पड़ोसन शोभा की चु@@ई

पड़ोसन शोभा की चु@@ई—>नया शहर और नया अपार्टमेंट, समीर के लिए सब कुछ एक ताज़गी भरा अहसास लेकर आया था। समीर एक फ्रीलांस फोटोग्राफर था, जिसकी आँखों में हमेशा दृश्यों को गहराई से देखने की आदत थी। उसका फ्लैट नंबर 402 था और ठीक उसके सामने वाले फ्लैट 401 में शोभा जी रहती थीं। शोभा … Read more

साली संग रसीली चु@@ई

साली संग रसीली चु@@ई—> उस रात घर में एक अजीब सी खामोशी और गर्माहट घुली हुई थी। समीर सोफे पर बैठा टीवी देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान बार-बार रसोई की तरफ जा रहा था जहाँ उसकी साली कविता खाना गर्म कर रही थी। समीर की पत्नी ऋतु पिछले चार दिनों से अपने मायके गई … Read more

गर्म बाग की चु@@ई

नमस्ते भाइयों और बहनों, आज की ये दास्तान उस दोपहर की है जब सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और गाँव के पुराने बागों में सन्नाटा पसरा हुआ था। मैं अपने पुराने बाग की देखभाल कर रहा था, जहाँ सालों से मेरी मेहनत का पसीना मिट्टी में मिल रहा था। तभी वहाँ मेरी पुरानी … Read more

मखमली इश्क का सफ़र

मखमली इश्क का सफ़र—>बाहर मूसलाधार बारिश हो रही थी और ट्रेन की खिड़की पर गिरती बूंदें जैसे किसी पुराने राग की धुन छेड़ रही थीं। डिब्बे के भीतर की मद्धम नीली रोशनी में सब कुछ धुंधला और जादुई सा लग रहा था, जैसे समय अपनी गति धीमी कर चुका हो। मैं अपनी सीट पर बैठा … Read more

कविता मैम की चु@@ई

कविता मैम की चु@@ई—> शहर की उस शांत दोपहर में जब सूरज की किरणें खिड़की के पर्दों से छनकर कमरे के फर्श पर सुनहरी लकीरें बना रही थीं, रोहन अपनी पुरानी ट्यूशन टीचर कविता मैम के घर के बाहर खड़ा था। पाँच साल बीत चुके थे, लेकिन उस घर की खुशबू आज भी वही थी। … Read more

कविता माँ की चु@@ई

कविता माँ की चु@@ई—> शहर की उस शांत दोपहर में जब घर के बाकी लोग काम से बाहर थे, आर्यन अपनी सौतेली माँ कविता के साथ घर में अकेला था। कविता की उम्र छत्तीस साल थी, लेकिन उसका शरीर किसी कच्ची कली की तरह खिला हुआ था। उसकी गेंहुआ रंगत और रेशमी साड़ी के भीतर … Read more

रीता की कोच संग चु@@ई

रीता की कोच संग चु@@ई—> जिम की ठंडी हवा और चारों तरफ मशीनों की खनक के बीच रीता अपनी कसरत में मशगूल थी, लेकिन उसका ध्यान आज बार-बार भटक रहा था। रीता की उम्र लगभग बत्तीस साल थी और उसका शरीर एक सजी हुई मूरत की तरह था, जिसकी हर ढलान और उभार किसी को … Read more

जिम की तन्हाई और पुरानी सीनियर का नशा

जिम की तन्हाई और पुरानी सीनियर का नशा—> आर्यन अपनी पुरानी स्कूल की सीनियर माया को जिम के खाली कोने में देख रहा था, जहाँ रोशनी थोड़ी मद्धम थी। माया की उम्र करीब अठ्ठाईस साल थी, लेकिन उसका शरीर किसी तराशी हुई संगमरमर की मूरत जैसा था जिसे कुदरत ने बड़ी फुर्सत से गढ़ा हो। … Read more

जवान सौतेली माँ की चु@@ई

कविता की उम्र अभी मुश्किल से बत्तीस साल रही होगी, लेकिन उनके शरीर की बनावट किसी बीस साल की मदमस्त युवती को मात देती थी। उनकी कमर की गोलाई और उनके भारी-भरकम और उभरे हुए तरबूज जब उनकी रेशमी साड़ी के नीचे से अपनी मौजूदगी दर्ज कराते थे, तो देखने वाले की सांसें थम जाती … Read more

रात के सफर की एक मदहोश चु@@ई का एहसास

रात के सफर की एक मदहोश चु@@ई का एहसास —> ट्रेन की उस कूपे में हवा जैसे ठहर गई थी। दिल्ली से मुंबई जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस की गड़गड़ाहट के बीच मेरा दिल अपनी ही रफ्तार से धड़क रहा था। सामने वाली सीट पर बैठी उस अजनबी महिला की रेशमी साड़ी की सरसराहट मुझे बार-बार … Read more

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