सीमा मौसी के मन की खुदाई
सीमा मौसी के मन की खुदाई—>गर्मियों की उन लंबी और सुनहरी दोपहरों में जब पूरा गाँव गहरी नींद में सो जाता था, केवल मैं और सीमा मौसी ही छत की ठंडी मुंडेर के नीचे बैठकर पुराने किस्सों को याद किया करते थे। सीमा मौसी, जो उम्र के उस पड़ाव पर थीं जहाँ परिपक्वता और सौंदर्य … Read more