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रिया का सलोना प्यार


रिया का सलोना प्यार—>

पहाड़ों की उस ऊँची चोटी पर बने पुराने लकड़ी के बंगले के बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, और भीतर की खामोशी में केवल दो दिलों की धड़कनें सुनाई दे रही थीं। समीर खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर गिरती बूंदों को देख रहा था, लेकिन उसका सारा ध्यान पीछे सोफे पर बैठी अपनी साली रिया पर था, जिसकी साँसों की हल्की सी आवाज़ भी इस सन्नाटे में संगीत की तरह गूँज रही थी। समीर की पत्नी और रिया की बड़ी बहन किसी काम से शहर गई हुई थीं और भूस्खलन के कारण रास्ता बंद होने से उन्हें वापस आने में कल तक का समय लगने वाला था। इस एकांत ने समीर और रिया के बीच उस अनकही भावना को और भी गहरा कर दिया था जो पिछले कई सालों से उनके बीच दबी हुई थी, और आज वह भावना किसी ज्वालामुखी की तरह फटने को बेताब लग रही थी।

रिया ने आज गहरे नीले रंग की शिफॉन की साड़ी पहनी थी, जिसके साथ उसने एक गहरे गले का मखमली ब्लाउज पहना था जो उसके सलोने बदन पर बिजली की तरह चमक रहा था। उसकी लंबी और सुराहीदार गर्दन पर पसीने की कुछ नन्हीं बूंदें चमक रही थीं, जो शायद गर्मी से नहीं बल्कि उस बेचैनी से पैदा हुई थीं जो समीर की मौजूदगी ने उसके भीतर भर दी थी। जब वह उठी और समीर के पास आकर खड़ी हुई, तो उसके जिस्म से उठने वाली चमेली की खुशबू ने समीर के होश फाख्ता कर दिए। रिया की आँखों में एक अजीब सी चमक थी, एक ऐसी प्यास जिसे वह वर्षों से पीती आ रही थी, और समीर उसकी सुडौल देह और उसके चेहरे की उस मासूमियत और उत्तेजना के मिश्रण को देखकर खुद को हारता हुआ महसूस कर रहा था।

समीर ने मुड़कर रिया की ओर देखा और पाया कि वह बहुत करीब खड़ी थी, इतनी करीब कि उसकी साँसों की गर्माहट समीर के चेहरे पर महसूस हो रही थी। रिया ने धीरे से कहा, ‘जीजू, क्या आपको डर नहीं लगता इस खामोशी से, ऐसा लगता है जैसे यह रात हमें निगल लेगी या फिर हमसे कोई ऐसा सच बुलवा लेगी जिसे हम छिपाते आए हैं।’ समीर ने उसकी आँखों में गहराई से झांकते हुए उसके काँपते हुए हाथों को अपने हाथों में ले लिया और धीमी आवाज़ में उत्तर दिया, ‘डर तो उस सच के छिपने से लगता है रिया, जो दिल के किसी कोने में घुट रहा है, आज की रात शायद उस सच को आजाद करने की रात है।’ रिया के चेहरे पर शर्म की एक सुर्खी दौड़ गई और उसने अपनी पलकें झुका लीं, लेकिन उसका हाथ समीर की पकड़ में और भी कस गया।

उस कमरे में जल रही मद्धम रोशनी उनके बीच की दूरी को मिटाने का काम कर रही थी और समीर ने महसूस किया कि रिया का शरीर एक अज्ञात सिहरन से कांप रहा था। उसने बहुत ही कोमलता से रिया की ठुड्डी को ऊपर उठाया और उसकी आँखों में झाँका, जहाँ समर्पण और आकर्षण का एक समंदर हिलोरें मार रहा था। रिया ने अपनी आँखें मूँद लीं और एक लंबी आह भरी, जैसे वह समीर के स्पर्श के जादुई असर को अपने रोम-रोम में महसूस करना चाहती हो। समीर की उंगलियाँ धीरे-धीरे रिया के गालों पर रेंगने लगीं, जैसे वे उस मखमली त्वचा की कोमलता को नाप रही हों, और हर स्पर्श के साथ रिया के शरीर में एक नई लहर दौड़ जाती थी जो उसे और भी करीब खींच रही थी।

झिझक अब धीरे-धीरे पिघल रही थी और उसकी जगह एक गहरे अनुराग ने ले ली थी, समीर का हाथ अब रिया की कमर पर था, जहाँ साड़ी का कपड़ा थोड़ा हटा हुआ था। उस नग्न त्वचा के स्पर्श ने जैसे समीर के भीतर बिजली का करंट दौड़ा दिया, और रिया ने हल्की सी कराह के साथ अपना सिर समीर के कंधे पर रख दिया। ‘समीर…’, उसने पहली बार उसे नाम से पुकारा था, और उसके मुँह से अपना नाम सुनकर समीर का दिल ज़ोर-से धड़कने लगा। उसने रिया को और भी करीब खींच लिया, इतना करीब कि उनके बीच हवा के गुजरने की भी जगह न बची और रिया की छाती समीर की चौड़ी छाती से सट गई, जिससे दोनों की धड़कनें एक-दूसरे में विलीन होने लगीं।

समीर ने झुककर रिया के कान के पास अपनी गर्म साँसें छोड़ते हुए फुसफुसाया, ‘तुम जानती हो रिया, मैंने कितनी रातें इस पल का सपना देखते हुए बिताई हैं, तुम्हारा यह रूप, तुम्हारी यह खुशबू मुझे पागल कर देती है।’ रिया की पकड़ समीर की शर्ट पर और भी मजबूत हो गई और उसने अपनी गर्दन पीछे की ओर झुका दी, जिससे समीर को उसकी सुराहीदार गर्दन पर अपने होंठ रखने का रास्ता मिल गया। समीर के होंठों का कोमल स्पर्श जब रिया की गर्दन पर हुआ, तो उसके मुँह से एक मदहोश कर देने वाली आह निकली और उसके पैर जैसे ज़मीन छोड़ चुके थे। वह पूरी तरह से समीर के बाहों के घेरे में सुरक्षित और समर्पित महसूस कर रही थी, और उसकी हर सिहरन समीर को और भी आगे बढ़ने के लिए उकसा रही थी।

बाहर बारिश की रफ़्तार और तेज़ हो गई थी और खिड़की पर टकराती बूंदों का शोर जैसे उनके भीतर के शोर को दबा रहा था, समीर ने रिया को धीरे से उठाकर बिस्तर की ओर ले जाना शुरू किया। रिया ने अपना चेहरा समीर के गले में छिपा लिया था, उसकी गरम साँसें समीर की त्वचा को जला रही थीं और उसके नन्हे हाथ समीर की पीठ पर बेचैनी से घूम रहे थे। जैसे ही समीर ने उसे मखमली बिस्तरे पर लेटाया, रिया की साड़ी का पल्लू फर्श पर जा गिरा, जिससे उसके शरीर का वह आकर्षण पूरी तरह से समीर की नज़रों के सामने आ गया जिसे उसने हमेशा अपनी कल्पनाओं में सजाया था। समीर ने घुटनों के बल बैठकर रिया के चेहरे को थाम लिया और उसे इतनी गहराई से चूमा कि वक्त जैसे ठहर गया हो।

उनका प्रेम अब किसी भी सीमा को मानने को तैयार नहीं था, हर स्पर्श एक नई कहानी लिख रहा था और हर चुंबन एक पुराने ज़ख्म को भर रहा था। समीर के हाथ जब रिया के बदन के उतार-चढ़ाव को सहला रहे थे, तो रिया के शरीर से निकलने वाला पसीना उनकी निकटता की गवाही दे रहा था। रिया ने अपनी आँखें खोलकर समीर को देखा, उसकी आँखों में एक ऐसी चमक थी जो केवल पूर्ण प्रेम और विश्वास से आती है। उसने समीर को अपनी ओर खींचा और उनके जिस्म एक-दूसरे में इस तरह उलझ गए जैसे दो धागे मिलकर एक मजबूत रस्सी बन जाते हैं। उस रात कमरे की दीवारों ने दो रूहों के मिलन की वो गूँज सुनी जो शब्दों से परे थी और केवल एहसासों से बुनी गई थी।

पूरी घनिष्ठता के उस चरम क्षण में, जब दोनों की साँसें एक सुर में चल रही थीं, समीर और रिया ने महसूस किया कि यह केवल शारीरिक मिलन नहीं था बल्कि दो व्याकुल आत्माओं का संगम था। रिया के मुँह से निकलने वाली दबी हुई कराहें और समीर की भारी साँसें उस कमरे के वातावरण को और भी अधिक कामुक और पवित्र बना रही थीं। उन्होंने एक-दूसरे को इतनी शिद्दत से थामा हुआ था जैसे अगर वे एक पल के लिए भी ढीले पड़े, तो यह जादुई दुनिया बिखर जाएगी। प्रेम की वह अग्नि जो वर्षों से धीमी आंच पर जल रही थी, आज पूरी ऊर्जा के साथ प्रज्वलित हो उठी थी, जिसमें उनकी सारी झिझक और लोक-लाज स्वाहा हो चुकी थी।

जब वह तूफान थम गया और शांति छाई, तो समीर ने रिया को अपनी बाहों में समेट लिया और उसके माथे को चूम लिया। रिया अभी भी समीर की छाती पर अपना सिर रखे हुए भारी साँसें ले रही थी, उसका शरीर अभी भी उस सुखद थकान और मधुर सिहरन से कांप रहा था। कमरे में अब केवल बारिश की रिमझिम और उनकी शांत होती धड़कनों की आवाज़ थी। समीर ने धीरे से कहा, ‘रिया, आज मैंने तुम्हें नहीं, बल्कि अपने जीवन के सबसे सुंदर सच को पाया है।’ रिया ने मुस्कुराते हुए ऊपर देखा, उसकी आँखों में अब कोई डर नहीं था, बल्कि एक सुकून था जो केवल सच्चे समर्पण के बाद ही मिलता है। वह रात उनके जीवन की सबसे यादगार और भावनात्मक रात बन गई थी, जिसने उनके रिश्ते को एक नया और गहरा अर्थ दे दिया था।

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