ट्रेन वाली अजनबी चु@@ई
ट्रेन की मध्यम रोशनी और पटरियों पर दौड़ते पहियों की लयबद्ध आवाज़ के बीच समीर अपनी सीट नंबर चौबीस पर बैठा हुआ था। रात के ग्यारह बज चुके थे और कोच की अधिकतर लाइटें बंद हो चुकी थीं, सिर्फ गलियारे की मद्धम नीली रोशनी ही अंदर तक झांक रही थी। समीर के सामने वाली सीट … Read more