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पायल और दर्जी की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और खिड़की के शीशों पर गिरती बूंदों की थपकी एक अजीब सी बेचैनी पैदा कर रही थी। पायल अपने कमरे में अकेली बैठी उस रेशमी लाल सुर्ख साड़ी को देख रही थी, जिसे उसे आने वाले एक समारोह में पहनना था, लेकिन उसकी फिटिंग कुछ ढीली थी। उसने अपने … Read more

निशा मैम की चाहत की खुदाई

बाहर रिमझिम बारिश की बूंदें खिड़की के शीशों से टकराकर एक मधुर संगीत पैदा कर रही थीं, और कमरे के भीतर पुरानी यादों का एक गहरा सैलाब उमड़ रहा था। निशा मैम, जो कभी मेरी ट्यूशन टीचर हुआ करती थीं, आज मेरे सामने एक बदली हुई गरिमा और अद्भुत सौंदर्य के साथ बैठी थीं। उनकी … Read more

अनजानी चाहत की खुदाई

अनजानी चाहत की खुदाई—>शहर की चकाचौंध से दूर, नीले आसमान के नीचे बसी उस पुरानी इमारत की तीसरी मंज़िल पर मीरा ने कदम रखा ही था कि उसकी नज़र सामने वाले फ्लैट की खुली छत पर पड़ी। शाम का ढलता सूरज अपनी सुनहरी किरणें बिखेर रहा था और वहां एक शख्स, बदन पर बिना किसी … Read more

नैना भाभी की खुदाई

बाहर रिमझिम बारिश की बूंदें मिट्टी की सोंधी खुशबू को हवाओं में घोल रही थीं और घर के भीतर सन्नाटे की एक गहरी चादर लिपटी हुई थी, जिसमें सिर्फ धड़कनों की गूँज सुनाई दे रही थी। नैना भाभी, जिनके व्यक्तित्व में एक अजीब सी सौम्यता और आकर्षण का मिश्रण था, बालकनी के पास खड़ी खिड़की … Read more

रिया और समीर की यादों की खुदाई

बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी, जैसे आसमान अपनी सदियों की प्यास बुझाने के लिए धरती से लिपट जाने को बेताब हो। समीर अपनी दीदी के ससुराल में पिछले दो दिनों से रुका हुआ था, लेकिन आज दीदी और जीजू किसी जरूरी काम से शहर गए हुए थे। घर के उस शांत कोने में समीर … Read more

अंजलि और समीर की खुदाई

अंजलि और समीर की खुदाई—>समीर आज पूरे सात साल बाद अपनी पुरानी कॉलेज प्रोफेसर अंजलि के घर के सामने खड़ा था। शहर की शोर-शराबे वाली गलियों से दूर, एक शांत कोने में बना वह पुराना बंगला अपनी दीवारों पर लिपटी बेलों के साथ बहुत ही रहस्यमयी और खूबसूरत लग रहा था। समीर के दिल की … Read more

अजनबी मीरा संग सफर की खुदाई

रात के साढ़े बारह बज रहे थे और राजधानी एक्सप्रेस अपनी पूरी रफ़्तार से पटरियों पर दौड़ रही थी, बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी जिसकी बूंदें खिड़की के शीशे पर एक संगीत सा पैदा कर रही थीं। केबिन के भीतर की मद्धम नीली रोशनी एक अजीब सी शांति और मादकता का माहौल बना रही … Read more

मीरा भाभी की खुदाई

मीरा भाभी की खुदाई—> घर के पिछवाड़े का वह पुराना बगीचा बरसों से वीरान पड़ा था, लेकिन आज मीरा भाभी ने उसे फिर से जीवित करने का निर्णय लिया था। अर्णव जब शहर से अपनी छुट्टियाँ बिताने घर वापस आया, तो उसने देखा कि मीरा भाभी धूप में खड़ी सूखी ज़मीन की ओर एक उम्मीद … Read more

माया भाभी की खुदाई

माया भाभी की खुदाई—> उस शाम जब आसमान से गिरती बूंदों ने मिट्टी की सोंधी खुशबू को चारों तरफ फैला दिया था, सिद्धार्थ अपने पुराने पुश्तैनी घर की दहलीज पर खड़ा था। माया भाभी ने जैसे ही दरवाजा खोला, उनकी आँखों में एक अजीब सी चमक और चेहरे पर वर्षों की थकान एक साथ झलक … Read more

Nisha Mausi Prem Khudai

Nisha Mausi Prem Khudai—> बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और पुरानी हवेली की खिड़कियों पर गिरती बूंदों का शोर एक अजीब सी मदहोशी पैदा कर रहा था। निशा मौसी खिड़की के पास खड़ी बाहर भीगते पेड़ों को देख रही थीं, उनकी नीली शिफॉन की साड़ी उनके शरीर से चिपक सी गई थी। आर्यन कमरे … Read more

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