अवनि और समीर की खुदाई

गर्मियों की वह सुनहरी दोपहर आज भी समीर के जेहन में उतनी ही ताजा है जब वह अपने बड़े भाई के घर कुछ हफ्तों के लिए रुकने आया था। घर के पीछे का वह पुराना और उपेक्षित बगीचा जैसे अवनि भाभी की उदासी का प्रतिबिंब था, जहाँ बेतरतीब उगी झाड़ियाँ और सूखी मिट्टी किसी के … Read more

अधूरी चाहत की खुदाई

पुरानी हवेली के बंद कमरों में जब भी नमी की गंध आती, रोहन को अपने बचपन के वे दिन याद आ जाते जब वह गलियारों में दौड़ता फिरता था। लेकिन इस बार जब वह विदेश से पढ़ाई पूरी करके लौटा, तो हवेली का सन्नाटा उसे डराने लगा था। उसी सन्नाटे के बीच मीरा भाभी एक … Read more

मीरा साली संग खुदाई

गर्मी की उन तपती दोपहरों के बाद जब आसमान से रिमझिम बारिश की बूंदें धरती की प्यास बुझाने उतरी थीं, तब आर्यन अपनी ससुराल पहुँचा था। घर के बरामदे में मिट्टी की सोंधी महक और चारों तरफ फैली हरियाली ने एक अलग ही जादुई माहौल बना दिया था। वहां उसकी नजर मीरा पर पड़ी, जो … Read more

नैना मौसी और जज्बातों की खुदाई

नैना मौसी और जज्बातों की खुदाई—> नैना मौसी का वह पुराना पुश्तैनी घर हमेशा से ही यादों का एक पिटारा रहा है, जहाँ हर कोने में बचपन की कोई न कोई शरारत छुपी हुई थी। जब मैं सालों बाद उस हवेली की देहलीज पर खड़ा हुआ, तो ठंडी हवा के एक झोंके ने मेरा स्वागत … Read more

कियारा साली की खुदाई

पुरानी हवेली के पिछवाड़े में स्थित उस प्राचीन तहखाने की खुदाई का काम पिछले कई दिनों से चल रहा था, जहाँ समीर अपनी विशेषज्ञता के साथ मिट्टी की परतों के नीचे दबे इतिहास को खोजने में व्यस्त था। समीर एक गंभीर स्वभाव का वास्तुकार था, जिसके लिए पत्थर और मिट्टी की भाषा समझना आसान था, … Read more

कविता चाची की खुदाई

गर्मियों की वह एक बोझिल और सुनहरी दोपहर थी, जब समीर अपने पुश्तैनी शहर वापस लौटा था। घर के पिछवाड़े में बरसों पुराने बगीचे की कायापलट करने की तैयारी चल रही थी और वहाँ एक नए कुएं के लिए खुदाई का काम शुरू हो चुका था। कविता चाची, जो परिवार की सबसे शालीन और सुंदर … Read more

मीरा की पुरानी यादों की खुदाई

मीरा की पुरानी यादों की खुदाई—> समीर ने जैसे ही उस पुराने लकड़ी के दरवाजे पर दस्तक दी, उसके दिल की धड़कनें एक अजीब सी बेचैनी के साथ तेज हो गई थीं। आठ साल लंबे अंतराल के बाद वह इस शहर में वापस लौटा था, और इस घर की खुशबू आज भी वैसी ही थी, … Read more

अजनबी मीरा संग खुदाई

अजनबी मीरा संग खुदाई—>रात के सन्नाटे को चीरती हुई वह वातानुकूलित बस अपनी मंजिल की ओर बढ़ रही थी, और बाहर मूसलाधार बारिश ने माहौल को एक अलग ही रूमानियत से भर दिया था। समीर अपनी खिड़की वाली सीट पर बैठा था, लेकिन उसकी आँखों में नींद का नामो-निशान तक नहीं था, क्योंकि उसके बगल … Read more

मीरा और समीर के अरमानों की खुदाई

पुरानी हवेलियों की दीवारों में जो एक अजीब सी खामोशी और ठहराव होता है, वही ठहराव समीर को अपने पुश्तैनी घर में लौटते ही महसूस हुआ। समीर शहर की आपाधापी से दूर, अपने बड़े भाई के घर कुछ दिन बिताने आया था, जहाँ उसकी मुलाकात अपनी भाभी मीरा से हुई। मीरा, जिसका व्यक्तित्व किसी शांत … Read more

संजना मैम की खुदाई

संजना मैम की खुदाई—>बारिश की उन बूंदों ने जैसे पुराने जख्मों को फिर से हरा कर दिया था, जब आर्यन ने संजना मैम के घर की घंटी बजाई। दस साल बीत चुके थे, लेकिन उस पुरानी लकड़ी के दरवाजे के पीछे की खुशबू आज भी वैसी ही थी जैसी उसकी किशोरावस्था की यादों में बसी … Read more

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