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अनजानी चाहत की खुदाई

अनजानी चाहत की खुदाई—>शहर की चकाचौंध से दूर, नीले आसमान के नीचे बसी उस पुरानी इमारत की तीसरी मंज़िल पर मीरा ने कदम रखा ही था कि उसकी नज़र सामने वाले फ्लैट की खुली छत पर पड़ी। शाम का ढलता सूरज अपनी सुनहरी किरणें बिखेर रहा था और वहां एक शख्स, बदन पर बिना किसी … Read more

नैना भाभी की खुदाई

बाहर रिमझिम बारिश की बूंदें मिट्टी की सोंधी खुशबू को हवाओं में घोल रही थीं और घर के भीतर सन्नाटे की एक गहरी चादर लिपटी हुई थी, जिसमें सिर्फ धड़कनों की गूँज सुनाई दे रही थी। नैना भाभी, जिनके व्यक्तित्व में एक अजीब सी सौम्यता और आकर्षण का मिश्रण था, बालकनी के पास खड़ी खिड़की … Read more

रिया और समीर की यादों की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, जैसे आसमान अपनी सदियों की प्यास बुझाने के लिए धरती से लिपट जाने को बेताब हो। समीर अपनी दीदी के ससुराल में पिछले दो दिनों से रुका हुआ था, लेकिन आज दीदी और जीजू किसी जरूरी काम से शहर गए हुए थे। घर के उस शांत कोने में समीर … Read more

अंजलि और समीर की खुदाई

अंजलि और समीर की खुदाई—>समीर आज पूरे सात साल बाद अपनी पुरानी कॉलेज प्रोफेसर अंजलि के घर के सामने खड़ा था। शहर की शोर-शराबे वाली गलियों से दूर, एक शांत कोने में बना वह पुराना बंगला अपनी दीवारों पर लिपटी बेलों के साथ बहुत ही रहस्यमयी और खूबसूरत लग रहा था। समीर के दिल की … Read more

अजनबी मीरा संग सफर की खुदाई

रात के साढ़े बारह बज रहे थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी, बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी जिसकी बूंदें खिड़की के शीशे पर एक संगीत सा पैदा कर रही थीं। केबिन के भीतर की मद्धम नीली रोशनी एक अजीब सी शांति और मादकता का माहौल बना रही … Read more

मीरा भाभी की खुदाई

मीरा भाभी की खुदाई—> घर के पिछवाड़े का वह पुराना बगीचा बरसों से वीरान पड़ा था, लेकिन आज मीरा भाभी ने उसे फिर से जीवित करने का निर्णय लिया था। अर्णव जब शहर से अपनी छुट्टियाँ बिताने घर वापस आया, तो उसने देखा कि मीरा भाभी धूप में खड़ी सूखी ज़मीन की ओर एक उम्मीद … Read more

माया भाभी की खुदाई

माया भाभी की खुदाई—> उस शाम जब आसमान से गिरती बूंदों ने मिट्टी की सोंधी खुशबू को चारों तरफ फैला दिया था, सिद्धार्थ अपने पुराने पुश्तैनी घर की दहलीज पर खड़ा था। माया भाभी ने जैसे ही दरवाजा खोला, उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक और चेहरे पर वर्षों की थकान एक साथ झलक … Read more

Nisha Mausi Prem Khudai

Nisha Mausi Prem Khudai—> बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और पुरानी हवेली की खिड़कियों पर गिरती बूंदों का शोर एक अजीब सी मदहोशी पैदा कर रहा था। निशा मौसी खिड़की के पास खड़ी बाहर भीगते पेड़ों को देख रही थीं, उनकी नीली शिफॉन की साड़ी उनके शरीर से चिपक सी गई थी। आर्यन कमरे … Read more

रिया भाभी और खुदाई

गर्मियों की उन लंबी और सुस्त दोपहरियों में घर का पिछला हिस्सा हमेशा एक अजीब सी खामोशी में डूबा रहता था, जहाँ पुरानी यादें और धूल की परतें एक साथ जमा होती थीं। रिया भाभी, जो अपने सौम्य स्वभाव और अपार सुंदरता के लिए पूरे परिवार में जानी जाती थीं, ने उस दिन निश्चय किया … Read more

प्राचीन स्मृतियों की खुदाई

रेगिस्तान की तपती रेत के बीच जब समीर ने दस साल बाद अरण्या को देखा, तो समय जैसे वहीं ठहर गया जहाँ वे कॉलेज के आखिरी दिन बिछड़े थे। अरण्या अब एक प्रसिद्ध पुरातत्वविद् बन चुकी थी और इस ऐतिहासिक स्थल पर चल रही खुदाई का नेतृत्व कर रही थी। समीर, जो एक छायाकार के … Read more

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