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मैनेजर संग केबिन चु@@ई

मैनेजर संग केबिन चु@@ई—>रात के करीब ग्यारह बज रहे थे और शहर के आलीशान कॉर्पोरेट ऑफिस की चौदहवीं मंजिल पर सन्नाटा पसरा हुआ था। केबिन की बड़ी-बड़ी कांच की खिड़कियों से बाहर की रोशनी धुंधली दिखाई दे रही थी। विक्रम, जो कंपनी का सीनियर मैनेजर था, अपने बड़े से केबिन में बैठा कुछ फाइलों को … Read more

सेक्रेटरी की गर्म चु@@ई

ऑफिस की उस ऊँची इमारत की अठारहवीं मंजिल पर सन्नाटा पसरा हुआ था, केवल एयर कंडीशनर की हल्की सी गूँज ही उस खामोशी को तोड़ रही थी। रोहन अपने केबिन में बैठा लैपटॉप पर उंगलियाँ चला रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार बाहर अपनी केबिन के ठीक सामने बैठी अपनी सेक्रेटरी मेघा पर जा रहा … Read more

ऑफिस की रसीली चु@@ई

ऑफिस की रसीली चु@@ई—>रात के करीब बारह बज रहे थे और पूरे कॉर्पोरेट ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिवाय उस एक केबिन के जहाँ अनन्या और समीर प्रोजेक्ट की डेडलाइन को पूरा करने में जुटे थे। अनन्या, जो इस फर्म की सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर थी, अपनी उम्र के तीसवें पड़ाव पर थी और उसकी … Read more

ऑफिस वाली गरम चु@@ई

ऑफिस वाली गरम चु@@ई —> रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस के उस विशाल केबिन में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिवाय एयर कंडीशनर की हल्की घरघराहट के। समीर अपनी मेज पर बैठा फाइलों में उलझा था, लेकिन उसकी नजरें बार-बार सामने बैठी अपनी कलीग काव्या पर जा टिकती थीं। काव्या एक गहरे नीले … Read more

सफर की मदहोश चु@@ई

सफर की मदहोश चु@@ई—> रात के साढ़े ग्यारह बज रहे थे और दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। ट्रेन के एसी फर्स्ट क्लास के कूपे में एक अजीब सी खामोशी और गर्माहट घुली हुई थी। विक्रम, जो पेशे से एक आर्किटेक्ट था, अपनी निचली बर्थ … Read more

रसीली साली की चु@@ई

रसीली साली की चु@@ई—>रात के सन्नाटे में जब पूरी दुनिया सो रही थी, तब मेरे कमरे की हवा कुछ अलग ही कहानी बयां कर रही थी। मेरी पत्नी पूजा अपने मायके गई हुई थी और घर में मेरे साथ मेरी साली कविता रुकी हुई थी, जो अपने कॉलेज की छुट्टियों का आनंद लेने आई थी। … Read more

जवान भाभी की चु@@ई

दोपहर की उस तपती हुई खामोशी में पूरा घर जैसे नींद की आगोश में डूबा हुआ था, लेकिन करण की आँखों में नींद का दूर-दूर तक कोई नामोनिशान नहीं था। वह अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा बाहर की लू को देख रहा था, पर उसका मन कहीं और ही भटक रहा था। बगल … Read more

प्यारी चाची की चु@@ई

दोपहर की चिलचिलाती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे की चादर ओढ़े सोया हुआ था, लेकिन मीना चाची के घर के भीतर एक अलग ही बेचैनी और गर्माहट सांस ले रही थी। आर्यन अपनी चाची के साथ ड्राइंग रूम में बैठा हुआ था, जहाँ कूलर की ठंडी हवा के बावजूद माहौल में एक अजीब सी उत्तेजना … Read more

होटल वाली चु@@ई

अजनबी शहर की उस धुंधली शाम में समीर अपने होटल के गलियारे में धीरे-धीरे बढ़ रहा था। वह थका हुआ था, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। तभी उसकी नज़र अपने कमरे के बगल वाले दरवाज़े पर पड़ी, जहाँ एक बेहद खूबसूरत महिला खड़ी थी। उसने गहरे नीले रंग की रेशमी साड़ी … Read more

सफर वाली तीखी चु@@ई

सफर वाली तीखी चु@@ई—>राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी और बाहर छाया घना अंधेरा खिड़की के शीशे से टकराकर वापस लौट रहा था। कोच के भीतर मद्धम रोशनी फैली हुई थी और एयर कंडीशनर की हल्की सरसराहट के बीच केवल ट्रेन के पहियों की गूंज सुनाई दे रही थी। राघव … Read more

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