जंगल के रिसॉर्ट में अधूरी खुदाई

मानसून की वो शाम कुछ अलग ही थी। शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच बने उस पुराने रिसॉर्ट में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे सिर्फ बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही थी। मेरा नाम समीर है, और मैं यहाँ अपने काम के सिलसिले में आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और … Read more

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद

भाभी के साथ शादी में रसीली चु@@ई का आनंद —> शादी का माहौल चारों तरफ खुशियों और ढोल-नगाड़ों से भरा हुआ था, लेकिन मेरी नजरें केवल सुनीता भाभी पर टिकी हुई थीं। उन्होंने गहरे लाल रंग की साड़ी पहनी थी, जिसमें उनके रसीले आम जैसे उभार साफ झलक रहे थे। मैं बस मौका ढूंढ रहा … Read more

गाँव की शादी में मस्त भाभी की रसीली चु@@ई

गाँव की चिलचिलाती गर्मी में बड़े भाई की शादी का माहौल था और पूरा घर रिश्तेदारों से भरा हुआ था। चारों तरफ शोर-शराबा था लेकिन मेरा ध्यान सिर्फ अपनी दूर की भाभी सीमा पर था, जो लाल रंग की साड़ी में किसी अप्सरा से कम नहीं लग रही थी। सीमा भाभी के उभरे हुए **रसीले … Read more

देवर और भाभी की रसीली चु@@ई की दास्ताँ

गाँव की तपती दुपहरी में खेतों की हरियाली चारों तरफ फैली हुई थी। सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और हवा में एक अजीब सी गर्मी थी। मैं अपने ताऊजी के लड़के की पत्नी, सुनीता भाभी के साथ मक्के के ऊंचे-ऊंचे पौधों के बीच खड़ा था। भाभी ने अपनी लाल साड़ी को कमर में … Read more

प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास

[TITLE] प्यासी भाभी की रसीली चु@@ई का एहसास —> दोपहर की चिलचिलाती धूप में हवेली के सन्नाटे के बीच रेखा भाभी अपनी साड़ी के पल्लू से चेहरे का पसीना पोंछ रही थीं। उनकी आँखों में एक अजीब सी तड़प और गहराई थी जो शायद सालों की तन्हाई का नतीजा थी। राहुल ने जब कमरे के … Read more

अतृप्त इच्छाओं की गरम चु@@ई और मीरा भाभी का समर्पण

अतृप्त इच्छाओं की गरम चु@@ई और मीरा भाभी का समर्पण —> दोपहर की वह तपती धूप कमरे की खिड़कियों से छनकर अंदर आ रही थी, जिससे पूरा वातावरण एक अजीब सी उमस से भर गया था। मीरा भाभी रसोई में काम कर रही थीं और उनके बदन से निकलता पसीना उनकी पतली साड़ी को शरीर … Read more

बचपन की यादें और पुरानी क्रश के साथ बगीचे वाली मदहोश खु@@ई

बचपन की यादें और पुरानी क्रश के साथ बगीचे वाली मदहोश खु@@ई—> बचपन की उस सहेली श्रेया का चेहरा आज भी मेरे ज़हन में उतना ही ताज़ा था, जितना दस साल पहले हुआ करता था। लेकिन आज जब वह उस पुराने फार्महाउस के सुनसान बगीचे में मेरे सामने खड़ी थी, तो उसकी देह की बनावट … Read more

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई

बचपन की अधूरी मोहब्बत और सुनसान पार्क में पहली गरमा-गरम खुदाई—>समीर और कविता दस साल बाद उसी पुराने पार्क के कोने वाले बेंच पर बैठे थे जहाँ कभी उन्होंने अपने स्कूल के दिन बिताये थे। शाम ढल रही थी और पार्क में सन्नाटा पसरने लगा था, सिर्फ झींगुरों की आवाजें आ रही थीं जो इस … Read more

पुरानी यादें और चु@@ई

मीरा जब बरसों बाद रोहन के घर आई, तो उसे देखकर रोहन की सांसें जैसे ठहर सी गईं। वह पहले से कहीं ज्यादा निखर गई थी, उसके शरीर का हर अंग एक नई कहानी कह रहा था। उसकी रेशमी साड़ी उसके जिस्म की हर ढलान और उभार को बड़ी खूबसूरती से उभार रही थी। मीरा … Read more

बचपन की यादोंवाली चु@@ई

बचपन की यादोंवाली चु@@ई—बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और कमरे के अंदर की खामोशी समीर और उसकी पुरानी क्रश मीनाक्षी के बीच की अनकही तड़प को और भी गहरा कर रही थी। समीर ने दस साल बाद मीनाक्षी को देखा था, लेकिन उसका रूप अब एक परिपक्व और बेहद आकर्षक औरत का हो चुका … Read more

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