ट्रेनर संग दमदार चु@@ई

रिया ने जैसे ही जिम के भारी कांच वाले दरवाजे को धकेला, उसके कानों में भारी लोहे के टकराने की आवाज और बेस वाली म्यूजिक की धमक सुनाई दी। वह पिछले कई सालों से खुद को फिट रखने की कोशिश कर रही थी, लेकिन आज उसका मन कुछ अलग ही बेचैनी महसूस कर रहा था। … Read more

देवर और भाभी की रसीली चु@@ई की दास्ताँ

गाँव की तपती दुपहरी में खेतों की हरियाली चारों तरफ फैली हुई थी। सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और हवा में एक अजीब सी गर्मी थी। मैं अपने ताऊजी के लड़के की पत्नी, सुनीता भाभी के साथ मक्के के ऊंचे-ऊंचे पौधों के बीच खड़ा था। भाभी ने अपनी लाल साड़ी को कमर में … Read more

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद —> शादी का माहौल चारों तरफ खुशियों और ढोल-नगाड़ों से भरा हुआ था, लेकिन मेरी नजरें केवल सुनीता भाभी पर टिकी हुई थीं। उन्होंने गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें उनके रसीले आम जैसे उभार साफ झलक रहे थे। मैं बस मौका ढूंढ रहा … Read more

साली की नशीली चु@@ई

साली की नशीली चु@@ई—> दोपहर की चिलचिलाती गर्मी में घर के भीतर एक अजीब सी खामोशी छाई हुई थी, जो किसी आने वाले तूफान का संकेत दे रही थी। समीर अपने कमरे में मेज पर झुककर लैपटॉप पर कुछ काम कर रहा था, लेकिन उसका मन बार-बार भटक रहा था क्योंकि घर में उसके और … Read more

शारदा बुआ की रेशमी खाई और दोपहर की गुप्त खुदाई

गर्मियों की वह शांत दोपहर आज भी मुझे याद है जब घर के सभी बड़े एक रिश्तेदार की शादी में गए हुए थे और घर पर सिर्फ मैं और मेरी युवा शारदा बुआ अकेले थे। बुआ की उम्र लगभग पैंतीस साल थी लेकिन उनके शरीर की बनावट किसी बीस साल की नवयौवना को मात देती … Read more

शालिनी मामी की रेशमी साड़ी और वो मदहोश कर देने वाली दोपहर

शालिनी मामी की रेशमी साड़ी और वो मदहोश कर देने वाली दोपहर—>शहर की तपती दोपहर में जब सूरज अपनी पूरी ताकत से आग उगल रहा था, तब मैं अपनी मामी शालिनी के घर के ठंडे ड्राइंग रूम में सोफे पर लेटा हुआ था। मामी की उम्र करीब 28 साल रही होगी, और उनकी काया किसी … Read more

अजनबी सफर की वो मदहोश रात और अनचाही नजदीकियां

अजनबी सफर की वो मदहोश रात और अनचाही नजदीकियां—> समीर ने होटल के काउंटर पर अपनी चाबी ली और दिन भर की थकान मिटाने के लिए अपने कमरे की ओर बढ़ गया, लेकिन जैसे ही उसने कमरा खोला, उसकी नजर सामने खड़ी एक बेहद हसीन महिला पर पड़ी। वह महिला, जिसका नाम कविता था, करीब … Read more

जंगल के रिसॉर्ट में अधूरी खुदाई

मानसून की वो शाम कुछ अलग ही थी। शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच बने उस पुराने रिसॉर्ट में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे सिर्फ बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही थी। मेरा नाम समीर है, और मैं यहाँ अपने काम के सिलसिले में आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और … Read more

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई—>समीर और कविता दस साल बाद उसी पुराने पार्क के कोने वाले बेंच पर बैठे थे जहाँ कभी उन्होंने अपने स्कूल के दिन बिताये थे। शाम ढल रही थी और पार्क में सन्नाटा पसरने लगा था, सिर्फ झींगुरों की आवाजें आ रही थीं जो इस … Read more

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई —> दोपहर की वो सुस्त गर्मी और घर में पसरी वो अजीब सी खामोश बेचैनी मुझे अंदर तक झकझोर रही थी। मीरा भाभी अपनी पतली रेशमी साड़ी के पल्लू को सहेजते हुए रसोई में कुछ काम कर रही थीं, लेकिन उनकी आँखों में छिपी वो उदासी मुझसे कुछ … Read more

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