जवान भाभी की चु@@ई
दोपहर की उस तपती हुई खामोशी में पूरा घर जैसे नींद की आगोश में डूबा हुआ था, लेकिन करण की आँखों में नींद का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं था। वह अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा बाहर की लू को देख रहा था, पर उसका मन कहीं और ही भटक रहा था। बगल … Read more