माया भाभी की खुदाई

माया भाभी की खुदाई—> उस शाम जब आसमान से गिरती बूंदों ने मिट्टी की सोंधी खुशबू को चारों तरफ फैला दिया था, सिद्धार्थ अपने पुराने पुश्तैनी घर की दहलीज पर खड़ा था। माया भाभी ने जैसे ही दरवाजा खोला, उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक और चेहरे पर वर्षों की थकान एक साथ झलक … Read more

Nisha Mausi Prem Khudai

Nisha Mausi Prem Khudai—> बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और पुरानी हवेली की खिड़कियों पर गिरती बूंदों का शोर एक अजीब सी मदहोशी पैदा कर रहा था। निशा मौसी खिड़की के पास खड़ी बाहर भीगते पेड़ों को देख रही थीं, उनकी नीली शिफॉन की साड़ी उनके शरीर से चिपक सी गई थी। आर्यन कमरे … Read more

रिया भाभी और खुदाई

गर्मियों की उन लंबी और सुस्त दोपहरियों में घर का पिछला हिस्सा हमेशा एक अजीब सी खामोशी में डूबा रहता था, जहाँ पुरानी यादें और धूल की परतें एक साथ जमा होती थीं। रिया भाभी, जो अपने सौम्य स्वभाव और अपार सुंदरता के लिए पूरे परिवार में जानी जाती थीं, ने उस दिन निश्चय किया … Read more

प्राचीन स्मृतियों की खुदाई

रेगिस्तान की तपती रेत के बीच जब समीर ने दस साल बाद अरण्या को देखा, तो समय जैसे वहीं ठहर गया जहाँ वे कॉलेज के आखिरी दिन बिछड़े थे। अरण्या अब एक प्रसिद्ध पुरातत्वविद् बन चुकी थी और इस ऐतिहासिक स्थल पर चल रही खुदाई का नेतृत्व कर रही थी। समीर, जो एक छायाकार के … Read more

सान्या के अरमानों की खुदाई

मूसलाधार बारिश की वह शाम कुछ अलग ही मिजाज लेकर आई थी। आर्यन अपने नए फ्लैट की बालकनी में खड़ा बाहर की धुंधली दुनिया को देख रहा था, जहाँ बूंदें खिड़की के कांच से टकराकर अपनी ही एक कहानी बुन रही थीं। तभी बगल वाले फ्लैट का दरवाजा खुला और सान्या बाहर निकली। सान्या, जिसकी … Read more

समीर और रिया की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और मिट्टी की वह सौंधी खुशबू पूरे आंगन में फैल गई थी जिसे महसूस करते ही मन में एक अजीब सी हलचल होने लगती है। समीर अपनी ससुराल की उस पुरानी हवेली की बालकनी में खड़ा था जहाँ समय जैसे ठहर सा गया था। उसकी साली रिया, जो अब … Read more

शिल्पा की रेशमी खुदाई

शाम का धुंधलका धीरे-धीरे अपने पैर पसार रहा था और आसमान से गिरती बारिश की बूंदों ने मिट्टी की सौंधी खुशबू को पूरे वातावरण में घोल दिया था। समीर बरामदे में खड़ा उस भीगी हुई हरियाली को देख रहा था, जहाँ उसकी साली शिल्पा क्यारियों के बीच घुटनों के बल बैठी कुछ पुराने पौधों की … Read more

ट्रेनर आंचल की खुदाई

ट्रेनर आंचल की खुदाई—>जिम की शांत और मंद रोशनी में वातावरण कुछ अलग ही एहसास दिला रहा था। रात के दस बज चुके थे और जिम में केवल दो ही लोग बचे थे, आंचल और उसका सबसे समर्पित छात्र आर्यन। आंचल एक फिटनेस ट्रेनर थी, जिसका शरीर अनुशासन और मेहनत की एक जीती-जागती मिसाल था। … Read more

संगी अनीशा की खुदाई

बाहर पहाड़ियों पर मूसलाधार बारिश हो रही थी और कमरे के भीतर समीर और अनीशा एक दशक के बाद फिर से आमने-सामने थे। समीर ने कभी नहीं सोचा था कि बचपन की वह मासूम दोस्ती एक दिन इस मोड़ पर आकर खड़ी होगी, जहाँ शब्दों से ज़्यादा खामोशियाँ बोलने लगेंगी। अनीशा की आँखों में वही … Read more

अनन्या और समीर की खुदाई

समीर के पुराने मोहल्ले की गलियों में आज भी वही मिट्टी की सौंधी खुशबू महक रही थी, जो उसे उसके बचपन के उन सुनहरे और मासूम दिनों की याद दिला रही थी जब वह अनन्या दीदी के पास ट्यूशन पढ़ने जाया करता था। अनन्या, जो अब एक परिपक्व और पहले से कहीं अधिक लुभावनी महिला … Read more

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