शीतल भाभी की चु@@ई
रात के ग्यारह बज रहे थे और पूरे घर में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिर्फ छत पर लगे पुराने पंखे की घरघराहट सुनाई दे रही थी। शीतल भाभी अपने कमरे में पलंग पर लेटी हुई थीं, उनकी आँखों में नींद नहीं बल्कि एक अजीब सी बेचैनी थी। उनके पति काम के सिलसिले में पिछले छह … Read more