विहान और सायरा: पुराने साथी
विहान का व्यक्तित्व किसी शांत झील की तरह गहरा और ठहरा हुआ था, जिसमें लहरें तभी उठती थीं जब कोई बहुत करीब जाने का साहस जुटा सके। उसकी तीखी नाक, घनी और गहरी भौहें, और वे भूरी आँखें हमेशा कुछ तलाशती हुई सी लगती थीं, जैसे उनमें कोई पुराना राज़ दफन हो। उसकी लंबाई और … Read more