जवान सौतेली माँ की खुदाई

शाम के ढलते सूरज की रोशनी कमरे की खिड़की से छनकर आ रही थी और पूरा कमरा एक सुनहरी आभा में नहाया हुआ था। समीर अपने बिस्तर पर लेटा हुआ था और उसका ध्यान बार-बार बगल वाले कमरे की तरफ जा रहा था जहाँ उसकी सौतेली माँ कविता तैयार हो रही थी। कविता अभी मात्र … Read more

साली की मदहोश खुदाई

साली की मदहोश खुदाई—> बरसात की उस भीगी हुई शाम में समीर अपनी साली कविता के घर पहुँचा था। कविता के पति शहर से बाहर थे और घर में सिर्फ कविता ही अकेली थी। जैसे ही समीर ने घर में कदम रखा, बाहर मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, मानो कुदरत ने भी उन दोनों को … Read more

कविता साली खुदाई

घर के सन्नाटे में घड़ी की टिक-टिक भी आज किसी धड़कन की तरह गूंज रही थी। समीर सोफे पर बैठा एक किताब पढ़ने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रसोई से आ रही बर्तनों की खनक और पायल की झंकार पर जा रहा था। उसकी साली कविता पिछले दो दिनों से उनके … Read more

समीर और कविता की जिम वाली चु@@ई

समीर और कविता की जिम वाली चु@@ई—>कविता पिछले कुछ महीनों से अपने बढ़ते वजन को लेकर काफी चिंतित थी, इसलिए उसने शहर के सबसे प्रतिष्ठित जिम ‘फ्लेक्स एंड फिटनेस’ में दाखिला लेने का फैसला किया। कविता की उम्र ३४ वर्ष थी, लेकिन उसका शरीर आज भी किसी २० साल की युवती की तरह आकर्षण से … Read more

अजनबी सीमा की चु@@ई

रात के ग्यारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। समीर अपनी सीट पर बैठा खिड़की से बाहर अंधेरे को ताक रहा था, लेकिन उसका ध्यान बाहर कम और अपनी सामने वाली बर्थ पर बैठी उस रहस्यमयी महिला पर ज्यादा था। सीमा, जो लगभग चौंतीस साल की … Read more

प्यारी भाभी की चु@@ई

प्यारी भाभी की चु@@ई—>दोपहर की उस तपती हुई खामोशी में हवेली का हर कोना जैसे किसी अनकही प्यास से झुलस रहा था। समीर अपनी किताबों में मन लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन रसोई से आती चूड़ियों की खनक और पायलों की छम-छम उसे बार-बार विचलित कर रही थी। सरिता भाभी घर में अकेली … Read more

कामुक कविता चाची की रसीली चु@@ई

कामुक कविता चाची की रसीली चु@@ई—> शहर की भीड़भाड़ और पढ़ाई के बोझ से थककर जब समीर अपनी चाची कविता के घर कुछ दिन बिताने पहुँचा, तो उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि यह शांत दिखने वाला घर उसकी दबी हुई इच्छाओं का ज्वालामुखी बन जाएगा। कविता चाची, जिनकी उम्र महज़ छत्तीस साल थी, अपने … Read more

अजनबी पड़ोसन की चु@@ई

अजनबी पड़ोसन की चु@@ई—>शहर की उस शोर-शराबे वाली रात में जब सन्नाटा धीरे-धीरे अपनी चादर फैला रहा था, रोहन अपनी बालकनी में खड़ा ठंडी हवा के झोंकों का आनंद ले रहा था। रोहन एक छरहरा और गठीले बदन वाला नौजवान था जिसकी उम्र करीब छब्बीस वर्ष थी। तभी उसकी नजर सामने वाली बालकनी पर पड़ी … Read more

रीना चाची की रसीली चु@@ई

रीना चाची की रसीली चु@@ई—>दोपहर की उस सुनसान और तपती हुई गर्मी में घर के भीतर एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी, जो किसी बड़े तूफान के आने का संकेत दे रही थी। समीर अपनी किताबों में मन लगाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रसोई से आती चूड़ियों की खनक … Read more

संजना भाभी की चु@@ई

संजना भाभी का व्यक्तित्व किसी मादक कविता जैसा था जिसे पढ़ते ही मन में हलचल मच जाए। उनकी उम्र करीब बत्तीस साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट अभी भी किसी मदहोश कर देने वाली सुराही की तरह ढली हुई थी। उनकी सांवली रंगत पर जब पसीने की बूंदें चमकती थीं, तो ऐसा लगता था … Read more

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