जोया भाभी की रूहानी चु@@ई
जोया भाभी की रूहानी चु@@ई—>उस शाम की खामोशी में एक अजीब सी बेचैनी थी, जो हवाओं में तैर रही थी। अर्जुन खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर गिरती बारिश की बूंदों को देख रहा था, लेकिन उसका मन कहीं और ही अटका हुआ था। बगल के कमरे में जोया भाभी अपनी मिट्टी की मूर्तियों को … Read more