्वाद चख ले। समीर नीचे झुका और मैम की टाइट लेगिंग्स उतारकर उनकी खाई के पास पहुँचा। वहाँ घने काले बाल थे, जिन्हें हटाकर उसने अपनी जीभ से खाई को चाटना शुरू किया। रितु मैम की खाई पूरी तरह गीली हो चुकी थी और समीर की उंगली से खोदने पर उसमें से रसीला पानी बाहर बहने लगा था।

अब समीर ने अपनी पैंट उतारी और अपना लंबा और मोटा खीरा बाहर निकाला। रितु मैम ने जब उस खीरे को देखा तो उनकी आँखें बड़ी हो गईं और उन्होंने तुरंत उसे अपने मुँह में ले लिया। वह खीरा चूसने लगीं और समीर के पूरे शरीर में बिजली की लहर दौड़ गई। कुछ देर तक खीरा चूसने के बाद रितु मैम बिस्तर पर लेट गईं और अपनी टांगें हवा में उठा लीं। समीर ने अपने खीरे का सिरा उनकी मदमस्त खाई के मुहाने पर रखा और धीरे से धक्का दिया।

जैसे ही खीरा पहली बार खाई के अंदर गया, रितु मैम के मुँह से एक लंबी चीख निकल गई। खाई काफी तंग थी लेकिन समीर के रस की वजह से खीरा धीरे-धीरे अंदर धंसता चला गया। समीर ने सामने से खोदना शुरू किया और हर धक्के के साथ रितु मैम के तरबूज हवा में उछल रहे थे। रितु मैम जोर-जोर से कह रही थीं, ‘हाँ समीर, और तेज खोदो, तुम्हारा खीरा बहुत बड़ा है, इसे पूरा अंदर डाल दो, आज मुझे कच्चा चबा जाओ।’ समीर भी जोश में आकर रितु मैम की कमर पकड़कर जबरदस्त खुदाई करने लगा।

खुदाई की गति अब बहुत तेज हो चुकी थी और कमरे में दोनों के शरीरों के टकराने की आवाजें गूँज रही थीं। समीर ने रितु मैम को पलटा और उन्हें पिछवाड़े से खोदने के अंदाज में खड़ा कर दिया। पीछे से उनका भारी पिछवाड़ा देख समीर का जोश दोगुना हो गया। उसने अपना खीरा फिर से उनकी खाई में उतारा और पूरी ताकत से वार करने लगा। रितु मैम अपने हाथों को तकिए में दबाकर सिसकियां ले रही थीं और समीर की खुदाई का पूरा आनंद ले रही थीं।

लगभग आधे घंटे की कड़ी खुदाई के बाद दोनों का हाल बुरा था। समीर के खीरे ने अब अपनी अंतिम सीमा छू ली थी और रितु मैम भी अपने रस निकलने के करीब थीं। जैसे ही समीर ने आखिरी जोरदार धक्का लगाया, रितु मैम की खाई ने जोर से खीरे को जकड़ लिया और उनके शरीर से कामुक रस फूट पड़ा। उसी पल समीर के खीरे ने भी गरम-गरम सफेद रस रितु मैम की गहरी खाई के अंदर भर दिया। दोनों ही पसीने से लथपथ होकर एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े और काफी देर तक इसी तरह सांसें भरते रहे।

इस रसीली खुदाई के बाद रितु मैम की हालत देखने लायक थी। उनके बाल बिखरे हुए थे और शरीर पर समीर के नाखूनों के निशान थे। समीर ने उन्हें प्यार से गले लगाया और उनके माथे को चूमा। रितु मैम के चेहरे पर एक संतुष्टि भरी मुस्कान थी और उन्होंने समीर से धीरे से कहा कि आज तुमने मुझे फिर से जीवित कर दिया है। उस रात के बाद समीर और रितु मैम के बीच का यह रिश्ता और भी गहरा हो गया और उनकी यह खुदाई अब एक नियमित सिलसिला बन गई थी।

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