प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास

[TITLE] प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास —> दोपहर की चिलचिलाती धूप में हवेली के सन्नाटे के बीच रेखा भाभी अपनी साड़ी के पल्लू से चेहरे का पसीना पोंछ रही थीं। उनकी आँखों में एक अजीब सी तड़प और गहराई थी जो शायद सालों की तन्हाई का नतीजा थी। राहुल ने जब कमरे के … Read more

ट्रेनर संग दमदार चु@@ई

रिया ने जैसे ही जिम के भारी कांच वाले दरवाजे को धकेला, उसके कानों में भारी लोहे के टकराने की आवाज और बेस वाली म्यूजिक की धमक सुनाई दी। वह पिछले कई सालों से खुद को फिट रखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आज उसका मन कुछ अलग ही बेचैनी महसूस कर रहा था। … Read more

देवर और भाभी की रसीली चु@@ई की दास्ताँ

गाँव की तपती दुपहरी में खेतों की हरियाली चारों तरफ फैली हुई थी। सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और हवा में एक अजीब सी गर्मी थी। मैं अपने ताऊजी के लड़के की पत्नी, सुनीता भाभी के साथ मक्के के ऊंचे-ऊंचे पौधों के बीच खड़ा था। भाभी ने अपनी लाल साड़ी को कमर में … Read more

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद —> शादी का माहौल चारों तरफ खुशियों और ढोल-नगाड़ों से भरा हुआ था, लेकिन मेरी नजरें केवल सुनीता भाभी पर टिकी हुई थीं। उन्होंने गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें उनके रसीले आम जैसे उभार साफ झलक रहे थे। मैं बस मौका ढूंढ रहा … Read more

साली की नशीली चु@@ई

साली की नशीली चु@@ई—> दोपहर की चिलचिलाती गर्मी में घर के भीतर एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी, जो किसी आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी। समीर अपने कमरे में मेज पर झुककर लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था, लेकिन उसका मन बार-बार भटक रहा था क्योंकि घर में उसके और … Read more

जंगल के रिसॉर्ट में अधूरी खुदाई

मानसून की वो शाम कुछ अलग ही थी। शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच बने उस पुराने रिसॉर्ट में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे सिर्फ बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही थी। मेरा नाम समीर है, और मैं यहाँ अपने काम के सिलसिले में आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और … Read more

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई —> दोपहर की वो सुस्त गर्मी और घर में पसरी वो अजीब सी खामोश बेचैनी मुझे अंदर तक झकझोर रही थी। मीरा भाभी अपनी पतली रेशमी साड़ी के पल्लू को सहेजते हुए रसोई में कुछ काम कर रही थीं, लेकिन उनकी आँखों में छिपी वो उदासी मुझसे कुछ … Read more

गरम खेत में रसीली चु@@ई की प्यास

दोपहर का समय था और सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था। गाँव के बाहरी इलाके में स्थित कमला का बड़ा सा खेत आज कुछ ज्यादा ही शांत था। कमला, जिसकी उम्र करीब 30 साल थी, अपने बदन की सुडौलता के लिए पूरे गाँव में मशहूर थी। उसके शरीर के अंग किसी **रसीले तरबूज** की … Read more

विधवा चाची के साथ रसीली चु@@ई का सुख

विधवा चाची के साथ रसीली चु@@ई का सुख —> आंगन में बैठी सुमित्रा चाची की उदासी उनकी आंखों में साफ दिख रही थी। दोपहर की तपती धूप उनके चेहरे पर खेल रही थी और उनके सादे सफेद लिबास के नीचे से उनके भारी तरबूज उभर कर सामने आ रहे थे। मैंने दूर से ही उन्हें … Read more

खेत की गहरी चु@@ई

गाँव की उस तपती दुपहरी में जब परिंदे भी अपने घोंसलों में दुबक जाते हैं, हमारे घर के पिछवाड़े वाले बगीचे में एक अलग ही हलचल मची थी। मेरी भाभी सुनीता, जिसका यौवन किसी उपजाऊ धरती की तरह लहलहा रहा था, पसीने से तर-बतर होकर अपने छोटे से बगीचे में काम कर रही थी। उनका … Read more

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!