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सेक्रेटरी संग ऑफिस चु@@ई

रात के बारह बज चुके थे और पूरे ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था सिवाय उस कोने वाले केबिन के जहाँ से हल्की रोशनी छनकर बाहर आ रही थी। आकाश अपनी मेज पर झुका हुआ था और कुछ फाइलों को अंतिम रूप दे रहा था लेकिन उसका ध्यान बार-बार सामने बैठी उसकी सेक्रेटरी नैना पर … Read more

होटल में अजनबी चु@@ई

होटल में अजनबी चु@@ई—> शहर की शोर-शराबे वाली गलियों से दूर, उस आलीशान होटल के कमरा नंबर ४०५ में सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन उस सन्नाटे में एक अजीब सी गर्माहट और बेचैनी घुली हुई थी। समीर और अंजलि एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी थे, लेकिन किस्मत ने उन्हें एक ही फ्लाइट कैंसिल होने के … Read more

ऑफिस कैबिन की गुप्त चु@@ई

ऑफिस कैबिन की गुप्त चु@@ई —> रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरे ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिवाय बॉस के केबिन के जहाँ से हल्की रोशनी छनकर बाहर आ रही थी। आर्यन अपने लैपटॉप पर उंगलियां चला रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार अपनी सेक्रेटरी मीरा की तरफ जा रहा था जो … Read more

पुरानी सहेली की चु@@ई

शाम का धुंधलका धीरे-धीरे शहर के उस पुराने बॉटनिकल गार्डन में अपनी चादर फैला रहा था जहाँ समीर और अनन्या दस साल बाद मिल रहे थे। समीर की धड़कनें उस वक्त से ही तेज थीं जब उसने अनन्या को गेट पर इंतज़ार करते देखा था। अनन्या अब वह स्कूल वाली दुबली-पतली लड़की नहीं रही थी, … Read more

प्यारी टीचर की चु@@ई

प्यारी टीचर की चु@@ई —> समीर लगभग पाँच साल बाद अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर नेहा मैम से शहर के सबसे पुराने और सुनसान पार्क के कोने वाले बेंच पर मिल रहा था। नेहा मैम अब बत्तीस साल की हो चुकी थीं, लेकिन उनकी खूबसूरती में कोई कमी नहीं आई थी, बल्कि वक्त के साथ उनकी … Read more

अजनबी की गरम चु@@ई

अजनबी की गरम चु@@ई—> जयपुर की उस सुनहरी शाम में राज अपने होटल के कमरे की खिड़की से बाहर देख रहा था, जहाँ शहर की रोशनी धीरे-धीरे जाग रही थी। वह यहाँ एक बिजनेस कॉन्फ्रेंस के लिए आया था, लेकिन उसका मन काम में कम और अकेलेपन की गहराई में अधिक डूबा हुआ था। तभी … Read more

ऑफिस में चु@@ई

ऑफिस की उस रात की खामोशी में एक अजीब सी उत्तेजना घुली हुई थी और बाहर शहर की रोशनियाँ धुंधली पड़ रही थीं। आर्यन अपनी मेज पर बैठा हुआ था लेकिन उसका ध्यान फाइल की जगह सामने बैठी अपनी जूनियर समीरा पर था जो देर रात तक उसके साथ प्रोजेक्ट खत्म करने के लिए रुकी … Read more

जिम सहेली की चु@@ई

पुरानी सहेली स्नेहा से उस शाम पार्क के सुनसान कोने में मिलना मेरे लिए किसी सपने जैसा था, लेकिन उस सपने में एक अलग ही बेचैनी और गहराई छिपी हुई थी। हम दोनों स्कूल के दिनों में एक-दूसरे के बेहद करीब थे, लेकिन वक्त की धूल ने हमारे बीच दूरियां पैदा कर दी थीं। आज … Read more

पुरानी सहेली की चु@@ई

पुरानी सहेली की चु@@ई—>सालों बाद समीर और श्रेया उस पुराने पार्क के सबसे एकांत कोने वाली बेंच पर बैठे थे जहाँ बचपन में वे लुका-छिपी खेला करते थे। रात का सन्नाटा गहरा था और चाँदनी पत्तों के बीच से छनकर श्रेया के चेहरे पर एक रहस्यमयी चमक बिखेर रही थी। समीर ने महसूस किया कि … Read more

पुराने प्यार की चु@@ई

पुराने प्यार की चु@@ई —> दस साल का लंबा अरसा बीत चुका था, लेकिन उस पुराने वीरान बगीचे की खुशबू आज भी राहुल के जेहन में वैसी ही बसी हुई थी जैसी स्कूल के दिनों में हुआ करती थी। रात का समय था और चाँद की हल्की रोशनी बरगद के पुराने पेड़ों की टहनियों से … Read more