एकांत दोपहर में सुनीता भाभी की रेशमी खुदाई
गर्मी की वो आलसी दोपहर थी जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद में सोया हुआ था, लेकिन रोहन की आंखों में नींद का नामोनिशान नहीं था। वह खिड़की से सामने वाले घर की ओर देख रहा था जहाँ सुनीता भाभी अपने बरामदे में कपड़े सुखा रही थीं। सुनीता भाभी की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी, … Read more