ऑफिस कैबिन की गुप्त चु@@ई —>
रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरे ऑफिस में सन्नाटा पसरा हुआ था, सिवाय बॉस के केबिन के जहाँ से हल्की रोशनी छनकर बाहर आ रही थी। आर्यन अपने लैपटॉप पर उंगलियां चला रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार अपनी सेक्रेटरी मीरा की तरफ जा रहा था जो उसके ठीक सामने वाली मेज पर फाइलें समेट रही थी। ऑफिस की पीली रोशनी मीरा के सांवले और चमकदार बदन पर पड़कर उसे और भी ज्यादा आकर्षक बना रही थी। आर्यन ने एक लंबी सांस ली और अपनी कुर्सी के पीछे झुक गया, उसकी नजरें मीरा की पतली कमर पर टिक गई थीं जो साड़ी के सरकने से बार-बार नजर आ रही थी।
मीरा की शारीरिक बनावट किसी कामुक प्रतिमा जैसी थी, उसके शरीर के उतार-चढ़ाव इतने संतुलित थे कि कोई भी पुरुष उसे देखे बिना न रह सके। उसकी रेशमी साड़ी के नीचे उसके उभरे हुए तरबूज अपनी पूरी गोलाई के साथ सांसों की गति के साथ ऊपर-नीचे हो रहे थे और उन तरबूजों के बीच की गहरी घाटी आर्यन की कल्पनाओं को पंख दे रही थी। मीरा जब झुककर फाइल उठाती, तो साड़ी का पल्लू थोड़ा खिसक जाता और उसके मखमली तरबूजों की झलक साफ दिखने लगती, जिससे आर्यन के शरीर में एक अजीब सी सिहरन दौड़ जाती थी।
आर्यन ने एक बहाना बनाया और मीरा को अपने पास बुलाया, मीरा जब पास आई तो उसके शरीर से उठने वाली चमेली की खुशबू ने आर्यन के दिमाग को सुन्न कर दिया। आर्यन ने धीरे से उसके हाथ को छुआ जब वह उसे फाइल पकड़ा रही थी, वह स्पर्श इतना बिजली जैसा था कि मीरा की आंखों में एक चमक दौड़ गई। दोनों की नजरें मिलीं और उस खामोशी में बहुत कुछ कह दिया गया, प्रोफेशनल मर्यादा की दीवारें धीरे-धीरे ढहने लगी थीं। आर्यन ने देखा कि मीरा की सांसें भी अब तेज हो गई थीं और उसके चेहरे पर एक हल्की सी लाली छा गई थी, जो उसकी सहमति का इशारा था।
आर्यन अपनी कुर्सी से खड़ा हुआ और धीरे से मीरा के पीछे जाकर खड़ा हो गया, उसने अपने हाथ मीरा की कमर पर रखे और उसे अपनी ओर खींचा। मीरा ने विरोध नहीं किया, बल्कि उसने अपना सिर आर्यन के मजबूत कंधे पर टिका दिया और अपनी आंखें मूंद लीं। आर्यन ने उसके गले पर अपनी गर्म सांसें छोड़ते हुए उसके कानों के पास फुसफुसाया, और फिर धीरे-धीरे उसके तरबूजों को पीछे से सहलाना शुरू किया। मीरा के मुंह से एक दबी हुई आह निकली और उसने अपने शरीर को आर्यन के शरीर से और भी करीब सटा लिया, दोनों के बीच की दूरी अब पूरी तरह खत्म हो चुकी थी।
आर्यन के हाथ अब मीरा की साड़ी की तहों को खोल रहे थे, उसने बहुत ही कोमलता से पल्लू को नीचे गिरा दिया और मीरा के ब्लाउज के हुक एक-एक करके खोलने लगा। जैसे ही ब्लाउज खुला, मीरा के दोनों बड़े और रसीले तरबूज पूरी तरह आजाद हो गए, जिन पर छोटे-छोटे मटर की तरह दाने उभरे हुए थे। आर्यन ने अपने हाथों में उन तरबूजों को भर लिया और उन्हें धीरे-धीरे भींचने लगा, मीरा की उत्तेजना अब सातवें आसमान पर थी। उसने पीछे मुड़कर आर्यन के चेहरे को थाम लिया और दोनों के होंठ एक-दूसरे में खो गए, वे एक-दूसरे के मुंह के रस का आनंद लेने लगे।
आर्यन ने मीरा को उठाकर टेबल पर बैठा दिया और उसकी साड़ी को पूरी तरह से शरीर से अलग कर दिया, अब मीरा पूरी तरह निर्वस्त्र थी और उसकी गहरी खाई साफ़ नजर आ रही थी। मीरा की उस रेशमी खाई के चारों ओर काले और मुलायम बाल थे जो उसकी सुंदरता को और बढ़ा रहे थे, आर्यन ने नीचे झुककर उस खाई को अपनी जुबान से चखना शुरू किया। मीरा ने आर्यन के बालों को अपनी उंगलियों में जकड़ लिया और अपने कूल्हों को आर्यन के चेहरे की तरफ धकेलने लगी, वह उस सुख से पागल हो रही थी। आर्यन की जुबान जब उसकी खाई के भीतर के नाजुक हिस्सों को छू रही थी, तो मीरा के बदन में बिजली सी कौंध रही थी।
मीरा अब और इंतजार नहीं कर सकती थी, उसने आर्यन की पैंट की बेल्ट खोली और उसके भीतर से उफनते हुए लंबे और सख्त खीरे को बाहर निकाला। वह खीरा पूरी तरह से तैयार था और अपनी नसों के साथ फड़क रहा था, मीरा ने उस खीरे को अपने दोनों हाथों में लिया और उसे सहलाने लगी। उसने धीरे से अपने होंठ उस खीरे के ऊपरी हिस्से पर रखे और उसे चूसना शुरू किया, आर्यन की आंखों के सामने अंधेरा छा गया और उसने अपनी आंखें बंद कर लीं। मीरा उस खीरे को अपनी गहराई तक ले रही थी और उसे पूरी तरह से गीला कर रही थी, जिससे कमरे में एक अलग ही संगीत गूँज रहा था।
आर्यन ने मीरा को टेबल पर सीधा लिटाया और उसके दोनों पैरों को उठाकर अपने कंधों पर रख लिया, अब उसकी गीली खाई पूरी तरह से आर्यन के सामने खुली हुई थी। आर्यन ने अपने खीरे के अगले हिस्से को उस खाई के मुहाने पर रखा और धीरे से भीतर धकेला, मीरा ने एक तीखी आह भरी और टेबल के कोनों को कसकर पकड़ लिया। वह खाई इतनी तंग थी कि खीरे को भीतर जाने में थोड़ी मेहनत करनी पड़ रही थी, लेकिन जैसे ही वह पूरी तरह भीतर समाया, दोनों के मुंह से एक साथ ‘ओह’ की आवाज निकली। आर्यन ने अब धीरे-धीरे खुदाई शुरू की, वह हर धक्के के साथ गहराई तक पहुँचने की कोशिश कर रहा था।
कमरे का तापमान अब बहुत बढ़ चुका था, दोनों के शरीरों से पसीना बह रहा था जो एक-दूसरे में मिल रहा था। आर्यन की खुदाई अब रफ्तार पकड़ रही थी, वह मीरा के तरबूजों को अपने हाथों में दबाते हुए उसे पूरी ताकत से खोद रहा था। मीरा के पिछवाड़े की हरकतें और उसकी सुरीली कराहें आर्यन को और भी ज्यादा उत्तेजित कर रही थीं, वह बार-बार मीरा के कानों में गंदे शब्द फुसफुसा रहा था। मीरा भी अब पूरी लय में थी, वह अपने कूल्हों को ऊपर उठाकर आर्यन के हर धक्के का स्वागत कर रही थी, उसकी खाई अब पूरी तरह से रस से लबालब हो चुकी थी।
आर्यन ने मीरा को पलटा और उसे घुटनों के बल खड़ा कर दिया, अब वह पिछवाड़े से खुदाई करने के लिए तैयार था। मीरा ने अपने दोनों हाथ टेबल पर टिका दिए और अपने पिछवाड़े को पीछे की ओर उभार दिया, जो देखने में किसी पहाड़ी जैसा लग रहा था। आर्यन ने पीछे से अपने खीरे को फिर से उस गीली खाई में उतारा और अब तेजी से प्रहार करने लगा। मीरा का पूरा शरीर हर धक्के के साथ आगे-पीछे हिल रहा था और उसके तरबूज नीचे की ओर झूल रहे थे, आर्यन ने पीछे से झुककर उसके मटरों को अपने दांतों से हल्का सा दबाया। खुदाई का यह मंजर बहुत ही गहरा और तीव्र था, जहाँ सिर्फ दो जिस्मों के टकराने की आवाजें गूँज रही थीं।
मीरा अब अपने चरमोत्कर्ष के करीब थी, उसका बदन बुरी तरह कांप रहा था और उसकी सांसें उखड़ रही थीं। उसने आर्यन से विनती की कि वह और तेज करे, आर्यन ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक दी और खुदाई की गति को चरम पर पहुँचा दिया। अचानक मीरा के शरीर में एक जोर का झटका लगा और उसकी खाई से ढेर सारा रस छूटने लगा, वह आर्यन के नाम को पुकारते हुए पूरी तरह ढीली पड़ गई। ठीक उसी वक्त आर्यन का भी सब्र टूट गया और उसके खीरे से गरम-गरम रस की धाराएं निकलकर मीरा की गहराई में समा गईं, दोनों ने एक-दूसरे को कसकर पकड़ लिया और कुछ देर तक उसी अवस्था में शांत रहे।
खुदाई के बाद दोनों का हाल बेहाल था, पसीने से तरबतर और थके हुए लेकिन पूरी तरह संतुष्ट। आर्यन ने मीरा को अपनी बाहों में भर लिया और उसके माथे को चूमा, मीरा उसके सीने पर अपना सिर रखकर लंबी-लंबी सांसें ले रही थी। ऑफिस का वह सन्नाटा अब एक सुखद एहसास से भर गया था, प्रोफेशनल दुनिया के बीच यह एक ऐसा पल था जिसने उनके रिश्तों को एक नई गहराई दे दी थी। धीरे-धीरे उन्होंने अपने कपड़े समेटे और खुद को व्यवस्थित किया, लेकिन उनकी आँखों में छिपी वह चमक बता रही थी कि यह सिर्फ एक शुरुआत थी और ऐसी कई रातें अभी आने वाली थीं।