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सुनीता चाची की चु@@ई

समीर अपने कॉलेज की गर्मियों की छुट्टियों में अपनी चाची सुनीता के घर रहने के लिए आया था। सुनीता चाची की उम्र अभी पैंतीस साल के करीब थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और चेहरे की चमक किसी बीस साल की नवयौवना को भी मात दे सकती थी। समीर ने जब उन्हें उस दोपहर घर … Read more

पड़ोसन मीरा के साथ बंद कमरे की रसीली खुदाई

शाम का वक्त था और आसमान में छाई हल्की लालिमा धीरे-धीरे अंधेरे में तब्दील हो रही थी। आदित्य अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर की चहल-पहल देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान अपनी पड़ोसन मीरा पर था जो अपने बरामदे में कपड़े सुखा रही थी। मीरा की उम्र लगभग तीस साल थी, … Read more

अजनबी पड़ोसन कविता की चु@@ई

अजनबी पड़ोसन कविता की चु@@ई—>समीर शहर के एक पॉश इलाके में बने अपार्टमेंट में अकेला रहता था। वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और उसकी जिंदगी दफ्तर के काम और घर के अकेलेपन के बीच सिमटी हुई थी। समीर के पड़ोस वाले फ्लैट नंबर 403 में हाल ही में एक नया परिवार रहने आया था। उस … Read more

पुरानी दोस्त की चु@@ई

आकाश और रीति कॉलेज के दिनों के बाद लगभग दस सालों के बाद एक-दूसरे से मिल रहे थे। बाहर का मौसम काफी सुहावना था और हल्की-हल्की बारिश की बूंदें रीति के घर की खिड़की पर दस्तक दे रही थीं। रीति ने गहरे लाल रंग की रेशमी साड़ी पहनी थी, जिसका गला काफी गहरा था और … Read more

प्रोफेसर और छात्रा के बीच ज्ञान की गहरी खुदाई

रात के करीब ग्यारह बज रहे थे और पूरे कॉलेज कैंपस में सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन प्रोफेसर आर्यन के केबिन में अभी भी रोशनी जल रही थी। नेहा अपनी थीसिस पूरी करने के लिए उनके पास आई थी, लेकिन किताबों के पन्नों के बीच एक अलग ही तरह की गरमाहट महसूस हो रही थी। … Read more

साली की मदहोश चु@@ई

साली की मदहोश चु@@ई—>उस रात की खामोशी में एक अजीब सी तड़प थी जो समीर के दिल की धड़कनों को तेज कर रही थी। समीर अपनी पत्नी की छोटी बहन सरिता के घर पर रुका हुआ था क्योंकि उसकी पत्नी एक पारिवारिक समारोह में शामिल होने दूसरे शहर गई हुई थी। घर में सिर्फ समीर … Read more

एकांत दोपहर में सुनीता भाभी की रेशमी खुदाई

गर्मी की वो आलसी दोपहर थी जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया हुआ था, लेकिन रोहन की आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह खिड़की से सामने वाले घर की ओर देख रहा था जहाँ सुनीता भाभी अपने बरामदे में कपड़े सुखा रही थीं। सुनीता भाभी की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी, … Read more

पुरानी सहेली की खुदाई

शाम का सूरज धीरे-धीरे ढल रहा था और पार्क के उस सुनसान कोने में सुनहरी रोशनी पेड़ों की टहनियों से छनकर जमीन पर आ रही थी। रोहन बेंच पर बैठा अपनी पुरानी स्कूल की दोस्त मेघा का इंतजार कर रहा था, जिससे वह करीब पाँच साल बाद मिल रहा था। मेघा अब एक प्रोफेशनल जिम … Read more

नई पड़ोसन की मदहोश चु@@ई

नई पड़ोसन की मदहोश चु@@ई—>उस रात आसमान से बादलों की गड़गड़ाहट के साथ मूसलाधार बारिश हो रही थी, जैसे कुदरत खुद किसी गहरे मिलन की तैयारी कर रही हो। समीर अपने फ्लैट की बालकनी में खड़ा होकर बाहर की धुंधली रोशनी को देख रहा था, जब उसने पहली बार कविता को अपने बगल वाले फ्लैट … Read more

प्रधान जी की बीबी को चो@@दा

एक छोटे से गाँव में, जहाँ नदी की कल-कल और बारिश की बूँदें हमेशा साथ चलती हैं, वहाँ का प्रधान रघुनाथ सिंह बड़ा दबंग और व्यस्त आदमी था। उसकी पत्नी सुनीता, ३५ साल की, गोरी-चिट्टी, पतली कमर, भरे हुए स्तन और गोल गाँ@ड वाली – गाँव की सबसे आकर्षक औरत। वो साड़ी में घूमती, घूंघट … Read more

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