अजनबी हमसफर की चु@@ई
रात के साढ़े बारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था और कोच की हल्की नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और रहस्यमयी लग रहा था। आर्यन अपनी लोअर बर्थ पर लेटा हुआ था लेकिन उसकी आँखों से नींद कोसों दूर … Read more