रीना जिम ट्रेनर की चु@@ई—>
रात के दस बज चुके थे और शहर की शोर-शराबे वाली गलियां धीरे-धीरे शांत हो रही थीं। जिम की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से बाहर की मद्धम रोशनी अंदर आ रही थी, जहाँ रोहन अकेला अपनी आखिरी एक्सरसाइज कर रहा था। जिम में सिर्फ रोहन और उसकी बेहद आकर्षक जिम ट्रेनर रीना बची थीं। रीना की उम्र लगभग 32 वर्ष थी, लेकिन उसकी मेहनत और कसरत ने उसके शरीर को किसी संगमरमर की मूर्ति की तरह तराश दिया था। जिम की पीली लाइटों में उसका पसीने से तरबतर शरीर और भी ज्यादा कामुक और चमकदार लग रहा था।
रीना ने उस दिन बहुत ही टाइट काले रंग की जिम लेगिंग्स पहनी थी, जो उसके उभारों को बहुत ही खूबसूरती से उभार रही थी। उसके भारी और गोल पिछवाड़े उस टाइट कपड़े में साफ नजर आ रहे थे, जो रोहन के मन में हलचल पैदा करने के लिए काफी थे। ऊपर उसने एक छोटा सा क्रॉप टॉप पहना था, जिसमें से उसके बड़े-बड़े तरबूज आधे बाहर झांक रहे थे। जब भी वो सांस लेती, उसके तरबूज ऊपर-नीचे होते और उन पर उभरे छोटे-छोटे मटर साफ दिखाई देते थे। उसकी कमर इतनी पतली थी कि कोई भी उसे एक हाथ से थाम ले, और उस पर चमकता हुआ पसीना उसे और भी ज्यादा उत्तेजक बना रहा था।
रोहन पिछले छह महीनों से रीना से ट्रेनिंग ले रहा था, लेकिन उसके मन में रीना के लिए सम्मान से कहीं ज्यादा आकर्षण बढ़ गया था। वह अक्सर कसरत करते हुए रीना के शरीर को चोरी-छिपे निहारता रहता था। रीना के चलने का अंदाज, उसकी खिलखिलाहट और उसका रोहन को छूकर कसरत समझाना, ये सब रोहन की रातों की नींद उड़ाने के लिए काफी था। रोहन जानता था कि रीना एक शादीशुदा महिला है, लेकिन उसका वैवाहिक जीवन कुछ खास ठीक नहीं चल रहा था, जिसका जिक्र उसने बातों-बातों में कई बार रोहन से किया था।
उस रात माहौल कुछ अलग था। रीना ने जिम का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया और रोहन के पास आकर खड़ी हो गई। उसकी खुशबू रोहन के नथुनों में समा रही थी। रीना ने धीरे से कहा, ‘आज तुम काफी थक गए हो रोहन, चलो थोड़ा स्ट्रेचिंग कर लेते हैं।’ रोहन ने बस सिर हिलाया, उसकी जुबान जैसे तालू से चिपक गई थी। रीना ने उसे मैट पर लेटने को कहा और उसके पैरों को पकड़कर स्ट्रेच करना शुरू किया। रीना के झुकते ही उसके तरबूज रोहन की आंखों के बिल्कुल सामने थे, और उन तरबूजों के बीच की गहरी खाई रोहन को अपनी ओर खींच रही थी।
रोहन की सांसें तेज होने लगी थीं और उसका खीरा उसकी पैंट के अंदर अपनी जगह बनाने के लिए छटपटाने लगा था। रीना ने रोहन की आंखों में देखा और उसे सब समझ आ गया। उसने जानबूझकर अपनी उंगलियां रोहन के जांघों पर धीरे से फिराईं। रोहन के पूरे शरीर में बिजली की एक लहर दौड़ गई। रीना ने धीरे से मुस्कुराते हुए कहा, ‘रोहन, क्या तुम्हें यहाँ कुछ तनाव महसूस हो रहा है?’ उसने रोहन के उभरे हुए खीरे की ओर इशारा किया। रोहन ने हिम्मत जुटाई और रीना का हाथ पकड़कर उसे अपने करीब खींच लिया।
रीना ने कोई विरोध नहीं किया, बल्कि वो खुद रोहन के ऊपर झुक गई। उनके होंठों के बीच की दूरी खत्म हुई और दोनों एक-दूसरे के मधुर मिलन में खो गए। रोहन ने रीना के रेशमी बालों में अपनी उंगलियां डाल दीं और उसके तरबूजों को अपने हाथों में भर लिया। वो तरबूज इतने नरम और गर्म थे कि रोहन को स्वर्ग जैसा अहसास हो रहा था। रीना ने आह भरते हुए अपने क्रॉप टॉप को उतार दिया, जिससे उसके विशाल तरबूज और उन पर लगे नन्हे मटर पूरी तरह आजाद हो गए। रोहन ने तुरंत एक मटर को अपने मुंह में ले लिया और उसे धीरे-धीरे चूसने लगा।
रीना की कराहें पूरे खाली जिम में गूंजने लगीं। उसने रोहन की पैंट की जिप खोली और उसके कड़क हो चुके खीरे को बाहर निकाल लिया। खीरे की लंबाई और मोटाई देखकर रीना की आंखों में चमक आ गई। उसने बिना देर किए रोहन के खीरे को अपने मुंह में ले लिया और उसे धीरे-धीरे चूसना शुरू किया। रोहन की आंखों के सामने अंधेरा छाने लगा, रीना का खीरा चूसना इतना आनंददायक था कि उसे लगा उसका रस अभी निकल जाएगा। रीना ने अपनी जीभ से खीरे के हर हिस्से को सहलाया और उसे पूरी तरह गीला कर दिया।
अब रीना की उत्तेजना भी चरम पर थी। उसने अपनी लेगिंग्स उतारी, जिससे उसकी बालों से ढकी हुई गहरी खाई साफ नजर आने लगी। उस खाई से प्राकृतिक रस बहकर बाहर आ रहा था। रोहन ने रीना को मैट पर लेटाया और उसकी खाई को अपनी उंगलियों से खोदना शुरू किया। रीना का शरीर धनुष की तरह मुड़ गया और वह जोर-जोर से आहें भरने लगी। रोहन ने अपनी जीभ नीचे ले जाकर उसकी खाई को चाटना शुरू किया। खाई का स्वाद इतना नशीला था कि रोहन उसे बार-बार चाटता रहा, जिससे रीना पागल होने लगी थी।
रीना ने रोहन को अपने ऊपर खींच लिया और उसके खीरे को अपनी खाई के मुहाने पर रखा। उसने धीरे से अपने कूल्हों को नीचे दबाया और रोहन का खीरा उसकी गरम और तंग खाई के अंदर समाने लगा। रीना की आंखों से आंसू और मुंह से सिसकियां निकलने लगीं क्योंकि रोहन का खीरा उसकी गहराई को छू रहा था। रोहन ने मजबूती से रीना के तरबूजों को पकड़ा और सामने से खोदना शुरू किया। हर धक्के के साथ रीना का पिछवाड़ा मैट से ऊपर उठ जाता और उसके मुंह से ‘ओह रोहन’ की आवाज निकलती।
दोनों के शरीर पसीने से भीग चुके थे और जिम के सन्नाटे में उनके शरीर के टकराने की आवाजें गूंज रही थीं। रोहन ने रीना को घुमाया और उसे पिछवाड़े से खोदने की पोजीशन में ले आया। रीना ने अपने हाथ मैट पर टिका दिए और उसका पिछवाड़ा हवा में ऊपर उठ गया। रोहन ने पीछे से अपना खीरा उसकी खाई में उतारा और तेज रफ्तार से खुदाई शुरू कर दी। रीना के तरबूज नीचे की ओर लटक रहे थे और हर धक्के के साथ हिल रहे थे। रीना की उत्तेजना अब बेकाबू हो रही थी, उसने चिल्लाते हुए कहा, ‘रोहन, मुझे और जोर से खोदो, आज मुझे पूरी तरह अपना बना लो।’
रोहन ने अपनी गति और बढ़ा दी। खुदाई इतनी गहरी और दमदार थी कि रीना का पूरा शरीर कांप रहा था। रीना की खाई के अंदर का तापमान बहुत बढ़ गया था और वह रोहन के खीरे को कसकर जकड़ रही थी। कुछ ही पलों में रीना का रस निकलने लगा, वह बुरी तरह कांपी और उसने रोहन को कसकर पकड़ लिया। ठीक उसी समय रोहन ने भी अपना सारा गरम रस रीना की खाई की गहराइयों में छोड़ दिया। दोनों एक-दूसरे से लिपटे हुए मैट पर गिर पड़े, उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं।
काफी देर तक दोनों उसी अवस्था में लेटे रहे। रोहन ने रीना के माथे को चूमा और उसके गीले शरीर को अपनी बाहों में समेट लिया। रीना के चेहरे पर एक असीम शांति और संतुष्टि के भाव थे। उसने रोहन के कान में फुसफुसाते हुए कहा, ‘आज तुमने मुझे वो दिया है जो मुझे सालों से नहीं मिला था।’ पसीने और थकान के बावजूद उनके दिलों में एक-दूसरे के लिए एक नया जुड़ाव पैदा हो गया था। जिम की वो रात उनके जीवन की सबसे यादगार और कामुक रात बन गई थी, जिसकी यादें हमेशा उनके दिलों में ताजा रहने वाली थीं।
अगले दिन जब वे जिम में मिले, तो उनकी आंखों में एक राज था। वे अब सिर्फ एक ट्रेनर और क्लाइंट नहीं थे, बल्कि एक गहरे और गुप्त रिश्ते में बंध चुके थे। उनकी मुलाकातें अब रोज होने लगीं, और हर रात जिम बंद होने के बाद वे अपनी अधूरी प्यास को इसी तरह बुझाते। रीना का शरीर और रोहन का जोश मिलकर हर बार एक नई कहानी लिखते। खुदाई का यह सिलसिला अब उनकी जिंदगी का सबसे खूबसूरत हिस्सा बन चुका था, जहाँ सिर्फ प्यार, स्पर्श और बेपनाह जिस्मानी सुकून था।