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छाया और स्पर्श की दास्तान

समीर और नव्या की वह रात सन्नाटे से भरी थी, लेकिन उस खामोशी में भी एक गूँज थी जो केवल वे दोनों ही महसूस कर सकते थे। स्टूडियो की धुंधली रोशनी नव्या के चेहरे पर एक अजीब सी चमक पैदा कर रही थी, और समीर उसे अपनी आँखों से नहीं बल्कि अपनी आत्मा से देख … Read more

तूलिका की तपिश और मौन समर्पण

पुराने शहर की एक सुनसान कला दीर्घा के कोने में बने उस छोटे से कमरे में चारों ओर कैनवास बिखरे हुए थे और हवा में तारपीन के तेल की तीखी गंध घुली हुई थी। आर्यन अपनी अधूरी पेंटिंग के सामने खड़ा था, लेकिन उसकी नजरें सामने बैठी अवनि पर टिकी थीं, जो आज उसकी मॉडल … Read more

पुस्तकालय की प्यासी शाम

 तपती दुपहरी में पुराने बंगले की शांति जैसे किसी गहरे राज़ को दबाए बैठी थी, जहाँ बाहर की लू से लड़ती ठंडी हवा भी हार मान चुकी थी। आर्यन पुस्तकालय में पुरानी किताबों के पन्ने पलट रहा था, उसकी उंगलियां धूल भरे कागज़ों पर सरक रही थीं। तभी मिसेज खन्ना – जिन्हें वो अब माया … Read more

बंद कमरे की तपिश और रेशमी अहसास

तपती दुपहरी में पुराने बंगले की शांति जैसे किसी गहरे राज़ को दबाए बैठी थी, जहाँ बाहर की लू से लड़ती ठंडी हवा भी हार मान चुकी थी। आर्यन पुस्तकालय में पुरानी किताबों के पन्ने पलट रहा था, उसकी उंगलियां धूल भरे कागज़ों पर सरक रही थीं। तभी मिसेज खन्ना – जिन्हें वो अब माया … Read more

पुस्तकालय की प्यासी शाम

समीर ने जैसे ही उस पुरानी हवेली के भारी लकड़ी के दरवाजे को धकेला, उसे अहसास नहीं था कि धूल भरी किताबों के बीच उसकी जिंदगी का सबसे कामुक अध्याय शुरू होने वाला है। राधिका, जो उस हवेली की मालकिन थी, रेशमी नीली साड़ी में लिपटी हुई सीढ़ियों से उतर रही थी, और समीर की … Read more

बर्फीली रात और जज्बातों की तपन

पहाड़ों की उस ऊँची चोटी पर बनी लकड़ी की कोठरी में बाहर बर्फ की चादर बिछी थी, लेकिन भीतर जज्बातों की एक अलग ही आग सुलग रही थी। राघव और अवनि पिछले दो सालों से एक-दूसरे के सहकर्मी थे, पर आज इस एकांत में उनके बीच की पेशेवर दीवारें धीरे-धीरे ढह रही थीं। अवनि ने … Read more

तपती दोपहर की अधूरी प्यास और बागान की खुदाई

गांव की वह सुनसान दोपहर और पुरानी हवेली का वह पिछला हिस्सा, जहाँ मालती अक्सर अकेले वक्त बिताया करती थी। मालती की उम्र करीब तीस के पार रही होगी, उसका शरीर एक पके हुए आम की तरह रसीला और गठा हुआ था, जिसकी बनावट किसी को भी अपनी ओर खींचने के लिए काफी थी। उस … Read more

रेशमी अंधेरा और पुरानी हवेली की खामोशी

विक्रम उस पुरानी हवेली की लाइब्रेरी में रखी मेज की पॉलिश ठीक कर रहा था, तभी सोनल वहां आई, उसके रेशमी गाउन की सरसराहट सन्नाटे को चीर रही थी। सोनल की देह किसी तराशे हुए संगमरमर की तरह थी, उसके भारी तरबूज गाउन के पतले कपड़े के नीचे अपनी जगह बनाने के लिए छटपटा रहे … Read more

ज्ञान की गहराइयों में दबे अरमान

विश्वविद्यालय की उस पुरानी लाइब्रेरी में सन्नाटा पसरा हुआ था, जहाँ अद्वैत पिछले तीन घंटों से अपनी रिसर्च के लिए कुछ पुराने पन्ने पलट रहा था। वहीं दूसरी ओर लाइब्रेरी की इंचार्ज माया, अपनी मेज पर बैठी कुछ फाइलें देख रही थी। अद्वैत की नजरें बार-बार माया के सुडौल शरीर पर जाकर टिक जाती थीं, … Read more

बंद कमरे की तपिश और रेशमी अहसास

तपती दुपहरी में पुराने बंगले की शांति जैसे किसी गहरे राज को दबाए बैठी थी, जहाँ ठंडी हवा के झोंके भी बाहर की लू के सामने हार मान चुके थे। आर्यन वहां के पुस्तकालय में पुरानी किताबों के पन्नों को पलट रहा था, तभी मिसेज खन्ना, जिन्हें वह अब माया कहने लगा था, वहां अचानक … Read more