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रिया भाभी की प्रेम खुदाई

शाम की उस ढलती हुई सुनहरी रोशनी में जब सूरज की किरणें रिया भाभी के चेहरे पर पड़ रही थीं, तो वे किसी दिव्य प्रतिमा जैसी प्रतीत हो रही थीं। उनके चेहरे की वह सौम्यता और आँखों में छिपी एक अनकही उदासी समीर के दिल को गहराई तक छू जाती थी। समीर अक्सर उन्हें दूर … Read more

सलोनी हमसफर खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी, लेकिन उस फ़र्स्ट क्लास कूपे के भीतर एक अलग ही तरह की खामोशी पसरी हुई थी। मेरे सामने वाली सीट पर सलोनी बैठी थी, जो मेरे लिए महज़ एक अजनबी सहयात्री थी, लेकिन उसकी मौजूदगी ने उस … Read more

अनन्या भाभी की खुदाई

हवेली की उस पुरानी और जर्जर दहलीज़ पर जब अनन्या भाभी ने अपने कोमल कदम रखे, तो बरसों से सोई हुई उस वीरान हवेली की धूल के कणों में भी एक अजीब सी ऊर्जा और चमक भर गई। उनके रेशमी सुनहरे आँचल का कोना जब हवा के एक मदहोश झोंके से उड़कर मेरे चेहरे को … Read more

रिया और प्रेम की खुदाई

समीर अपनी पत्नी की छोटी बहन रिया के साथ उस पुराने पुश्तैनी हवेली में अकेला था, जहाँ परिवार की एक बड़ी शादी की तैयारियों का जिम्मा उन दोनों के कंधों पर ही सौंपा गया था। चारों तरफ हरियाली और ताजी बारिश की सोंधी खुशबू फैली हुई थी, जो वातावरण को और भी अधिक रूमानी और … Read more

नेहा शिक्षिका की खुदाई

बरसों बाद जब आर्यन ने नेहा के घर की घंटी बजाई, तो उसे अहसास नहीं था कि समय ने उसकी पुरानी ट्यूशन शिक्षिका को और भी अधिक गरिमापूर्ण और आकर्षक बना दिया है। बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और पानी की बूंदें आर्यन के कोट से टपक रही थीं, तभी दरवाजा खुला और सामने … Read more

निशा और दर्जी की प्रेम खुदाई

निशा जब पहली बार समीर की छोटी सी मगर सुरुचिपूर्ण दुकान में दाखिल हुई, तो उसे अंदाज़ा भी नहीं था कि यह मुलाकात उसके जीवन के सबसे भावुक अध्याय की शुरुआत होगी। बाहर शहर का शोर-शराबा था, लेकिन अंदर रेशम के थान, मखमली कपड़ों की महक और पुरानी लकड़ी की मेजों की एक शांत और … Read more

चाची और जज्बातों की खुदाई

गाँव की वह पुरानी हवेली आज भी अपनी दीवारों में न जाने कितने अनकहे किस्से समेटे खड़ी थी, जहाँ धूप की सुनहरी किरणें रोशनदानों से छनकर फर्श पर एक जादुई नक्काशी उकेरती थीं। आर्यन कई वर्षों के बाद अपने पुश्तैनी घर लौटा था, जहाँ की मिट्टी की सौंधी खुशबू उसे अपने बचपन की यादों में … Read more

अध्यापिका अवनि की खुदाई

अध्यापिका अवनि की खुदाई—>बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और खिड़की के कांच पर गिरती बूंदों की आवाज़ एक लयबद्ध संगीत पैदा कर रही थी, जो समीर के दिल की धड़कनों के साथ मेल खा रहा था। समीर, जो अब एक सफल लेखक बन चुका था, आज वर्षों बाद अपनी पसंदीदा अध्यापिका अवनि के सामने … Read more

भाभी कविता समीर खुदाई

भाभी कविता समीर खुदाई—> पुरानी हवेली के आंगन में जब समीर ने कदम रखा, तो उसे लगा जैसे वक्त रुक गया हो। तपती दोपहर की सुनहरी धूप नीम के पेड़ों की पत्तियों से छनकर जमीन पर बिखरी हुई थी, जो समीर के मन में पुरानी यादों को ताजा कर रही थी। शहर की भीड़भाड़ से … Read more

प्रेम की गहरी खुदाई

बाहर सावन की रिमझिम फुहारें पड़ रही थीं और ठंडी हवा की लहरें पुराने पुश्तैनी घर की खिड़कियों से टकराकर एक अजीब सा संगीत पैदा कर रही थीं। घर के उस शांत कोने में जहाँ किताबों की खुशबू और चंदन की अगरबत्ती का धुआं आपस में मिल रहे थे, वहाँ आर्यन अपनी भाभी मीरा के … Read more

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