अनजानी चाहत की खुदाई
अनजानी चाहत की खुदाई—>शहर की चकाचौंध से दूर, नीले आसमान के नीचे बसी उस पुरानी इमारत की तीसरी मंज़िल पर मीरा ने कदम रखा ही था कि उसकी नज़र सामने वाले फ्लैट की खुली छत पर पड़ी। शाम का ढलता सूरज अपनी सुनहरी किरणें बिखेर रहा था और वहां एक शख्स, बदन पर बिना किसी … Read more