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स्टूडियो की वो जादुई रात

उस पुराने स्टूडियो के भीतर की खामोशी और वहां फैली हल्की पीली रोशनी ने एक अलग ही मायावी संसार रच दिया था, जहाँ आर्यन और मीरा एक-दूसरे के बेहद करीब खड़े थे। मीरा की रेशमी साड़ी उसके कंधों से फिसल रही थी, जिससे उसके पुष्ट और सुडौल तरबूज उभर कर सामने आ रहे थे, जो … Read more

पहाड़ी हवेली की तपिश

समीर पहाड़ों के इस एकांत बंगले में अपने शोध के लिए आया था, जहाँ की शांति उसे सुकून दे रही थी, लेकिन वहीं की देखरेख करने वाली नंदिनी की उपस्थिति उसके मन में एक अजीब सी हलचल पैदा कर रही थी। नंदिनी की उम्र २३ के करीब रही होगी, उसका रंग गेंहुआ था और उसकी … Read more

पुस्तकालय की वह मदहोश दोपहर

पुरानी हवेली के उस विशाल और शांत पुस्तकालय में हवा जैसे ठहर सी गई थी, जहाँ धूल के कण सूरज की मद्धम रोशनी में नाच रहे थे। समीर और कविता पिछले दो घंटों से पुरानी पांडुलिपियों को सहेजने में व्यस्त थे, लेकिन उनके बीच की खामोशी शब्दों से कहीं ज्यादा शोर मचा रही थी। कविता … Read more

चित्रकला की गहराइयाँ और रेशमी तड़प

उस शांत दोपहर में आर्यन के आर्ट स्टूडियो के भीतर केवल कैनवास पर रगड़ते ब्रश की आवाज और छत के पंखे की मध्यम घरघराहट ही सुनाई दे रही थी, जो वातावरण की नीरसता को तोड़ने की कोशिश कर रही थी। आर्यन अपनी शिष्या काव्या के ठीक पीछे खड़ा था, जो रंगों को मिलाने में थोड़ी … Read more

पुरानी हवेली की जादूगरनी से प्यार

राजस्थान के उस छोटे से गांव का नाम था कालापुर। आसपास की पहाड़ियों में घने जंगल, पुरानी कुएं, और वो हवेली जो गांव के सबसे कोने में खड़ी थी – भारी, पुरानी, दीवारों पर लता-बेलें चढ़ी हुईं। गांव में कुल १२० परिवार थे, पुरुष दिन भर खेतों में, मवेशी चराते, या बाजार में माल बेचते। … Read more

रिसॉर्ट की मालकिन को चो@@दा

 छब्बीस साल का था। दिल्ली में सॉफ्टवेयर कंपनी में काम करता था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से काम का बोझ इतना बढ़ गया था कि वो थक गया था। बॉस ने कहा, एक महीने का ब्रेक ले लो, रिफ्रेश होकर आना। आरव ने सोचा, कुछ अलग ट्राई करूं। हिमाचल के एक छोटे से गांव में … Read more

पड़ोस वाली मैडम की दमदार खुदाई – 1

दोस्तों, आपका नया दोस्त कामेश आज अपनी पहली और बिल्कुल सच्ची घटना लेकर आपके सामने हाजिर है।   पहले मैं अपना परिचय दे दूं। मेरा नाम कामेश है। मैं पुणे के पास एक छोटे से शहर में रहता हूं। अभी मेरी उम्र २२ साल है और ये कहानी उस वक्त की है जब मैं २० साल … Read more

ऑफिस के दोस्त से चु@@ई

शहर की चकाचौंध वाली रात थी। दिल्ली की ऊँची इमारतों के बीच, १५वीं मंजिल के उस फ्लैट में, जहां से नीचे की सड़कों पर गाड़ियों की लाइटें नदियों की तरह बह रही थीं, रिया और विक्रम अकेले थे। रिया, अपनी काली टाइट ड्रेस में, बाल खुले छोड़कर बालकनी में खड़ी थी। हवा में ठंडक थी, … Read more

समंदर की वो रात – लहरों के बीच

रिया उस छोटे से तटीय गांव के आखिरी घर में अकेली थी। रात के १ बजे समंदर की लहरें इतनी तेज थीं कि उनकी आवाज दीवारों से टकराकर घर के अंदर तक गूंज रही थी। हवा में नमक और बारिश की महक घुली हुई थी। रिया की हल्की नीली साड़ी समंदर की छींटों से भीगकर … Read more

गाँव की वो रात और चु@@ई

कुसुम उस छोटे से गाँव के आखिरी खेत के पास बने मिट्टी के मकान में अकेली थी। रात के १२ बज चुके थे। बाहर खेतों में सरसों के फूल हल्की हवा में लहरा रहे थे, और दूर कहीं कोई कुत्ता भौंक रहा था। चाँद की रोशनी खिड़की से झांक रही थी, और कुसुम की पीली … Read more

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