चोर से@@स कहानी मैं से@@सी चु@@क्कड़ माल औरत हूँ. एक रात मेरे पति ने मुझे चु@@ा पर मुझे पूरा मजा नहीं आया. मैं छत पर जाकर अपनी चू@@त में उंगली करने लगी.
दोस्तो,
मेरा नाम मधु है और मेरी उम्र 30 साल है.
मेरी ग@@ड की साइज 36 इंच की है.
मेरे दू@@ 34 इंच के एकदम तने हुए और भरपूर रसीले आम जैसे हैं.
मेरी कमर 30 इंच की है और मेरा तन एकदम कसा हुआ है.
मेरा वजन 58 किलोग्राम के लगभग होगा.
मेरे लंबे काले रंग के घने बाल मेरी ग@@ड तक लहराते हैं.
मैं बेहद खूबसूरत और दिलकश महिला हूं.
मुझे देख कर सठियाए हुए बूढ़ों के लटके हुए ल@ंड भी कड़क हो जाते हैं.
मैं अब Xxx चोर से@@स कहानी शुरू करती हूं.
मैं भी से@@स में खूब इंटरेस्ट लेती हूँ.
मुझे से@@स की बातें करना और खुल कर ल@ंड, ब@@, चू@@त, भो@@ड़ा बोलना और सुनना बड़ा अच्छा लगता है.
मुझे चु@@ना बहुत पसंद है, मैं पक्की र@@ी के जैसी चु@@क्कड़ माल औरत हूँ.
मेरे पति का नाम अशोक है.
अशोक को भी मेरी चू@@त ग@@ड चु@@ना बहुत पसंद है.
वह मुझे रोज र@@ी के रूप में गाली देते हुए चु@@ता है.
यह बात सर्दियों के दिनों की है.
उस दिन मैंने और अशोक ने रात 7 बजे जल्दी खाना खाकर देर रात तक से@@स करने का प्लान बनाया.
अशोक उस दिन ही घर लौटा था और मैं कई दिनों से नहीं चु@@ी थी.
आज मेरा मन पूरी रात चु@@ने का था.
मुझे से@@स, रोमांस और फोरप्ले बहुत पसंद है.
मैंने अशोक से कहा- तुम खाना खाकर टहल आओ, तब तक मैं रूम डेकोरेट करती हूँ.
फिर मैं शॉवर लेकर कपड़े बदलने चली गई.
मैंने नाइटी पहनी और अन्दर लाल रंग की जालीदार ब्रा और पैंटी डाली.
अब तक मेरे पति भी टहल कर आ चुके थे.
उन्होंने शॉवर लिया और रूम में आ गए.
रात के 9 बज चुके थे.
हमने एक-दूसरे को देखा और किस करने लगे.
अशोक ने मुझे उठा लिया और मेरे कान में धीरे से बोला- आज तो तुम बहुत हॉट लग रही हो.
फिर उन्होंने मेरे होंठों पर किस कर दी.
धीरे-धीरे उन्होंने मेरी नाइटी खोलना शुरू किया, मेरी गर्दन पर किस किया और फिर मेरी नाइटी उतार दी.
मेरा न@@गा बदन देखकर अशोक का ल@ंड पूरी तरह खड़ा हो गया था.
वह बोला- आज तो तुम्हारी चू@@त बहुत प्यारी लग रही है.
फिर उसने धीरे से मेरी चू@@त पर हाथ रखा और मेरी पुत्तियों को मसलने लगा.
वह मेरे होंठों को चाटने लगा, मेरी चू@@ियां कड़क हो गई थीं.
वह जोर-जोर से मेरी गर्दन चु@@न लगा.
फिर उसने मुझे बिस्तर पर धकेल दिया.
उसका एक हाथ मेरी चू@@त पर था और दूसरा मेरी पीठ पर.
वह चु@@ता रहा, फिर उसने अपना लौ@@ा निकाला और उसे सहला कर मेरी ग@@ड पर रगड़ने लगा.
मैं अन्दर से पूरी तरह गर्म हो चुकी थी.
मैंने अशोक का लौ@@ा मुँह में लिया और जोर-जोर से चूसने लगी.
अशोक बोला- आज तो तुम्हारी चू@@त फाड़ दूँगा!
उसने अपने लौ@@े को मेरी चू@@त पर सैट किया.
मेरे अन्दर खुशी की लहर दौड़ रही थी.
मुझे चू@@त चुसवाना बहुत पसंद है और अशोक चू@@त चाटने में बहुत एक्सपर्ट है.
कुछ देर चू@@त चाटने के बाद उसने चु@@ई शुरू की और एक जोरदार धक्के से अपना पूरा ल@ंड मेरी चू@@त में डाल दिया.
मैं आह करके पूरा ल@ंड खा गई और उसका साथ देने लगी.
वह आगे-पीछे होकर मेरी चू@@त में धक्के देने लगा और मैं अपनी कमर उठाकर उसका साथ देने लगी.
पूरे कमरे में चु@@ई की आवाज़ें गूँज रही थीं.
अब मैं पूरी तरह गर्म हो चुकी थी.
मैं चाहती थी कि अशोक मुझे सारी रात यूं ही चु@@ता रहे, लेकिन अशोक का झ@@ गया.
मेरे अन्दर की आग अभी और भड़क रही थी.
मैंने पहले ही सोच लिया था कि आज मुझे लंबे समय तक चु@@ना है.
लेकिन अशोक झ@@ चुका था और वह सोने लगा था.
मेरे अन्दर की ह@@स शांत नहीं हो रही थी.
मुझे नींद नहीं आ रही थी, तो मैं अपना मूड ठीक करने छत पर हवा लेने चली गई.
मेरे अन्दर की आग अभी भी शांत नहीं हुई थी.
मैंने अपनी पैंटी उतारी और अपनी चू@@त को जोर-जोर से मसलने लगी.
उसी समय किसी ने पीछे से मेरी आंखों पर पट्टी बांध दी और मुझे जोर-जोर से किस करने लगा.
मैं चौंक गई, लेकिन समझ गई कि अशोक मेरी प्यास बुझाने आ गया है.
उसने मुझे अपनी बांहों में भर लिया और मेरे दोनों हाथ बांध दिए.
मैंने कहा- अशोक, तुम्हारी नींद कैसे खुल गई? ये क्या कर रहे हो?
फिर उसने पीछे से मेरे मुँह पर कपड़ा बांध दिया और धीरे से मेरे कान में बोला- शोर मत मचाना, पहले मेरी बात सुन लो!
मैं वैसे भी चिल्ला नहीं सकती थी क्योंकि मेरे मुँह पर कपड़ा बँधा हुआ था.
मैं घबरा गई और बोली- तुम कौन हो?
वह हँसते हुए कहने लगा- मैं तुम्हारे पति की तरह तुम्हारे हुस्न का शौकीन बन गया हूँ. मैं एक चोर हूँ और मैंने तुम्हारी चु@@ई को देखा है. तुम मुझे बेहद पसंद आ गई हो!
उसकी इस बात से मुझे अपने हुस्न पर कुछ गर्व हुआ.
उसने आगे कहा- मैंने देखा कि तुम्हारा पति जल्दी से झ@@ गया और तुम प्यासी रह गईं. फिर ऊपर आ गईं और अपनी कुलबुलाती हुई चू@@त से खेलने लगीं. तुम्हें इस तरह से अपनी आग बुझाते देखकर मेरा ल@ंड खड़ा हो गया है और अब मैं तुम्हारी प्यास बुझाऊंगा.
इतना कहकर उसने अपना ल@ंड मेरे होंठों पर लगा दिया.
वह बोला- अगर तुम्हारी मर्जी हो तो मैं आगे बढ़ूँगा, नहीं तो चला जाऊंगा!
मैं तो उसके ल@ंड से चु@@ना चाहती थी, इसलिए मैंने गर्दन हिलाकर हां कर दी!
फिर चोर ने मेरा मुँह खोल दिया और मैंने उसके लौ@@े को अपने मुँह में भर लिया.
यह पहली बार था, जब मैं किसी और मर्द का ल@ंड चूस रही थी.
उसने मेरी नाइटी उतार दी और मेरी चू@@त को चाटने लगा.
मेरे हाथ पीछे बंधे थे, इसलिए मैं कुछ कर नहीं पा रही थी.
वह मेरी चू@@त चाटने लगा और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
उसने अपनी जीभ मेरी चू@@त के अन्दर घुसा दी और जोर-जोर से चाटने लगा.
मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने कहा- प्लीज़, अब चु@@ो मुझे!
उसका ल@ंड बहुत मोटा था, मैंने इतना मोटा ल@ंड पहली बार अपने मुँह में लिया था, तो मेरी चू@@त की आग एकदम से भड़क गई थी.
उसने मुझसे टांगें फैलाने को कहा और थोड़ा झुका दिया.
फिर उसने मेरी एक टांग उठाकर अपना मोटा ल@ंड मेरी चू@@त में डाल दिया.
इतना मोटा और लंबा ल@ंड मैंने पहले कभी नहीं लिया था.
वह मेरी चू@@त में अपना पूरा ल@ंड पेल कर बहुत जोर-जोर से धक्के मारने लगा.
मैं आह आह करने लगी.
वह बोला- अभी से आह आह क्या करती है कुतिया … आज तो तुझे अच्छे से रगड़ कर चु@@ूँगा साली र@@ी!
मैं कुछ नहीं बोली क्योंकि मुझे चु@@वाते समय खुद के लिए गाली सुनना अच्छा लगता है.
फिर उसने मेरे एक दू@@ को चूसते हुए कहा- चल र@@ी अब पोज बदल मादरचोद, मैं अब तुम्हें डॉगी स्टाइल में चु@@ूँगा!
उसकी कुतिया बना कर चु@@ने की बात सुनकर मुझे बहुत अच्छा लगा क्योंकि मुझे डॉगी स्टाइल में लौ@@ा लेना बहुत पसंद है. इसमें ल@ंड मेरी चू@@त की गहराई तक जाता है.
मैं झट से उससे अलग हुई और कुतिया बन गई.
वह मेरे पीछे से आकर मुझे डॉगी स्टाइल में चु@@ने लगा.
वह मेरे दू@@ मसलते हुए बोला- तुम तो बहुत बड़ी र@@ी हो! आह साली कितना मजा डे रही है आह मां की लौ@@ी साली आज मैं तुम्हारी चू@@त फाड़ कर ही जाऊंगा!
मैं तो खुद यही चाहती थी कि यह चोर मेरी चू@@त का भो@@ड़ा बना कर ही जाए.
उसके मोटे लौ@@े से चु@@ने से मेरी वासना बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी.
काफी देर तक मुझे रगड़ रगड़ कर और जोर-जोर से धक्के मारने के बाद चोर मेरी चू@@त में ही झ@@ गया.
उसके झ@@ जाने से मैं एक बार पुनः निराश हो गई क्योंकि Xxx चोर से@@स में मेरी प्यास अभी भी पूरी नहीं मिटी थी.
मैं अभी और चु@@ना चाहती थी.
रात के 12:00 बज चुके थे पर मेरी प्यास अभी भी नहीं बुझी थी.
मैंने सोचा क्यों न मैं आज दो ल@ंडों से एक साथ चु@@ूँ?
चोर ने अपने कपड़े पहने लेकिन मैं इस मौके का पूरा फायदा उठाना चाहती थी इसलिए मैंने उसे रोकते हुए कहा कि तुम मुझे प्यासा छोड़ कर कैसे जा सकते हो!
वह बोला- मतलब?
मैंने जोर से कहा- मुझे आज एक साथ दो मर्दों से चु@@ना है! क्या तुम मेरी मदद करोगे?
चोर ने मुस्कुराते हुए कहा- यह कैसे होगा?
मैंने समझाया- मैं अपने रूम का दरवाजा खुला रखूँगी. जब मैं इशारा करूँ, तुम चाकू लेकर रूम में आ जाना और अशोक को डरा देना!
वह मुझसे पूरी प्लानिंग समझ कर मान गया और मुझे अपने पति के साथ चु@@ने के लिए राजी हो गया.
फिर मैं नीचे रूम में चली गई.
अशोक बिस्तर पर न@@गा सो रहा था.
मैं भी कपड़े उतार कर उसके साथ न@@गी लेट गई और अपनी ग@@ड से उसके ल@ंड को टच करने लगी.
धीरे-धीरे उसका ल@ंड खड़ा हो गया, फिर मैंने उसका ल@ंड कड़क करना चालू कर दिया.
अब तक अशोक जाग गया था और पूरी तरह गर्म हो चुका था.
तभी मैंने चोर को अन्दर आने का इशारा किया.
चोर ने चाकू लेकर अशोक को धमकाया और उसे कुर्सी पर रस्सी से बांध दिया.
अशोक का ल@ंड डर से बैठ गया.
चोर ने मेरी चादर को हटा दिया, मैं पूरी न@@गी थी.
फिर चोर ने अपने कपड़े उतारे और अपना मोटा ल@ंड मेरे होंठों पर लगा दिया. उसने मुझे धमकाते हुए ल@ंड चूसने का आदेश दिया.
मैंने उसका पूरा ल@ंड मुँह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी.
यह देखकर अशोक गर्म होने लगा और उसका ल@ंड धीरे-धीरे खड़ा होने लगा.
चोर भी पूरा गर्म हो रहा था.
चोर ने मेरी चू@@त चाटना शुरू कर दिया.
जिस तरह से ल@ंड से चू@@त को चु@@ा जाता है, वह उसी तरह से अपनी जीभ को चू@@त में डाल कर उसे चाटने लगा.
मैंने पूरी तरह अपने आपको चोर को समर्पित कर दिया और कहा- चु@@ो मुझे!
शायद चोर को मुझे और तड़पाने का मन था, तो वह मेरी चू@@त और जोर-जोर से चाटने लगा.
यह सब देखकर अशोक को अच्छा लग रहा था और उसका ल@ंड बहुत टाइट हो गया था.
फिर चोर ने मुझे अशोक का ल@ंड चूसने को कहा.
मैं अशोक का ल@ंड जोर-जोर से चूसने लगी.
इतने में चोर ने अपना मोटा ल@ंड पीछे से मेरी चू@@त में डाल दिया और जोर-जोर से चु@@ने लगा.
यह सब देखकर अशोक चोर से बोला- मेरे हाथ खोल दो, हम इस र@@ी को एक साथ चु@@ेंगे!
चोर ने अशोक के हाथ खोल दिए.
अशोक ने मुझे उठाकर बिस्तर पर लेटा दिया.
चोर ने अपनी जीभ मेरी चू@@त में डाल दी और मेरी चू@@त चाटने लगा.
मैं तो जैसे पागल सी होने लगी थी!
मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, लेकिन इतनी उत्तेजना को मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही थी.
लग रहा था जैसे मेरे अन्दर से कुछ निकलने वाला है.
मैंने अपने एक हाथ से चोर को रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका.
काफी देर तक ऐसे ही चलता रहा और रात के दो बज चुके थे.
फिर अशोक ने मुझे लेटा दिया और दोनों मेरे जिस्म को चाटने लगे.
चोर मेरे b@@bs चूस रहा था, वहीं अशोक मेरी चू@@त चाटने लगा.
मैं उत्तेजना में बह सी गई थी!
इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया था.
‘उम्म्ह … अहह … हय … याह … ओ माय गॉड … उफ्फ … अम्म … आह्हा … स्स्श …’
मैं तो जैसे मस्ती में बहने सी लगी थी.
काफी देर तक चुसाई होने के बाद चोर ने मुझे घोड़ी बना दिया और वह अपना ल@ंड मेरी चू@@त में डालने लगा.
चूंकि उसका ल@ंड बहुत ही ज़्यादा बड़ा था इसलिए वह अन्दर नहीं जा रहा था.
उसने मेरी चू@@त पर थूक लगाया और फिर से ल@ंड को चू@@त पर रखा.
ल@ंड को सैट करने के बाद उसने जोर से धक्का मारा तो उसके ल@ंड का सुपाड़ा अन्दर चला गया.
मेरी चीख निकल गई!
फिर उसने अपना ल@ंड धीरे-धीरे करके पूरा का पूरा अन्दर डाल दिया और धक्के लगाने लगा.
दर्द के मारे मैं चिल्ला रही थी- धीरे … आह्ह … धीरे बेबी … आह्ह … आह्ह … आराम से … डार्लिंग!
अशोक ने भी अपना ल@ंड मेरी ग@@ड के पास रखा और अन्दर डाल दिया.
मेरी ग@@ड में ल@ंड डालने के बाद उसने भी धक्के लगाना शुरू कर दिया.
‘आह मेरी चू@@त और ग@@ड फट जाएगी … आह्ह … उईई … माँ … आह्ह … आहह … ओह्ह!’
चोर और अशोक की स्पीड हर पल तेज़ हो रही थी.
उन दोनों के मुँह से आहह … आहह … की आवाज़ें तेज़ी से आने लगी थीं.
कुछ देर बाद मुझे बहुत ही ज़्यादा मज़ा आने लगा. दो ल@ंड मेरे जिस्म को भोग रहे थे.
मुझे से@@स का असली मज़ा आज ही आया था.
दो मर्दों से एक साथ चु@@ने में इतना मज़ा हो सकता है, मैंने कभी सोचा नहीं था!
फिर चोर ने अशोक को हटने को कहा और बोला- तुम्हारी बीवी की अब असली चु@@ई देखो!
उसने मुझसे घोड़ी बनने को कहा.
मैं घोड़ी बन गई.
वह मेरे पीछे आया, मेरे चू@@ड़ों को फैलाया, उसके लौ@@े के सुपारे ने मेरे छेद को छुआ और मेरे सारे बदन में एक सनसनी दौड़ गई.
फिर एक करारा धक्का और ल@ंड दनदनाता हुआ मेरी ग@@ड में घुस गया!
वह ल@ंड पेलने लगा, मैं मस्त होकर ग@@ड मरवाने लगी.
बीस मिनट की चु@@ई के बाद चोर झ@@ गया और अशोक को चु@@ने के लिए बोला.
अब अशोक मुझे चु@@ रहा था और चोर ने अपना ल@ंड मेरे मुँह में दे दिया.
मैंने चूस-चूस कर उसका ल@ंड फिर से खड़ा कर दिया.
अब चोर ने अपना ल@ंड मेरी ग@@ड में फिर से डाल दिया.
दोनों का ल@ंड एक साथ लेने का अहसास मैं कर रही थी, जो मुझे मज़ा भी दे रहा था.
मैं उन दोनों बंदों के बीच में सैंडविच बनकर चु@@ रही थी.
मुझे ऐसा आनन्द पहले कभी नहीं आया था!
मेरी हालत खराब हो गई थी, पर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी- और चु@@ो मुझे! मेरी चू@@त फाड़ दो आज!
वे दोनों मुझे और जोर-जोर से चु@@ने लगे.
अब मेरी हालत बहुत खराब हो चुकी थी, मैं झ@@ चुकी थी.
अशोक और चोर ने मेरे अन्दर अपना माल छोड़ दिया.
हम तीनों थक चुके थे इसलिए थककर लेट गए.
चोर ने अपने कपड़े पहने और जाने लगा.
तभी अशोक ने चोर से कहा- कल फिर आना!
चोर मुस्कुरा कर चला गया.