अवनि और समीर की खुदाई
गर्मियों की वह सुनहरी दोपहर आज भी समीर के जेहन में उतनी ही ताजा है जब वह अपने बड़े भाई के घर कुछ हफ्तों के लिए रुकने आया था। घर के पीछे का वह पुराना और उपेक्षित बगीचा जैसे अवनि भाभी की उदासी का प्रतिबिंब था, जहाँ बेतरतीब उगी झाड़ियाँ और सूखी मिट्टी किसी के … Read more