नई सौतेली माँ की चु@@ई

नई सौतेली माँ की चु@@ई—>उस दोपहर की खामोशी में एक अजीब सी भारीपन थी, जैसे हवा भी किसी अनकही इच्छा के बोझ तले दबी हो। आर्यन अपने कमरे में बैठा था, लेकिन उसका ध्यान अपनी किताबों पर नहीं, बल्कि बाहर हॉल में टहलती अपनी सौतेली माँ कविता के कदमों की आहट पर था। कविता, जिसकी … Read more

कूपे के सन्नाटे में अजनबी मालकिन की रेशमी चु@@ई

समीर ने ट्रेन के कूपे का दरवाजा खोला और सामने की सीट पर एक ढलती उम्र की बेहद खूबसूरत महिला को बैठे देखा। उनका नाम आराधना था और उनकी आँखों में एक अजीब सा ठहराव था। समीर ने अपना बैग ऊपर रखा और उनके ठीक सामने वाली सीट पर बैठ गया, कूपे में एक खामोश … Read more

कविता की पुरानी चु@@ई

समीर और कविता बचपन के सबसे गहरे दोस्त थे, जिन्होंने स्कूल की गलियों से लेकर कॉलेज के गलियारों तक का सफर साथ तय किया था। बारह साल के लंबे अंतराल के बाद, समीर जब कविता के शहर वापस आया, तो पुरानी यादों का सैलाब उमड़ पड़ा। कविता अब एक परिपक्व और बेहद आकर्षक महिला बन … Read more

जवान दर्जी संग चु@@ई

मीना एक बत्तीस वर्षीय बहुत ही आकर्षक और सुडौल शरीर वाली महिला थी, जिसके अंगों की बनावट किसी को भी अपनी ओर खींचने के लिए काफी थी। उसके शरीर के उभार, खासकर उसके भारी और गोल तरबूज किसी भी पुरुष की धड़कनें तेज कर सकते थे, और उसकी चाल में एक ऐसी मादकता थी जो … Read more

पुरानी ट्यूशन टीचर के साथ पहली चु@@ई का अहसास

पुरानी ट्यूशन टीचर के साथ पहली चु@@ई का अहसास —> दस साल बाद रितु मैम के सामने खड़ा होना मेरे लिए किसी ख्वाब से कम नहीं था। उनकी सिल्क की साड़ी उनके बदन पर इस कदर लिपटी थी जैसे किसी झरने का पानी पत्थर से लिपटा हो। उनके चेहरे पर वही पुरानी चमक थी जो … Read more

अधूरी रात की अनकही चु@@ई की प्यास

अधूरी रात की अनकही चु@@ई की प्यास —> मीरा अपने अपार्टमेंट की बालकनी में खड़ी ठंडी रात की हवा का इंतज़ार कर रही थी। शहर की रोशनी दूर तक फैली थी, पर उसके दिल में एक अजीब सी तड़प और खालीपन था। तभी पड़ोस के फ्लैट की बालकनी में नया रहने आया अर्जुन बाहर निकला। … Read more

टीचर नेहा की चु@@ई

शाम के ढलते सूरज की रोशनी नेहा के कमरे में खिड़की के पर्दों से छनकर आ रही थी, जिससे पूरे कमरे में एक सुनहरी और मादक चमक फैल गई थी। समीर आज पूरे पाँच साल बाद अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर नेहा मैम से मिलने उनके घर आया था। नेहा अब बत्तीस साल की हो चुकी … Read more

अजनबी संग लिफ्ट में चु@@ई

अजनबी संग लिफ्ट में चु@@ई—> रात के ग्यारह बज चुके थे और मुंबई की उस आलीशान गगनचुंबी इमारत में सन्नाटा पसरा हुआ था। कविता अपने ऑफिस के काम से थकी-हारी घर लौट रही थी। उसने गहरे नीले रंग की रेशमी साड़ी पहनी हुई थी, जो उसके सुडौल और कामुक शरीर पर बिल्कुल फिट बैठी थी। … Read more

नेहा मां की चु@@ई

नेहा मां की चु@@ई—> उस उमस भरी रात में घर की हवा जैसे ठहर सी गई थी, और मेरे कमरे की खिड़की से आती हल्की सी सरसराहट भी दिल की धड़कनें बढ़ाने के लिए काफी थी। नेहा, मेरी सौतेली मां, जो उम्र के उस पड़ाव पर थीं जहाँ एक औरत का शरीर पूरी तरह से … Read more

अजनबी पड़ोसन की मदहोश चु@@ई

अजनबी पड़ोसन की मदहोश चु@@ई —> समीर अभी कुछ ही दिन पहले शहर के इस नए अपार्टमेंट में रहने आया था, जहाँ की तड़क-भड़क और शांति उसे अपनी ओर खींचती थी। वह एक जवान, गठीले शरीर वाला युवक था जिसकी आँखों में हमेशा एक अजीब सी चमक और दिल में कुछ कर गुजरने की तमन्ना … Read more

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