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ऑफिस वाली गहरी चु@@ई

रात के दो बज रहे थे और गगनचुंबी इमारत के पच्चीसवें माले पर स्थित इस कॉर्पोरेट दफ्तर में चारों ओर गहरा सन्नाटा पसरा हुआ था। मीरा अपनी मेज पर झुकी हुई फाइलों में उलझी हुई थी, लेकिन उसका ध्यान बार-बार अपने केबिन के बाहर खड़े समीर की ओर जा रहा था। समीर, जो उसका सीनियर … Read more

मालकिन के संग दफ्तर की चु@@ई

दफ्तर की उस गगनचुम्बी इमारत की चौदहवीं मंजिल पर सन्नाटा पसरा हुआ था और बाहर शहर की रोशनियां किसी सजे हुए कालीन की तरह बिछी हुई थीं। रात के दो बज रहे थे और आर्यन अभी भी अपनी मेज पर झुका हुआ कल सुबह होने वाली बड़ी प्रेजेंटेशन की फाइलों को दुरुस्त कर रहा था। … Read more

ऑफिस वाली गरम चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस की विशाल इमारत में सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ हमारी केबिन की लाइट्स जल रही थीं क्योंकि प्रोजेक्ट की डेडलाइन सुबह की थी। प्रिया मेरे बगल वाली मेज पर बैठी लगातार टाइपिंग कर रही थी। वह आज बहुत ही आकर्षक लग रही थी, उसने एक तंग सफेद … Read more

परिवार मे चु@#ई का मजा पार्ट 1

ये कहानी एक ऐसी फैमिली की है जिसकी किस्मत कुछ अजीब है। हर एक शख्स बस रस चूसने और खुदाई के चक्रव्यूह में फंसा हुआ है। हर किसी के दिल में कुछ हसरतें हैं, कुछ एहसास हैं, कुछ भावनाएं हैं। कुछ लोग तो दिल की हसरतों को अपने दिल में ही दबा रख कर दिल … Read more

कमलनाथ ने अपनी बहू चो@द दी

हेलो दोस्तों, मैं आपके लिए एक गरमागरम देसी स@@ी कहानी लेकर आया हूँ, जो आपके दिल और जिस्म दोनों को गर्म कर देगी। उम्मीद है ये आपको बेहद पसंद आएगी। कमलनाथ, 45 साल का एक मर्द, जिसकी बीवी देवयानी की मौत दो साल पहले हो चुकी थी। अब वो अकेला और असंतुष्ट था, उसका ल@@ड … Read more

खेते में मां को चो@@

 शाम ढल रही थी, गाँव के बाहर फैले हरे-भरे खेतों में धान की रोपाई का काम लगभग खत्म हो चुका था। शकुंतला, जो अब ३६ साल की हो चुकी थी, अपनी गोरी चमकती त्वचा, पतली कमर और भरे-पूरे शरीर के साथ खेत में काम कर रही थी। उसके बड़े-बड़े तरबूज जैसे स्तन ब्लाउज में कसकर … Read more

ट्रेन की वो आखिरी रात

सोनाली ट्रेन की AC 2-टियर में ऊपरी बर्थ पर लेटी थी। रात के 2 बज चुके थे। ट्रेन दिल्ली से मुंबई जा रही थी, और बाहर अंधेरा इतना गहरा था कि सिर्फ़ खिड़की से गुजरती लाइट्स की झलक दिखती थी। सोनाली की हल्की नीली सलवार-कमीज़ थोड़ी सी सिकुड़ी हुई थी, और कमीज़ के ऊपर के … Read more

चलती बस में अजनबी से खुदाई

राहुल शहर से अपने गाँव जा रहा था। रात की आखिरी बस थी, जो देर रात निकली थी। बस में मुश्किल से दस-बारह सवारियाँ थीं। बारिश हो रही थी, खिड़कियाँ बंद थीं, और अंदर की लाइटें हल्की-हल्की जल रही थीं। राहुल की सीट के बगल में एक महिला बैठी थी, उम्र करीब ३५ साल की, … Read more

मां को मिली बेर तोड़ने को सजा पार्ट 2

हम ननिहाल पहुंचे तो नानी ने दरवाजे पर खड़े होकर हमें गले लगाया, पूछ रही थीं – “कैसी रही यात्रा? थकी तो नहीं?” मा मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनकी मुस्कान में वो छुपी हुई आग थी जो मैं अब पढ़ सकता था। चाय-पानी, मिठाई, सब चला। रात का खाना खाते वक्त भी बातें चलती रहीं … Read more

मां को मिली बेर तोड़ने की सजा पार्ट 2

 हम ननिहाल पहुंचे तो नानी ने दरवाजे पर खड़े होकर हमें गले लगाया, पूछ रही थीं – “कैसी रही यात्रा? थकी तो नहीं?” माँ मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनकी मुस्कान में वो छुपी हुई आग थी जो मैं अब समझ सकता था। चाय-पानी, मिठाई, सब चला। रात का खाना खाते वक्त भी बातें चलती रहीं … Read more

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