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तन्हाई में मामी की प्यास और रसीली खुदाई

तन्हाई में मामी की प्यास और रसीली खुदाई—> दोपहर की उस तपती गर्मी में जब पूरा मोहल्ला गहरी नींद की आगोश में सोया हुआ था, घर के भीतर का सन्नाटा भी एक अजीब सी बेचैनी पैदा कर रहा था। सुनीता मामी, जो शहर से कुछ दिनों के लिए हमारे घर रहने आई थीं, अपने कमरे … Read more

रात का हसीन सफ़र और अनजानी हमसफ़र की प्यास

रात का हसीन सफ़र और अनजानी हमसफ़र की प्यास—>ट्रेन की गड़गड़ाहट और बाहर पसरी अंधेरी रात का सन्नाटा, राहुल अपनी सीट पर बैठा खिड़की से बाहर देख रहा था। उसके ठीक सामने वाली बर्थ पर नैना बैठी थी, जिसकी उम्र करीब अट्ठाइस साल रही होगी और उसका व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक था। नैना ने एक … Read more

दफ्तर की वो सुहानी रात और अंजलि का साथ

दफ्तर की घड़ी में रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरे फ्लोर पर सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ मेरी डेस्क की लाइट जल रही थी और बगल के केबिन में अंजलि अभी भी अपनी फाइलों में डूबी हुई थी। प्रोजेक्ट की डेडलाइन सिर पर थी और हम दोनों ही इस काम को खत्म करने … Read more

पुरानी दोस्त की खुदाई

5 साल बाद मेघा से मिलना किसी सपने जैसा था। शहर के उस पुराने और सुनसान गार्डन के कोने में हम दोनों एक बेंच पर बैठे थे। शाम ढल रही थी और सूरज की नारंगी किरणें उसके चेहरे पर पड़ रही थीं, जिससे उसका गोरा रंग और भी निखर उठा था। हम पुरानी यादों में … Read more

पुरानी दोस्त की खुदाई

5 साल बाद मेघा से मिलना किसी सपने जैसा था। शहर के उस पुराने और सुनसान गार्डन के कोने में हम दोनों एक बेंच पर बैठे थे। शाम ढल रही थी और सूरज की नारंगी किरणें उसके चेहरे पर पड़ रही थीं, जिससे उसका गोरा रंग और भी निखर उठा था। हम पुरानी यादों में … Read more

होटल में पड़ोसन की खुदाई

विकास एक बत्तीस वर्षीय सुगठित शरीर वाला युवक था, जो पिछले दो सालों से दिल्ली के एक फ्लैट में अकेला रहता था। उसी के बगल वाले फ्लैट में अंजली अपने पति के साथ रहती थी। अंजली की उम्र करीब अट्ठाइस साल थी और उसका बदन किसी ढली हुई मूरत जैसा था। वह जब भी साड़ी … Read more

अजनबी रात का गहरा अहसास

अजनबी रात का गहरा अहसास—> उस रात होटल के गलियारे में एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी, लेकिन कबीर के कमरे के अंदर का माहौल बहुत ही गर्म और उत्तेजक था। मीरा, जो उसे बस कुछ घंटों पहले ही होटल के बार में मिली थी, अब उसके सामने सोफे पर बैठी अपनी रेशमी जुल्फों … Read more

दोपहर की मदहोश तपन और चची की रेशमी खाई

दोपहर का वक्त था और सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था, लेकिन घर के भीतर सन्नाटा पसरा हुआ था। सुनीता चची, जो करीब अड़तीस साल की थीं, अपने कमरे में पंखे की धीमी हवा में लेटी हुई थीं। उनकी देह किसी ढली हुई मूरत जैसी थी, जिसमें भरे हुए तरबूज उनकी सूती साड़ी के … Read more

होटल की मदहोश रात और मीरा की अनकही चाहत —>

होटल की आलीशान गलियारे में समीर अपनी थकान मिटाने के लिए टहल रहा था जब उसकी मुलाकात मीरा से हुई। मीरा एक अजनबी थी जो उसी मंजिल के दूसरे कमरे में ठहरी हुई थी, लेकिन उसकी आँखों में एक ऐसी कशिश थी जिसने समीर के कदमों को थाम दिया। मीरा की कद-काठी किसी अप्सरा जैसी … Read more

सफर की एक हसीन और मदहोश कर देने वाली रात

सफर की एक हसीन और मदहोश कर देने वाली रात—>राजेश अपनी ट्रेन की सीट पर बैठा खिड़की से बाहर भागते अंधेरे को देख रहा था कि तभी उसकी नजर सामने वाली सीट पर बैठी सुनीता पर पड़ी। सुनीता की उम्र करीब पैंतीस के आसपास रही होगी लेकिन उसके बदन की ढलान और कसावट किसी बीस … Read more