पुरानी ट्यूशन टीचर की प्यासी खाई और मेरा जवान खीरा

शाम का धुंधलका गहराने लगा था और पार्क के उस दूरस्थ कोने में सन्नाटा पसरा हुआ था, जहाँ सिर्फ पत्तों की सरसराहट सुनाई दे रही थी। आर्यन अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर, नीलम मैम के बगल में बैठा था, जिन्हें वह सालों बाद आज अचानक मिला था। नीलम मैम की उम्र भले ही बढ़ गई थी, … Read more

पुरानी यादों की छाँव में बगीचे की रसीली खुदाई

पुरानी यादों की छाँव में बगीचे की रसीली खुदाई—> शहर के उस शोर-शराबे से दूर, वनस्पति उद्यान के सबसे आखिरी और घने कोने में जहाँ बरगद की विशाल जटाएँ जमीन को चूम रही थीं, समीर और नेहा एक दूसरे के बहुत करीब बैठे थे। दस साल बाद जब वे मिले थे, तो उनके बीच की … Read more

होटल का अनजाना सफर और रेशमी रात

होटल का अनजाना सफर और रेशमी रात—>रात के सन्नाटे में होटल के गलियारे बिल्कुल शांत थे, लेकिन मेरे कमरे के भीतर धड़कनों का शोर बढ़ता जा रहा था। मीरा जी, जो मेरे बगल वाले कमरे में रुकी थीं और जिनसे मेरी मुलाकात केवल दो दिन पहले हुई थी, अचानक बर्फ मांगने के बहाने मेरे कमरे … Read more

कॉलेज की अधूरी हसरत और वह सुनसान पार्क

कॉलेज की अधूरी हसरत और वह सुनसान पार्क—>शहर के शोर-शराबे से दूर उस पुराने और घने बोटैनिकल गार्डन के एक सुनसान कोने में समीर और मेघा आज दस साल बाद मिल रहे थे। समीर की नजरें मेघा पर टिकी थीं, जो अब पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व और मादक लग रही थी। नीले रंग की … Read more

पड़ोसन शोभा की चु@@ई

पड़ोसन शोभा की चु@@ई—>नया शहर और नया अपार्टमेंट, समीर के लिए सब कुछ एक ताज़गी भरा अहसास लेकर आया था। समीर एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था, जिसकी आँखों में हमेशा दृश्यों को गहराई से देखने की आदत थी। उसका फ्लैट नंबर 402 था और ठीक उसके सामने वाले फ्लैट 401 में शोभा जी रहती थीं। शोभा … Read more

साली संग रसीली चु@@ई

साली संग रसीली चु@@ई—> उस रात घर में एक अजीब सी खामोशी और गर्माहट घुली हुई थी। समीर सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रसोई की तरफ जा रहा था जहाँ उसकी साली कविता खाना गर्म कर रही थी। समीर की पत्नी ऋतु पिछले चार दिनों से अपने मायके गई … Read more

गर्म बाग की चु@@ई

नमस्ते भाइयों और बहनों, आज की ये दास्तान उस दोपहर की है जब सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और गाँव के पुराने बागों में सन्नाटा पसरा हुआ था। मैं अपने पुराने बाग की देखभाल कर रहा था, जहाँ सालों से मेरी मेहनत का पसीना मिट्टी में मिल रहा था। तभी वहाँ मेरी पुरानी … Read more

मखमली इश्क का सफ़र

मखमली इश्क का सफ़र—>बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और ट्रेन की खिड़की पर गिरती बूंदें जैसे किसी पुराने राग की धुन छेड़ रही थीं। डिब्बे के भीतर की मद्धम नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और जादुई सा लग रहा था, जैसे समय अपनी गति धीमी कर चुका हो। मैं अपनी सीट पर बैठा … Read more

कविता मैम की चु@@ई

कविता मैम की चु@@ई—> शहर की उस शांत दोपहर में जब सूरज की किरणें खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे के फर्श पर सुनहरी लकीरें बना रही थीं, रोहन अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर कविता मैम के घर के बाहर खड़ा था। पाँच साल बीत चुके थे, लेकिन उस घर की खुशबू आज भी वही थी। … Read more

कविता माँ की चु@@ई

कविता माँ की चु@@ई—> शहर की उस शांत दोपहर में जब घर के बाकी लोग काम से बाहर थे, आर्यन अपनी सौतेली माँ कविता के साथ घर में अकेला था। कविता की उम्र छत्तीस साल थी, लेकिन उसका शरीर किसी कच्ची कली की तरह खिला हुआ था। उसकी गेंहुआ रंगत और रेशमी साड़ी के भीतर … Read more

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