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एक रात की दुल्हन बनी दोस्त की बहन

Najayaz Sex Sambandh

नशे में चुदाई कहानी मेरा नाम हेमंत है, मेरा एक दोस्त है अंकुर, हम दोनों बहुत ही अच्छे दोस्त है, बचपन से ही हमारी दोस्ती है. अंकुर को चार बहन है, उसमे से सबसे छोटी पुष्पा है, बाकी तिन को मैं भी दीदी ही कहता हु, और पुष्पा मुझे भैया कहती है. Najayaz Sex Sambandh

क्या बताऊँ दोस्तों मुझे लगता है की मैंने अपने दोस्त के साथ विस्वासघात किया, पर पुष्पा के साथ मैंने वही किया जो वो चाहती थी, तो मैं कहा गलत हु, आप ही बताओ, मैंने पुष्पा को खुश किया, वो चाहती भी यही थी की मैं चोदूँ और वक्त और हालात ऐसा बना की मैं भी अपना लण्ड पुष्पा को दे दिया.

पुष्पा की शादी को हुए पन्दरह दिन ही हुए थे, शादी के बाद वो अपने ससुराल चली गई, हमलोगो में शादी के १० दिन बाद ही लड़की को उसके ससुराल रुकसद लाने (लड़की को लाने ) जाना होता है, तो अंकुर की माँ बोली बेटा हेमंत तुम ही चले जाओ पुष्पा को लाने के लिए, क्यों की अंकुर का एग्जाम है वो जा नहीं पाएगा, और पुष्पा को लाना जरुरी है.

तो मैंने हां कर दिया, दूसरे दिन मुझे बिहार के ही एक छोटे से शहर में जाना था पुष्पा को लाने के लिए. मैं पुष्पा का ससुराल करीब ३ बजे दिन में पहुंच गया, खूब खातिरदारी हुई, पुष्पा भी बहुत खुश दिखी. शाम को करीब ६ बजे पुष्पा के हसबैंड मुझे घुमाने ले गए, कई सारे उनके दोस्तों से मिला शाम कैसे कट गया पता ही नहीं चला.

वापस आया तो पुष्पा लाल लाल साडी पहनी थी, बड़ी ही खूसबसूरत लग रही थी, हाथ में लाह की चूड़ियां और हलके से घूँघट में बड़ी ही मस्त लग रही थी. रात को खाने में मटन करी और चावल बना था, शाम को ही एक बड़ी बोतल शराब का ले आए थे, रात को छत पर ही पीना शुरू हुआ.

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मैं और पुष्पा का पति दोनों पेग पे पेग और मटन खाते गए, बात चित होने लगी. आपको तो पता है जब दो बन्दे पि रहे हो तो बात तो बहुत दूर तक होती है, वो अपना बखान करते रहे, और धीरे धीरे पीते रहे, इस तरह से वो काफी पि लिए. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैं होश में था पर वो धीरे धीरे वो बेहोशी की हालत में हो गए, और वो वही लुढ़क गए. तभी छत पर पुष्पा आई, और सारा माजरा देखकर वो समझ गई. फिर वो बोली अब वो रात में यही सोएंगे, क्यों की मैं उनको निचे नहीं कर सकती. “Najayaz Sex Sambandh”

तो मैंने कहा पुष्पा मैं भी इनके साथ ज्यादा पि लिया हु, मैं भी खड़ा नहीं हो पा रहा हु, मैं छत पर नहीं सो सकता मुझे डॉक्टर ने मना किया है ओश में सोने के लिए. तो पुष्पा बोली चलो मैं सहारा दे देती हु, और वो मेरा हाथ पकड़ ली, और मैं लड़खड़ाता हुआ जाने लगा पर, मैं सही तरह से चल नहीं पा रहा था.

तभी वो मेरे हाथ अपने कंधे पे रख ली और हम दोनों साथ साथ चलने लगे, बड़ी मुस्किल से सीढ़ियों से निचे उतरे. हम दोनों पास पास चल रहे थे, पुष्पा की चूचियाँ मेरे हाथ से सट रहा था. पर वो इसको सामान्य मान रही थी पर मेरा लण्ड खड़ा हो रहा था.

क्यों की मेरी निगाह हमेशा से ही पुष्पा के प्रति ख़राब रहा था मैं पुष्पा को चोदना चाहता था, पर मेरी हिम्मत नहीं हुई थी, पर आज वो मेरे साथ इतना करीब होके चल रही थी. मैंने ज्यादा पिने का बहाना बनाया और अपना सर पुष्पा के कंधे पे रख दिया.

वो कुछ भी नहीं बोली और फिर मेरे सोने के कमरे तक पहुंच गई, घर में और कोई था नहीं. पुष्पा के सास ससुर कही बाहर गए थे वो दूसरे दिन आते, पुष्पा का हस्बैंड तो छत पर ही बेहोश पड़ा था उसको सुबह तक उठने का कोई चांस नहीं था. “Najayaz Sex Sambandh”

पुष्पा मुझे बेड पे आराम से सुलाने लगी जैसे वो झुकी उसका पल्लू निचे गिर गया, और ब्लाउज का गला ज्यादा कटा हुआ था. जिससे उसकी दोनों चूचियाँ बड़ी बड़ी बाहर आने को उताबले होने लगे, मैं देख कर तो धन्य हो गया और, मैं पुष्पा का हाथ पकड़ लिया.

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पुष्पा बोली क्या कर रहे हो, मैंने कहा आज कुछ ना बोलो, मैं तुमसे प्यार करता था पुष्पा, मैं तुम्हे अपना बनाना चाहता था पर ये हो नहीं सका और तू किसी और की हो गई, मैं कभी भी हिम्मत नहीं जुटा पाया क्यों की सब लोग समझते थे की मेरे और तुम्हारा रिश्ता भाई बहन का है, पर मैं तुमको अपनी बीवी बनाना चाहता था.

पुष्पा बोली पर ये अब गलत है. सच तो ये है की मैं भी आपको बहुत चाहती थी, पर मैं आपको अपनी दिल की बात नहीं कह पाई. तो मैंने कहा पुष्पा आज भर के लिए ही सही हम दोनों एक दूसरे का पति और पत्नी बन जाते है.

पुष्पा उठी और चल दी, मैंने सोचा शायद पुष्पा को गुस्सा आ गया इस वजह से चली गई. सच पूछो दोस्तों मेरी तो गांड फट गई, सोचा अब क्या होगा? तभी पुष्पा वापस आ गई उसके हाथ में सिन्दूर का डब्बा था, मैंने कहा ये क्या, तो पुष्पा बोली आज मेरी मांग भर दो, मैं आज के लिए तुम्हारी होना चाहती हु. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.

मैंने भी वही किया एक चुटकी सिन्दूर ली और पुष्पा के मांग भर दिए. पुष्पा को बाहों में लेके चूमने लगा और धीरे धीरे कर के एक एक कपडे उतार दिए, क्या बताऊँ दोस्तों गोरा बदन, बड़ी बड़ी चुच, मोठे गांड, गजब की लग रही थी मैं तो सीधे उसके बूब को मुंह में लेके पिने लगा, और गांड को सहलाने लगा. “Najayaz Sex Sambandh”

फिर उसके मैं बेड पे लिटा दिया और दोनों टांगो के बिच मैं बैठ कर उसके चूत को चाटने लगा. वो आह आह आह उफ़ उफ़ की आवाज निकालने लगी. मैंने फिर ऊँगली डाल डाल के देखने लगा, पुष्पा सिसकियाँ लेने लगी, और बाहर बार वो अपने होठ को जीभ से चाटने लगी.

मैंने थोड़ा ऊपर हो गया और दोनों चूक के बिच में लण्ड को रख कर ऊपर निचे करने लगा. उसके मुलायम चूक के बीचो बिच मेरा लण्ड अठखेलियां करने लगा. फिर पुष्पा काफी कामुक हो गई और बोली अब मत तड़पाओ मेरे साजन, मेरी चूत काफी गीली हो गई है,

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मैंने अपना लण्ड पुष्पा के चूत के ऊपर रखा और टांगो को अलग अलग किया, और चूत के दरार में लण्ड को सेट कर के अंदर डालने लगा, पुष्पा को दर्द होने लगा, वो बोली काफी मोटा है आपका लण्ड, मैंने फिर लण्ड में थूक लगाया और फिर चूत के दरार पे सेट किया और फिर घुसाने लगा और पुष्पा के चूची को हाथ से मसलने लगा. वो अब चुदने के लिए तैयार थी, मैंने झटके दिए और लण्ड पुष्पा के चूत के अंदर समा गया.

अब तो दोस्तों मेरी मुराद पूरी हो गई थी, पुष्पा को चोदने लगा, कभी ऊपर से कभी निचे से कभी घोड़ी बना के कभी लण्ड पर बैठा के. रात भर मैं पुष्पा को चोदते रहा, वो भी पूरी साथ दी, वो किसी चीज के लिए मना नहीं किया खूब सहयोग किया और कहने लगी. मैं काफी दिन से आपके लण्ड से चुदना चाह रही थी जो मेरा सपना आज पूरा हुआ, रात भर चुदवाने के बाद वो सुबह सुबह ही मेरे कमरे से बाहर चली गई, ताकि किसी को शक ना हो.

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