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मामी की रसीली खुदाई

 रोहन अपनी कॉलेज की छुट्टियां बिताने के लिए अपनी मामी सुलेखा के घर आया हुआ था। सुलेखा मामी की उम्र करीब पैंतीस साल थी और उनके शरीर की बनावट किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी थी। उनका कद मध्यम था लेकिन उनके शरीर के उभार बेहद आकर्षक और भरे हुए थे। मामाजी अक्सर … Read more

मौसी की रसीली खुदाई

 दोपहर की तपती धूप ने गली की रौनक को पूरी तरह से सोख लिया था, हर तरफ एक अजीब सा सन्नाटा पसरा हुआ था। रोहन अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा बाहर की वीरान सड़क को देख रहा था, लेकिन उसका मन कहीं और ही भटक रहा था। घर में आज सन्नाटा था क्योंकि … Read more

होटल में अजनबी के साथ खुदाई

कमरे की खिड़की से बाहर शहर की बत्तियां टिमटिमा रही थीं, लेकिन समीर का ध्यान उन पर नहीं था। उसका पूरा ध्यान सामने बैठी उस औरत पर था जिसे वह कुछ घंटे पहले ही मिला था। नीलम नाम की उस महिला की उम्र लगभग पैंतीस साल रही होगी। वह एक गहरे नीले रंग की रेशमी … Read more

आदिल और बड़ी बाजी शबनम की चु@@ई

आदिल छुट्टियों में अपनी बड़ी बाजी शबनम के घर आया था। शबनम 34 साल की थी, निकाह के बाद अकेली रहती थी क्योंकि शौहर व्यापार के सिलसिले में विदेश में था। घर दिल्ली के एक पुराने मोहल्ले में था, दो कमरे, एक छोटी बालकनी जहां से शाम की रोशनी आती थी। आदिल 21 का था, … Read more

होटल में अजनबी की खुदाई

समीर अपने ऑफिस के काम से एक ठंडे पहाड़ी इलाके के आलीशान होटल में रुका हुआ था। शाम का वक्त था और धुंध चारों तरफ फैली हुई थी, लेकिन बारिश का नामोनिशान नहीं था। समीर अपनी बालकनी में खड़ा होकर नीचे की रोशनियों को देख रहा था, तभी उसकी नजर बगल वाली बालकनी में खड़ी … Read more

मौसी की खुदाई

दोपहर का सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और शहर की गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ था। मैं पिछले तीन दिनों से रेखा मौसी के घर पर रुका हुआ था क्योंकि कॉलेज की छुट्टियां थीं। रेखा मौसी, जिनकी उम्र करीब 38 साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट को देखकर कोई भी उन्हें इस … Read more

ऑफिस की मदहोश रात और अंजलि का समर्पण

ऑफिस की मदहोश रात और अंजलि का समर्पण—>रात के ग्यारह बज चुके थे और ऑफिस की शांत फिजाओं में सिर्फ एयर कंडीशनर की हल्की सी गूंज सुनाई दे रही थी। समीर अपनी केबिन में बैठा हुआ था, लेकिन उसका ध्यान फाइलों में नहीं बल्कि बाहर डेस्क पर काम कर रही अंजलि पर था। अंजलि ने … Read more

बचपन की सहेली को खुदाई

 रोहन और नेहा बचपन के सबसे पुराने और करीबी दोस्त थे, जो लगभग आठ साल के लंबे अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिल रहे थे। वह पुरानी दोस्ती जो कभी गलियों में भागने और खिलौनों के लिए लड़ने तक सीमित थी, अब जवानी की दहलीज पर आकर एक अलग ही मोड़ ले चुकी थी। नेहा … Read more

मौसी की खुदाई

 रोहन अपनी कॉलेज की छुट्टियों में अपनी वंदना मौसी के घर रहने के लिए आया था। वंदना मौसी की उम्र करीब अड़तीस साल थी, लेकिन उनकी देखभाल और सादगी ने उनके यौवन को जैसे थाम कर रखा था। उनका शरीर आज भी उतना ही कसा हुआ और भरा हुआ था कि कोई भी उन्हें देखकर … Read more

बचपन की सहेली की खुदाई

रोहन और नेहा बचपन के सबसे पुराने और करीबी दोस्त थे, जो लगभग आठ साल के लंबे अंतराल के बाद एक-दूसरे से मिल रहे थे। वह पुरानी दोस्ती जो कभी गलियों में भागने और खिलौनों के लिए लड़ने तक सीमित थी, अब जवानी की दहलीज पर आकर एक अलग ही मोड़ ले चुकी थी। नेहा … Read more