मीना एक बत्तीस वर्षीय बहुत ही आकर्षक और सुडौल शरीर वाली महिला थी, जिसके अंगों की बनावट किसी को भी अपनी ओर खींचने के लिए काफी थी। उसके शरीर के उभार, खासकर उसके भारी और गोल तरबूज किसी भी पुरुष की धड़कनें तेज कर सकते थे, और उसकी चाल में एक ऐसी मादकता थी जो मोहल्ले के हर मर्द को उसकी तरफ देखने पर मजबूर कर देती थी। मीना के पति अक्सर काम के सिलसिले में शहर से बाहर रहते थे, जिससे उसके मन के भीतर दबी हुई इच्छाएं और जिस्म की प्यास उसे अक्सर बेचैन कर दिया करती थी। उस दिन दोपहर का समय था और सूरज की तपिश बढ़ती जा रही थी, जब मीना ने फैसला किया कि वह अपने नए ब्लाउज सिलवाने के लिए पास की गली में खुले नए टेलर सलमान की दुकान पर जाएगी। सलमान की उम्र करीब छब्बीस साल थी और उसका शरीर कसरती और गठा हुआ था, उसकी गहरी आँखें और मूंछें उसे एक अलग ही मर्दाना अंदाज़ दे रही थीं। मीना ने अपनी पतली शिफॉन की साड़ी को संवारा और सलमान की दुकान की तरफ चल पड़ी, जहाँ पहुँचते ही उसे एक अजीब सी उत्तेजना और घबराहट महसूस होने लगी थी।
जब वह दुकान के भीतर पहुँची, तो सलमान एक कपड़े पर निशान लगा रहा था, लेकिन मीना की आहट पाते ही उसने ऊपर देखा और उसकी आँखें मीना के भरे हुए बदन पर टिक गईं। मीना के तरबूज साड़ी के भीतर से अपनी मौजूदगी का एहसास करा रहे थे और उसकी पतली कमर से नीचे का चौड़ा पिछवाड़ा उसकी खूबसूरती में चार चाँद लगा रहा था। सलमान ने एक गहरी सांस ली और मुस्कुराते हुए मीना का स्वागत किया, जबकि मीना के मन में उसकी मर्दानगी को देखकर एक हल्की सी सिहरन दौड़ गई थी। सलमान ने नाप लेने के लिए फीता उठाया और मीना के करीब आया, जिससे मीना को उसकी सांसों की गर्मी महसूस होने लगी और उसके बदन के बाल खड़े हो गए। मीना के शरीर से आ रही हल्की इत्र की खुशबू ने सलमान के भीतर की आग को और भड़का दिया था, और वह बहुत ही सावधानी और धीरे-धीरे मीना के बदन का नाप लेने लगा। जब सलमान का हाथ नाप लेते समय गलती से मीना के भारी तरबूज के निचले हिस्से से टकराया, तो मीना के मुँह से एक हल्की सी आह निकल गई जिसे उसने तुरंत दबाने की कोशिश की।
सलमान ने मीना की आँखों में देखा और उसे वहाँ एक अनकही प्यास और आमंत्रण दिखाई दिया, जिसने उसकी हिम्मत को दोगुना कर दिया था। उसने फीते को मीना की कमर के चारों ओर घुमाया और अपने हाथों को थोड़ा और करीब ले गया, जिससे उसके अंगूठे मीना की मुलायम त्वचा को छू रहे थे। मीना की साँसें अब तेज चलने लगी थीं और उसे अपने भीतर एक गीलापन महसूस होने लगा था, जैसे उसकी गहरी खाई किसी बड़े और सख्त खीरे का इंतज़ार कर रही हो। सलमान ने धीरे से मीना के कान के पास झुककर कहा कि आपकी फिटिंग बहुत जबरदस्त आएगी, क्योंकि आपका शरीर ही इतना लाजवाब और तराशा हुआ है। मीना ने शर्माते हुए अपनी पलकें झुका लीं, लेकिन उसका मन अब झिझक और इच्छा के बीच झूल रहा था, जबकि उसके भीतर की कामुकता उसे सलमान की ओर खींच रही थी। सलमान ने अब अपनी उँगलियों को मीना की पीठ पर सरकाया, जिससे मीना की पूरी रीढ़ की हड्डी में एक बिजली जैसी लहर दौड़ गई और उसने अपनी आँखें मूँद लीं।
उस छोटे से केबिन के भीतर का तापमान अचानक बढ़ गया था और दोनों के बीच की खामोशी में सिर्फ उनकी तेज चलती धड़कनें ही सुनाई दे रही थीं। सलमान ने हिम्मत जुटाकर अपना एक हाथ मीना के गाल पर रखा और उसे धीरे से सहलाया, जिससे मीना का चेहरा शर्म और उत्तेजना से लाल हो गया। मीना ने कोई विरोध नहीं किया, जिसका मतलब था कि वह भी इस पल का उतना ही इंतज़ार कर रही थी जितना कि सलमान खुद कर रहा था। सलमान ने धीरे से दुकान का आधा शटर नीचे गिरा दिया और मीना को अपनी बाहों में भर लिया, जिससे उसके सख्त सीने का दबाव मीना के नरम तरबूजों पर महसूस होने लगा। दोनों के बीच की दूरी अब खत्म हो चुकी थी और उनकी साँसें एक-दूसरे में समा रही थीं, जबकि मीना का पूरा जिस्म थरथरा रहा था। सलमान ने अपनी उँगलियों से मीना के होठों को छुआ और फिर धीरे से उनकी मिठास चखने लगा, जिससे मीना की कराह उसके मुँह के भीतर ही दबकर रह गई।
धीरे-धीरे उनके स्पर्श और गहरे होते गए, सलमान ने मीना की साड़ी के पल्लू को कंधे से सरका दिया, जिससे उसके सफ़ेद और भारी तरबूज पूरी तरह से सामने आ गए। सलमान ने अपनी आँखों से उन गोल उरोजों की प्रशंसा की और फिर अपने हाथों में उन्हें भरकर दबाने लगा, जिससे मीना का शरीर धनुष की तरह तन गया। उसने मीना के मटर जैसे निप्पल्स को अपनी उँगलियों के बीच मसला, जिससे मीना के मुँह से सिसकारी निकल पड़ी और उसने सलमान के बालों को कसकर पकड़ लिया। सलमान अब मीना की गर्दन और उसके कंधों पर अपनी जीभ से निशान छोड़ रहा था, जिससे मीना की उत्तेजना अपने चरम पर पहुँचने लगी थी। मीना ने महसूस किया कि सलमान की पैंट के भीतर उसका खीरा अब पूरी तरह से जाग चुका है और उसे अपनी जांघों पर उसका दबाव महसूस हो रहा था। उसने अपने हाथ नीचे ले जाकर सलमान के उभरे हुए हिस्से को छुआ, जिससे सलमान की आँखों में एक जंगली चमक आ गई और उसने मीना के कपड़ों को उतारना शुरू कर दिया।
जब दोनों पूरी तरह से निर्वस्त्र हो गए, तो मीना का गोरा और तराशा हुआ बदन देखकर सलमान की आँखें फटी की फटी रह गईं, खासकर उसकी गहरी खाई जो अब रस से पूरी तरह भीग चुकी थी। सलमान ने मीना को वहां रखे एक मेज पर लेटा दिया और उसकी दोनों जांघों को फैलाकर उसके बीच में अपनी जगह बनाई, जहाँ बालों के छोटे से जंगल के बीच उसकी खाई चमक रही थी। सलमान ने पहले अपनी उंगली से उस खाई की गहराई को नापना शुरू किया, जिससे मीना का पूरा बदन ऊपर की तरफ उछल गया और वह जोर-जोर से हाँफने लगी। मीना की खाई से निकलने वाला रस अब सलमान की उँगलियों पर चिपक गया था, जिसे देखकर सलमान के भीतर का जानवर पूरी तरह जाग गया था। उसने मीना की जांघों के बीच झुककर उसकी खाई को चाटना शुरू किया, जिससे मीना के मुँह से बेतहाशा आहें निकलने लगीं और वह अपना पिछवाड़ा ऊपर की तरफ उठाने लगी।
मीना अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी थी और उसने सलमान के सिर को अपनी जांघों के बीच कसकर दबा लिया, जैसे वह सारा रस सलमान को पिला देना चाहती हो। सलमान ने अपना लंबा और सख्त खीरा निकाला जो अब तनाव के कारण पूरी तरह से लाल और नसदार दिख रहा था, जिसे देखकर मीना की आँखें चौड़ी हो गईं। सलमान ने उस खीरे को मीना के मुँह के करीब लाया और मीना ने बिना किसी देरी के उसे अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया, जिससे सलमान को स्वर्ग जैसा सुख महसूस होने लगा। मीना के मुँह की गर्मी और उसकी जीभ का जादू सलमान को पागल बना रहा था, और वह चाहता था कि अब जल्द से जल्द असली खुदाई शुरू की जाए। सलमान ने मीना को सीधा किया और उसकी टांगों को अपने कंधों पर रखकर अपने खीरे का सिरा उसकी गीली खाई के मुहाने पर टिका दिया। जैसे ही सलमान ने एक ज़ोरदार धक्का मारा, उसका आधा खीरा मीना की तंग खाई के भीतर समा गया, जिससे मीना की एक तीखी चीख निकल गई और उसने सलमान की पीठ पर अपने नाखून गड़ा दिए।
खुदाई की यह प्रक्रिया अब शुरू हो चुकी थी और सलमान धीरे-धीरे अपनी गति बढ़ाने लगा, जिससे हर धक्के के साथ मीना का पूरा शरीर बेड पर हिल रहा था। सलमान ने मीना के दोनों तरबूजों को अपने हाथों में कसकर पकड़ा हुआ था और वह पूरी ताकत से अपना खीरा मीना की गहराई में उतार रहा था। मीना अब सिर्फ आहें भर रही थी और उसके मुँह से ‘ओह सलमान, और तेज़ खोदो, मुझे पूरा भर दो’ जैसे शब्द निकल रहे थे, जिसने सलमान के जोश को और बढ़ा दिया। उनकी खाल के आपस में टकराने की आवाज़ उस शांत कमरे में गूंज रही थी, और दोनों के शरीरों से निकलने वाला पसीना एक-दूसरे में मिल रहा था। सलमान ने अब मीना को पलटा और उसे घुटनों के बल बैठाकर उसके पिछवाड़े से खुदाई शुरू की, जिससे मीना को एक नया और गहरा आनंद मिलने लगा। इस पोज़िशन में सलमान का खीरा मीना की खाई के सबसे अंतिम कोने तक पहुँच रहा था, जिससे मीना का रोम-रोम कांप उठा था और वह अपने हाथों से मेज को मजबूती से पकड़े हुए थी।
जैसे-जैसे खुदाई अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रही थी, मीना का शरीर अब पूरी तरह से झटकों के साथ कांपने लगा था, जो इस बात का संकेत था कि उसका रस निकलने ही वाला है। सलमान ने भी अपनी गति को चरम पर पहुँचा दिया था और वह बिना रुके मीना की खाई को अपने खीरे से रौंद रहा था, जिससे कमरे में सिर्फ उनकी भारी साँसों और कराहों का शोर था। अचानक मीना का पूरा बदन अकड़ गया और उसकी खाई से गरम रस का सैलाब फूट पड़ा, जिसे महसूस करते ही सलमान ने भी अपने खीरे का पूरा रस मीना की गहराई में छोड़ दिया। दोनों एक-दूसरे पर गिर पड़े, उनके शरीरों में अब भी हल्की कंपन बाकी थी और वे एक-दूसरे की बाहों में बंधे हुए गहरी साँसें ले रहे थे। वह पल एक ऐसी संतुष्टि लेकर आया था जिसे शब्दों में बयान करना मुश्किल था, मीना का चेहरा अब शांत था और उसके होंठों पर एक तृप्ति भरी मुस्कान थी। सलमान ने मीना को चूमकर उसे अपनी बाहों में समेट लिया, और वे दोनों उसी हालत में कुछ देर तक पड़े रहे, जैसे वक्त वहीं रुक गया हो।