होटल का वह अनजाना कमरा और पड़ोसन की नशीली रात

होटल का वह अनजाना कमरा और पड़ोसन की नशीली रात—>समीर अपने काम के सिलसिले में शहर के एक आलीशान होटल में रुका हुआ था। रात के दस बज रहे थे और वह अपनी बालकनी में खड़ा होकर बाहर की जगमगाती रोशनी को देख रहा था। तभी उसकी नज़र बगल वाली बालकनी में खड़ी एक खूबसूरत … Read more

रेशमी अहसास और बंद कमरे की अधूरी प्यास

रेशमी अहसास और बंद कमरे की अधूरी प्यास—> दोपहर का वह वक्त जब पूरी हवेली गहरी नींद के आगोश में थी, सूरज अपनी चरम सीमा पर था और खिड़कियों के परदे हल्की हवा से लहरा रहे थे। आर्यन अपने कमरे से पानी पीने के लिए निकला था, लेकिन उसकी नजरें अपनी भाभी सीमा के कमरे … Read more

जवान चाची की चु@@ई

जवान चाची की चु@@ई —> उसी दोपहर की उमस भरी खामोशी में समीर अपनी चाची कविता के घर पहुँचा था। कविता चाची की उम्र करीब अड़तीस साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और चेहरे की चमक किसी पच्चीस साल की युवती को भी मात दे सकती थी। उनके शरीर के उतार-चढ़ाव किसी गहरे समंदर … Read more

प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास

[TITLE] प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास —> दोपहर की चिलचिलाती धूप में हवेली के सन्नाटे के बीच रेखा भाभी अपनी साड़ी के पल्लू से चेहरे का पसीना पोंछ रही थीं। उनकी आँखों में एक अजीब सी तड़प और गहराई थी जो शायद सालों की तन्हाई का नतीजा थी। राहुल ने जब कमरे के … Read more

मीना चाची की दबी इच्छा और दोपहर की वह रसभरी खुदाई

मीना चाची की दबी इच्छा और दोपहर की वह रसभरी खुदाई—> मीना चाची का व्यक्तित्व हमेशा से ही घर में चर्चा का विषय रहा है। उनकी उम्र लगभग चौंतीस वर्ष है, लेकिन उनके बदन की बनावट आज भी किसी कमसिन कली जैसी कसी हुई और आकर्षक है। उनके चेहरे की चमक और उनकी गहरी काली … Read more

पसीने की महक और प्रेस वाले की गहरी खुदाई

पसीने की महक और प्रेस वाले की गहरी खुदाई—> दोपहर की चिलचिलाती धूप में मीरा अपने घर के ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी, लेकिन उसका मन किसी काम में नहीं लग रहा था। उसके पति ऑफिस के काम से दो दिनों के लिए शहर से बाहर गए थे और घर … Read more

मीरा मामी की प्यास और बंद कमरे की तपन

मीरा मामी की प्यास और बंद कमरे की तपन—>दोपहर की चिलचिलाती धूप में पूरा मोहल्ला सन्नाटे में डूबा हुआ था, लेकिन मामाजी के घर के भीतर एक अलग ही तरह की बेचैनी पनप रही थी। समीर अपनी गर्मियों की छुट्टियाँ बिताने शहर आया था और इस बार मामाजी को अचानक दफ्तर के काम से बाहर … Read more

मौसी की रसीली चु@@ई

मौसी की रसीली चु@@ई—>आर्यन अपनी मौसी नेहा के घर पहुँचा था, जहाँ शांति और सन्नाटे के बीच एक अजीब सी उत्तेजना हवा में तैर रही थी। नेहा की उम्र करीब ३५ साल थी, लेकिन उनकी काया किसी कमसिन कली जैसी ही कसरती और सुडौल थी, जो किसी भी मर्द के मन में तूफान ला सकती … Read more

सौतेली माँ की चु@@ई

आर्यन जब कॉलेज से वापस लौटा तो घर में सन्नाटा पसरा हुआ था, दोपहर की चिलचिलाती धूप ने बाहर की रौनक छीन ली थी लेकिन घर के भीतर का तापमान कुछ और ही कहानी बयां कर रहा था। उसकी सौतेली माँ, कविता, लिविंग रूम में सोफे पर लेटी हुई थी और उनके बदन पर रेशमी … Read more

अतृप्त चाहत और बुआ का समर्पण

अतृप्त चाहत और बुआ का समर्पण—>गर्मी की वो दोपहर आज भी मेरे ज़हन में वैसी ही ताज़ा है जैसे कल की बात हो। मैं अपने शहर से दूर बुआ के घर छुट्टियों में गया हुआ था। बुआ, जिनका नाम अंजलि था, उनकी उम्र लगभग 36 साल रही होगी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और ढलान … Read more

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!