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अजनबी हमसफर की चु@@ई

रात के साढ़े बारह बज चुके थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी। चारों तरफ सन्नाटा पसरा हुआ था और कोच की हल्की नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और रहस्यमयी लग रहा था। आर्यन अपनी लोअर बर्थ पर लेटा हुआ था लेकिन उसकी आँखों से नींद कोसों दूर … Read more

अजनबी संग चु@@ई

होटल के उस आलीशान कमरे की खिड़की से बाहर पहाड़ों की धुंधली वादियाँ साफ़ नज़र आ रही थीं, लेकिन स्नेहा का मन वहाँ की शांति में नहीं बल्कि अपनी ही उलझनों में अटका हुआ था। उसने अपने शरीर पर एक कश्मीरी रेशम की मैक्सी पहन रखी थी, जो उसके उभारों को बखूबी बयां कर रही … Read more

ऑफिस वाली गुप्त चु@@ई

ऑफिस वाली गुप्त चु@@ई—>रात के दस बज चुके थे और पूरे कॉर्पोरेट ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिवाय उस एक केबिन के जहाँ स्नेहा और उसका असिस्टेंट राहुल एक प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने में व्यस्त थे। स्नेहा, जो कि अपनी उम्र के तीसवें पड़ाव के मध्य में थी, आज एक गहरे नीले रंग … Read more

पुरानी सहेली की चु@@ई

पुरानी सहेली की चु@@ई—> शहर की उस भीड़भाड़ से दूर, समीर और नेहा उस पुराने पार्क के सबसे कोने वाले हिस्से में बैठे थे, जहाँ पेड़ों की घनी छाँव ने एक प्राकृतिक परदा बना रखा था। शाम का धुंधलका धीरे-धीरे गहरा रहा था और हवा में मिट्टी की एक सोंधी सी महक घुली हुई थी। … Read more

अध्यापक की गरम चु@@ई

अंजली मैम के साथ बिताए गए वे दिन मुझे आज भी याद आते हैं जब मैं उनके ट्यूशन में बैठकर उनकी पढ़ाई से ज्यादा उनके शरीर के उतार-चढ़ाव को देखा करता था। आज बरसों बाद हम एक सुनसान पार्क के उस कोने में बैठे थे जहाँ शाम का धुंधला सा साया हर तरफ फैला हुआ … Read more

होटल की उस मदहोश रात का अनजाना अहसास: माया और विक्रम की रेशमी खुदाई

होटल के उस आलीशान कमरे की मद्धम रोशनी में हवा कुछ थमी सी महसूस हो रही थी। मुंबई की भागदौड़ भरी जिंदगी से दूर, एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस के सिलसिले में आए माया और विक्रम के लिए यह रात कुछ अलग ही मोड़ लेने वाली थी। होटल में कमरों की कमी के कारण उन दोनों अजनबियों … Read more

ट्यूबवेल पर साली की चु#@#ई

जेठ की चिलचिलाती धूप ने पूरे गाँव को अपनी चपेट में ले रखा था, गर्म हवा के थपेड़े चल रहे थे और सन्नाटा इतना गहरा था कि दूर कहीं पेड़ पर बैठे पक्षी की आवाज़ भी साफ सुनाई दे रही थी। घर के सभी लोग दोपहर के भारी भोजन के बाद गहरी नींद में सो … Read more

Mansi की रेशमी खाई और जीजू का रसीला खीरा

Mansi की रेशमी खाई और जीजू का रसीला खीरा—> दोपहर की उस तपती खामोशी में जब पूरा घर किसी गहरी नींद के आगोश में डूबा हुआ था, समीर अपनी चारपाई पर लेटा छत के पंखे की धीमी रफ्तार को देख रहा था। समीर की शादी को छह साल बीत चुके थे, लेकिन उसकी साली मानसी, … Read more

बरसात की रात और ऑटो वाले की रसीली खुदाई

सावन की वह तूफानी रात थी, जब आसमान से पानी किसी झरने की तरह गिर रहा था और मीरा, जो अपने दफ्तर से काफी देर से निकली थी, सड़क के किनारे खड़ी होकर किसी सवारी का इंतज़ार कर रही थी, उसकी साड़ी बारिश के पानी से पूरी तरह भीग चुकी थी और उसके बदन से … Read more

मौसी रेखा की गहरी खुदाई

गर्मी की वह दोपहरी आज भी मेरे जेहन में ताजा है जब मैं अपनी मौसी रेखा के घर कुछ दिन बिताने गया था। मौसी की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी, लेकिन उनका शरीर किसी कमसिन कली की तरह खिला हुआ था। उनके चेहरे पर हमेशा एक हल्की सी मुस्कान रहती थी, जो उनकी आँखों … Read more