पायल और दर्जी की खुदाई
बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और खिड़की के शीशों पर गिरती बूंदों की थपकी एक अजीब सी बेचैनी पैदा कर रही थी। पायल अपने कमरे में अकेली बैठी उस रेशमी लाल सुर्ख साड़ी को देख रही थी, जिसे उसे आने वाले एक समारोह में पहनना था, लेकिन उसकी फिटिंग कुछ ढीली थी। उसने अपने … Read more