मास्टर जी और रेशमी ब्लाउज वाली मदहोश चु@@ई

मास्टर जी और रेशमी ब्लाउज वाली मदहोश चु@@ई—>गर्मी की वह तपती दोपहर आज भी अंजलि के जेहन में पूरी तरह ताज़ा है। सन्नाटे में डूबी उस शांत गली में जब मास्टर समीर ने उसके घर पर दस्तक दी, तो अंजलि के दिल की धड़कनें अचानक तेज़ हो गई थीं। वह अपने पुराने ब्लाउज की फिटिंग … Read more

जवान चाची की अधूरी हसरत और मेरी पहली चु@@ई

जवान चाची की अधूरी हसरत और मेरी पहली चु@@ई —> दोपहर की उस तपती हुई दोपहरी में गाँव की पुरानी हवेली के मोटे-मोटे पर्दों के पीछे एक अजीब सी खामोशी पसरी हुई थी। समीर अपनी चाची सरिता के कमरे के बाहर खड़ा अपनी धड़कनों को काबू करने की कोशिश कर रहा था। चाची पिछले कुछ … Read more

पुरानी यादें और तन्हाई में मैम की प्यासी चु@@ई

पुरानी यादें और तन्हाई में मैम की प्यासी चु@@ई—>सालो बाद जब मैंने नेहा मैम के घर की घंटी बजाई, तो मेरा दिल जोर से धड़क रहा था। वो मेरी पुरानी ट्यूशन टीचर थीं, और मेरा पहला क्रश भी। दरवाजा खुला और सामने वही मासूम चेहरा था, जो अब और भी ज्यादा निखर गया था। उनकी … Read more

अजनबी मुसाफिर के साथ रात का वो सफर और अधूरी चु@@ई

अजनबी मुसाफिर के साथ रात का वो सफर और अधूरी चु@@ई—>रात के ग्यारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। रिया अपनी बर्थ पर बैठी खिड़की से बाहर अंधेरे को देख रही थी, जहाँ सिर्फ दूर कहीं जलती लाइटें नजर आ रही थीं। उसके मन में एक … Read more

तन्हा रातों में भाभी की प्यारी चु@@ई

तन्हा रातों में भाभी की प्यारी चु@@ई—>घर की दीवारों में एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे केवल रेनू भाभी की चूड़ियों की खनक ही तोड़ती थी। अमित जब अपने करियर की नाकामियों का बोझ लेकर घर लौटा, तो उसने भाभी की आँखों में भी वैसी ही तन्हाई देखी जो उसके अपने दिल में … Read more

कॉलेज वाली क्रश की याद और अधूरी चु@@ई की प्यास

कॉलेज वाली क्रश की याद और अधूरी चु@@ई की प्यास —> कॉलेज के वे दिन समीर की आँखों के सामने तैर रहे थे, जब नेहा उसकी बेंच पर बैठकर खिलखिलाती थी। बरसों बाद जब नेहा उससे एक सुनसान और आलीशान रिजॉर्ट में मिली, तो समीर के दिल की धड़कनें किसी नगाड़े की तरह बजने लगीं। … Read more

जवान देवर और प्यासी भाभी की बंद कमरे में चु@@ई

जवान देवर और प्यासी भाभी की बंद कमरे में चु@@ई —> दोपहर की उमस भरी गर्मी ने पूरे माहौल को बोझिल बना दिया था। स्नेहा भाभी रसोई में खड़ी अपनी साड़ी के पल्लू से चेहरा पोंछ रही थीं। उनकी छरहरी काया और गोरा रंग पसीने की वजह से और भी निखर उठा था। घर के … Read more

खूबसूरत चाची की प्यासी चु@@ई

खूबसूरत चाची की प्यासी चु@@ई—>दोपहर की तपती धूप ने पूरे घर को सन्नाटे की चादर ओढ़ा दी थी। चचा शहर से बाहर गए हुए थे और घर के बाकी सदस्य भी अपनी-अपनी नींद में डूबे थे। ३४ साल की नेहा अपनी रेशमी साड़ी में सजी कमरे के बिस्तर पर लेटी हुई थी। उसके चेहरे पर … Read more

बचपन की यादें और पुरानी क्रश के साथ बगीचे वाली मदहोश खु@@ई

बचपन की यादें और पुरानी क्रश के साथ बगीचे वाली मदहोश खु@@ई—> बचपन की उस सहेली श्रेया का चेहरा आज भी मेरे ज़हन में उतना ही ताज़ा था, जितना दस साल पहले हुआ करता था। लेकिन आज जब वह उस पुराने फार्महाउस के सुनसान बगीचे में मेरे सामने खड़ी थी, तो उसकी देह की बनावट … Read more

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई—>समीर और कविता दस साल बाद उसी पुराने पार्क के कोने वाले बेंच पर बैठे थे जहाँ कभी उन्होंने अपने स्कूल के दिन बिताये थे। शाम ढल रही थी और पार्क में सन्नाटा पसरने लगा था, सिर्फ झींगुरों की आवाजें आ रही थीं जो इस … Read more

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