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पड़ोसन और प्रेम की खुदाई

शहर की उस पुरानी और जर्जर सी दिखने वाली इमारत में सुहानी का आना किसी ताजी हवा के झोंके जैसा था, जिसने मेरे नीरस जीवन की धूल झाड़ दी थी। वह मेरे ठीक बगल वाले फ्लैट में रहने आई थी और पहली ही मुलाकात में उसकी आँखों की गहराई ने मुझे अपने मोहपाश में बाँध … Read more

संजना संग प्रेम खुदाई

संजना संग प्रेम खुदाई—> उस रात की खामोशी में एक अजीब सी खनक थी, जैसे समय खुद अपनी रफ़्तार को ट्रेन की पटरियों के साथ मिलाने की कोशिश कर रहा हो। राजधानी एक्सप्रेस के उस सुनसान और धुंधले उजाले वाले केबिन में मेरा और संजना का आमना-सामना हुआ, जो मेरे लिए एक अजनबी थी, मगर … Read more

शालू और समीर की इश्किया खुदाई

शालू और समीर की इश्किया खुदाई—>मई की उस तपती दोपहर में जब सूरज अपनी पूरी शिद्दत के साथ तप रहा था, समीर अपनी छोटी सी दर्जी की दुकान में बैठा पुराने रेडियो पर बजते धीमे संगीत में खोया हुआ था। उसकी उंगलियाँ बड़ी नज़ाकत से मखमली कपड़े पर चाक से निशान बना रही थीं, तभी … Read more

समीर मास्टर और रिया की खुदाई

समीर की छोटी सी बुटीक नुमा दुकान में उस दिन एक अजीब सी रूहानियत और खामोशी पसरी हुई थी, जिसमें सिर्फ पुरानी सिलाई मशीन की लयबद्ध आवाज़ ही गूँज रही थी। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और दुकान के कांच के दरवाज़े पर पानी की बूंदें एक धुंधली सी परत बना रही थीं, जो … Read more

दर्जी संग अरमानों की खुदाई

शहर की उस संकरी गली में आर्यन की पुरानी सी दुकान थी, जहाँ कपड़ों के थानों के बीच वक्त जैसे ठहर सा जाता था। बाहर रिमझिम बारिश हो रही थी और सोंधी मिट्टी की खुशबू बंद कमरे के अंदर तक आ रही थी, जहाँ मीरा अपनी नई रेशमी साड़ी का ब्लाउज फिट करवाने आई थी। … Read more

रिया की अनकही खुदाई

बरसों बाद जब आर्यन उस पुराने शहर की गलियों से गुजर रहा था, तो उसकी धड़कनें एक अनजानी सी बेचैनी से लथपथ थीं। पुरानी यादों के मलबे से एक चेहरा उभर कर सामने आ रहा था—रिया, उसकी कॉलेज की वो प्रोफेसर जिसने न केवल उसे इतिहास पढ़ाया था, बल्कि जीवन के गहरे अर्थों से भी … Read more

सुहानी भाभी की खुदाई

पहाड़ों की उस सर्द रात में, जब बाहर बादलों ने अपना घेरा बना रखा था और रह-रहकर बिजली कड़क रही थी, सुहानी भाभी और मैं उस पुराने विला के बड़े से दीवान पर बैठे थे। खिड़की के कांच पर गिरती बूंदों की आवाज़ एक अजीब सा संगीत पैदा कर रही थी, जो दिल के भीतर … Read more

मीरा मौसी की भावनात्मक खुदाई

बारिश की वह शाम एक जादुई पर्दे की तरह गिर रही थी, जहाँ आसमाँ और ज़मीन के बीच का अंतर पूरी तरह धुंधला गया था। आर्यन बगीचे के उस एकांत कोने में खड़ा था जहाँ गीली मिट्टी की सोंधी और नशीली खुशबू हवा में गहरे तक घुली हुई थी, और उसके ठीक सामने उसकी मीरा … Read more

मासी की कोमल खुदाई

नेहा मासी और आर्यन का रिश्ता हमेशा से ही बहुत सहज और गहरा रहा था, लेकिन इस बार जब आर्यन अपनी गर्मियों की छुट्टियों में उनके घर आया, तो हवाओं में कुछ अलग ही एहसास घुला हुआ था। नेहा मासी का व्यक्तित्व किसी ठहरे हुए पानी की तरह शांत था, लेकिन उनकी आँखों की गहराई … Read more

पुरानी दोस्त श्रेया की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और नील अपने घर की खिड़की से गिरते पानी की बूंदों को एकटक देख रहा था, तभी अचानक दरवाजे की घंटी बजी और सामने श्रेया खड़ी थी। श्रेया, उसकी पुरानी स्कूल की दोस्त और बचपन का वह अधूरा सा क्रश, जिसे वह चाहकर भी कभी भुला नहीं पाया था, … Read more

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