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रिया की अनकही खुदाई

बरसों बाद जब आर्यन उस पुराने शहर की गलियों से गुजर रहा था, तो उसकी धड़कनें एक अनजानी सी बेचैनी से लथपथ थीं। पुरानी यादों के मलबे से एक चेहरा उभर कर सामने आ रहा था—रिया, उसकी कॉलेज की वो प्रोफेसर जिसने न केवल उसे इतिहास पढ़ाया था, बल्कि जीवन के गहरे अर्थों से भी … Read more

सुहानी भाभी की खुदाई

पहाड़ों की उस सर्द रात में, जब बाहर बादलों ने अपना घेरा बना रखा था और रह-रहकर बिजली कड़क रही थी, सुहानी भाभी और मैं उस पुराने विला के बड़े से दीवान पर बैठे थे। खिड़की के कांच पर गिरती बूंदों की आवाज़ एक अजीब सा संगीत पैदा कर रही थी, जो दिल के भीतर … Read more

मीरा मौसी की भावनात्मक खुदाई

बारिश की वह शाम एक जादुई पर्दे की तरह गिर रही थी, जहाँ आसमाँ और ज़मीन के बीच का अंतर पूरी तरह धुंधला गया था। आर्यन बगीचे के उस एकांत कोने में खड़ा था जहाँ गीली मिट्टी की सोंधी और नशीली खुशबू हवा में गहरे तक घुली हुई थी, और उसके ठीक सामने उसकी मीरा … Read more

मासी की कोमल खुदाई

नेहा मासी और आर्यन का रिश्ता हमेशा से ही बहुत सहज और गहरा रहा था, लेकिन इस बार जब आर्यन अपनी गर्मियों की छुट्टियों में उनके घर आया, तो हवाओं में कुछ अलग ही एहसास घुला हुआ था। नेहा मासी का व्यक्तित्व किसी ठहरे हुए पानी की तरह शांत था, लेकिन उनकी आँखों की गहराई … Read more

पुरानी दोस्त श्रेया की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और नील अपने घर की खिड़की से गिरते पानी की बूंदों को एकटक देख रहा था, तभी अचानक दरवाजे की घंटी बजी और सामने श्रेया खड़ी थी। श्रेया, उसकी पुरानी स्कूल की दोस्त और बचपन का वह अधूरा सा क्रश, जिसे वह चाहकर भी कभी भुला नहीं पाया था, … Read more

आर्यन मीरा सखा खुदाई

आर्यन मीरा सखा खुदाई—>पहाड़ों की उस धुंधली शाम में, जब देवदार के पेड़ों के बीच से गुजरती ठंडी हवाएं एक अजीब सी सिहरन पैदा कर रही थीं, आर्यन और मीरा एक पुराने पहाड़ी बंगले के बरामदे में बैठे थे। पाँच सालों का लंबा अंतराल उनके बीच एक अनकही दीवार की तरह खड़ा था, लेकिन आँखों … Read more

श्रेया मैम और खुदाई

श्रेया मैम और खुदाई—> बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और ठंडी हवाओं के झोंके खिड़की के पर्दों को बेतहाशा उड़ा रहे थे, जिससे कमरे का माहौल और भी रूमानी हो गया था। श्रेया मैम ने अपने कमरे की खिड़की बंद करने की कोशिश की, तभी आर्यन वहां पहुंचा, जिसे देखकर उनके चेहरे पर एक … Read more

मेधा संग पुरानी खुदाई

पहाड़ों की उस धुंधली और भीगी हुई शाम में, जब बारिश की बूंदें देवदार के पेड़ों से टकराकर एक मधुर संगीत पैदा कर रही थीं, समीर और मेधा एक छोटे से लकड़ी के केबिन में आमने-सामने बैठे थे। दस साल का लंबा अंतराल उनके बीच एक अनकही दीवार की तरह खड़ा था, लेकिन उनकी आँखों … Read more

अनकहे जज्बात की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। ट्रेन के एसी प्रथम श्रेणी के कूपे में समीर अकेला बैठा खिड़की से बाहर अंधेरे को चीरती हुई रोशनी को देख रहा था। तभी दरवाजे पर हल्की सी दस्तक हुई और एक … Read more

रिया मैम की यादों वाली खुदाई

शहर की शोर-शराबे भरी दुनिया से दूर जब आर्यन अपने पुराने पुश्तैनी कस्बे में कई वर्षों के बाद लौटा, तो उसके मन में यादों की एक गहरी खुदाई शुरू हो गई थी। पुराने घर की चौखट पर कदम रखते ही उसे वह दौर याद आ गया जब वह अपनी ट्यूशन टीचर रिया मैम के पास … Read more

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