पुरानी टीचर की चु@@ई

नेहा मैम को देखकर हमेशा से ही मेरे मन में एक अजीब सी हलचल होती थी, लेकिन आज सालों बाद जब मैं उनके घर पहुँचा, तो उन्हें देखकर मेरी साँसें जैसे थम सी गईं। उन्होंने एक गहरे नीले रंग की शिफॉन की साड़ी पहनी हुई थी, जो उनके गोरे और तराशे हुए बदन पर बिजली … Read more

मैडम की मदहोश चु@@ई

मैडम की मदहोश चु@@ई—> नेहा मैडम के घर की उस शाम की हवा में एक अजीब सी बेचैनी और नमी थी, जो बाहर हो रही मूसलाधार बारिश के कारण और भी गहरी हो गई थी। उनके शरीर की बनावट हमेशा से ही समीर के मन में एक हलचल पैदा करती आई थी, लेकिन आज कुछ … Read more

मखमली इश्क का सफ़र

मखमली इश्क का सफ़र—>बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और ट्रेन की खिड़की पर गिरती बूंदें जैसे किसी पुराने राग की धुन छेड़ रही थीं। डिब्बे के भीतर की मद्धम नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और जादुई सा लग रहा था, जैसे समय अपनी गति धीमी कर चुका हो। मैं अपनी सीट पर बैठा … Read more

बचपन की यादें और चु@@ई

बचपन की यादें और चु@@ई—> बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और कमरे के भीतर सन्नाटा छाया हुआ था, लेकिन वह सन्नाटा खामोश नहीं था, बल्कि उसमें एक अजीब सी तड़प और गर्माहट घुली हुई थी। समीर और नेहा बचपन के सबसे अच्छे दोस्त थे, जो सालों बाद एक-दूसरे के सामने बैठे थे। नेहा की … Read more

साली की मदहोश चु@@ई

साली की मदहोश चु@@ई —> दोपहर का वक्त था और घर के सभी सदस्य शादी की खरीदारी के लिए बाजार गए हुए थे। घर में सिर्फ राजेश और उसकी साली कविता अकेले थे। कविता अपनी बड़ी बहन के घर कुछ दिनों के लिए रहने आई थी। उसकी उम्र करीब 24 साल थी और उसका शरीर … Read more

जवान चाची की चु@@ई

जवान चाची की चु@@ई —> दोपहर का वह सन्नाटा आज कुछ ज्यादा ही गहरा लग रहा था, जैसे घर की दीवारें भी किसी अनकही इच्छा के बोझ तले दबी हुई हों। बाहर सूरज की तपिश अपनी चरम सीमा पर थी, लेकिन घर के भीतर कूलर की ठंडी हवा एक अजीब सी सिहरन पैदा कर रही … Read more

कॉलेज की अधूरी हसरत और वह सुनसान पार्क

कॉलेज की अधूरी हसरत और वह सुनसान पार्क—>शहर के शोर-शराबे से दूर उस पुराने और घने बोटैनिकल गार्डन के एक सुनसान कोने में समीर और मेघा आज दस साल बाद मिल रहे थे। समीर की नजरें मेघा पर टिकी थीं, जो अब पहले से कहीं ज्यादा परिपक्व और मादक लग रही थी। नीले रंग की … Read more

पुरानी यादों की छाँव में बगीचे की रसीली खुदाई

पुरानी यादों की छाँव में बगीचे की रसीली खुदाई—> शहर के उस शोर-शराबे से दूर, वनस्पति उद्यान के सबसे आखिरी और घने कोने में जहाँ बरगद की विशाल जटाएँ जमीन को चूम रही थीं, समीर और नेहा एक दूसरे के बहुत करीब बैठे थे। दस साल बाद जब वे मिले थे, तो उनके बीच की … Read more

होटल का वह अनजाना कमरा और पड़ोसन की नशीली रात

होटल का वह अनजाना कमरा और पड़ोसन की नशीली रात—>समीर अपने काम के सिलसिले में शहर के एक आलीशान होटल में रुका हुआ था। रात के दस बज रहे थे और वह अपनी बालकनी में खड़ा होकर बाहर की जगमगाती रोशनी को देख रहा था। तभी उसकी नज़र बगल वाली बालकनी में खड़ी एक खूबसूरत … Read more

ट्यूशन वाली मैम और पुराने छात्र की बगीचे वाली यादें

ट्यूशन वाली मैम और पुराने छात्र की बगीचे वाली यादें—>कई सालों बाद जब मैं अपने पुराने शहर लौटा तो मन में बस एक ही चेहरा था, मेरी पुरानी ट्यूशन टीचर नीलम मैम। नीलम मैम का वह गहरा व्यक्तित्व और उनकी गंभीर आवाज आज भी मेरे कानों में गूंजती थी। शाम का वक्त था और शहर … Read more

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