नयना साली और अहसासों की खुदाई
नयना साली और अहसासों की खुदाई—>मानसून की वह शाम बहुत ही जादुई और रहस्यमयी थी, जब आसमान से गिरती मूसलाधार बूंदों ने सूखी मिट्टी को एक नई और सोंधी महक से सराबोर कर दिया था। मैं और मेरी साली नयना हवेली के उस पुराने और वीरान हिस्से में खड़े थे जिसे वर्षों से किसी ने … Read more