गाँव की वो रात और चु@@ई
कुसुम उस छोटे से गाँव के आखिरी खेत के पास बने मिट्टी के मकान में अकेली थी। रात के १२ बज चुके थे। बाहर खेतों में सरसों के फूल हल्की हवा में लहरा रहे थे, और दूर कहीं कोई कुत्ता भौंक रहा था। चाँद की रोशनी खिड़की से झांक रही थी, और कुसुम की पीली … Read more