सुनीता मौसी की मदहोश खुदाई
गर्मी की उन लंबी और अलसायी हुई दोपहरियों में घर की खामोशी अक्सर मन में अजीब सी हलचल पैदा कर दिया करती थी। सुनीता मौसी, जिनकी उम्र पैंतीस के करीब थी, अपने यौवन के उस पड़ाव पर थीं जहाँ उनका शरीर किसी पके हुए फल की तरह रसभरा और आकर्षक लग रहा था। जब … Read more