निर्मला ताई की चु@@ई
बाहर सावन की वह पहली मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिसने धरती की प्यास बुझाने के साथ-साथ हवा में एक ऐसी सोंधी खुशबू घोल दी थी जो सीधे रूह को छू रही थी। निर्मला ताई पुराने पुश्तैनी घर की रसोई में खड़ी चाय के लिए अदरक कूट रही थीं, और उनके हाथों की चूड़ियों की … Read more