जंगल के रिसॉर्ट में अधूरी खुदाई
मानसून की वो शाम कुछ अलग ही थी। शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच बने उस पुराने रिसॉर्ट में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे सिर्फ बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही थी। मेरा नाम समीर है, और मैं यहाँ अपने काम के सिलसिले में आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और … Read more