रीता की कोच संग चु@@ई—>
जिम की ठंडी हवा और चारों तरफ मशीनों की खनक के बीच रीता अपनी कसरत में मशगूल थी, लेकिन उसका ध्यान आज बार-बार भटक रहा था। रीता की उम्र लगभग बत्तीस साल थी और उसका शरीर एक सजी हुई मूरत की तरह था, जिसकी हर ढलान और उभार किसी को भी दीवाना बनाने के लिए काफी थे। उसके जिम ट्रेनर और पुराने कॉलेज के दोस्त आर्यन की नजरें भी आज कुछ ज्यादा ही रीता पर टिकी हुई थीं। आर्यन एक गठीले बदन का नौजवान था, जिसकी चौड़ी छाती और मजबूत बाजुओं को देखकर रीता के मन में हलचल मच जाती थी। आज जिम में कोई और नहीं था क्योंकि आर्यन ने उसे एक्स्ट्रा वर्कआउट के लिए देर शाम बुलाया था, और यही एकांत दोनों के बीच की झिझक को धीरे-धीरे खत्म कर रहा था।
रीता ने आज बहुत ही टाइट जिम वियर पहना हुआ था, जिसमें उसके दोनों तरबूज अपनी पूरी गोलाई के साथ उभर कर सामने आ रहे थे। जब वह ट्रेडमिल पर दौड़ती थी, तो उसके तरबूजों की हलचल आर्यन की धड़कनें बढ़ा देती थी। आर्यन ने धीरे से पास आकर कहा, रीता तुम्हारी बॉडी में आज बहुत लचीलापन दिख रहा है, चलो थोड़ा स्ट्रेचिंग करते हैं। आर्यन का हाथ रीता की कमर पर पड़ा, तो उसे एक अजीब सी सिहरन महसूस हुई। रीता के चेहरे पर हल्की सी लाली छा गई और उसने अपनी पलकें झुका लीं। आर्यन ने उसे मैट पर लेटने को कहा और उसके पैरों को पकड़कर धीरे-धीरे ऊपर उठाने लगा, जिससे रीता का पिछवाड़ा हवा में थोड़ा ऊपर उठ गया और उसकी गहरी खाई का उभार साफ नजर आने लगा।
आर्यन की सांसें अब तेज हो रही थीं और रीता भी उसकी निकटता का आनंद ले रही थी। आर्यन ने झुककर रीता के कान में फुसफुसाया, तुम जानती हो रीता, कॉलेज के दिनों से ही मैं तुम्हें बहुत पसंद करता था, लेकिन कभी कह नहीं पाया। रीता ने उसकी आंखों में देखा और उसे अपनी तरफ खींच लिया। दोनों के होंठ एक-दूसरे से टकराए और उन्होंने एक-दूसरे की मिठास को गहराई से चखना शुरू कर दिया। रीता के हाथ आर्यन के बालों में फंस गए और आर्यन का हाथ रीता के टी-शर्ट के अंदर जाकर उसके कोमल तरबूजों को सहलाने लगा। रीता के मुँह से एक धीमी आह निकली जब आर्यन ने उसके मटरों को अपनी उंगलियों के बीच दबाया, जिससे उसकी उत्तेजना सातवें आसमान पर पहुँच गई।
आर्यन ने धीरे से रीता के कपड़े उतारने शुरू किए और जल्द ही वह उसके सामने पूरी तरह से बिना कपड़ों के थी। रीता की गोरी देह और उस पर काले बालों का जंगल किसी जादुई दुनिया की तरह लग रहा था। आर्यन ने अपनी नजरें रीता की गहरी खाई पर टिका दीं, जो अब पूरी तरह से गीली हो चुकी थी। उसने झुककर अपनी जुबान से रीता की खाई चाटना शुरू कर दिया, जिससे रीता बिस्तर पर तड़पने लगी। वह बार-बार आर्यन का सिर अपनी खाई की ओर दबा रही थी और उसके मुँह से बस आर्यन का नाम निकल रहा था। आर्यन ने जब अपनी उंगली से खोदना शुरू किया, तो रीता की कमर झटके लेने लगी और उसे ऐसा महसूस हुआ जैसे वह हवा में तैर रही हो।
अब आर्यन की बारी थी, उसने अपनी पैंट नीचे की और उसका विशाल खीरा किसी फौलादी खंभे की तरह बाहर निकल आया। रीता ने जब उस लंबे और मोटे खीरे को देखा, तो उसकी आंखें फटी की फटी रह गईं। उसने धीरे से अपना हाथ बढ़ाया और उस खीरे को सहलाया, जो स्पर्श पाते ही और भी सख्त हो गया। रीता ने बिना देर किए आर्यन का खीरा मुँह में ले लिया और उसे किसी आइसक्रीम की तरह चूसने लगी। आर्यन को स्वर्ग जैसा सुख मिल रहा था और वह रीता के सिर को प्यार से सहला रहा था। कुछ देर बाद आर्यन ने रीता को मैट पर सीधा लिटाया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रख लिया ताकि वह सामने से खोदना शुरू कर सके।
जैसे ही आर्यन ने अपने खीरे का अगला हिस्सा रीता की संकरी खाई के द्वार पर रखा, रीता ने अपनी आंखें बंद कर लीं। आर्यन ने एक ज़ोरदार झटका दिया और उसका पूरा खीरा रीता की खाई में समा गया। रीता के मुँह से एक चीख निकली, जो दर्द और खुशी का मिला-जुला रूप थी। आर्यन ने उसे अपने सीने से लगाया और धीरे-धीरे खुदाई शुरू की। हर धक्के के साथ रीता के तरबूज ऊपर-नीचे उछल रहे थे और उनके टकराने की आवाज़ जिम के सन्नाटे को तोड़ रही थी। आर्यन ने कहा, तुम्हारी खाई बहुत तंग है रीता, मुझे इसे पूरी तरह खोदने में बहुत मज़ा आ रहा है। रीता ने जवाब दिया, हाँ आर्यन, मुझे और ज़ोर से खोदो, मुझे पूरा भर दो।
आर्यन ने अब गति बढ़ा दी थी और वह पूरी ताकत से रीता को खोद रहा था। खुदाई इतनी तीव्र थी कि रीता का पूरा शरीर पसीने से तर-बतर हो गया था। उसने आर्यन की पीठ पर अपने नाखून गड़ा दिए थे और अपनी टांगों से आर्यन की कमर को कस लिया था। रीता अब अपने चर्मोत्कर्ष के करीब थी, उसकी सांसें उखड़ रही थीं और वह आर्यन के धक्कों के साथ तालमेल बिठा रही थी। आर्यन ने रीता को घुमाया और उसे घुटनों के बल बैठा दिया ताकि वह पिछवाड़े से खोदना शुरू कर सके। पीछे से जब आर्यन ने अपना खीरा फिर से रीता की खाई में उतारा, तो उसे एक अलग ही गहराई का अहसास हुआ। रीता की कमर धनुष की तरह मुड़ गई और वह ज़ोर-ज़ोर से कराहने लगी।
खुदाई की यह प्रक्रिया काफी लंबी चली और दोनों एक-दूसरे के शरीर की हर बूंद का आनंद ले रहे थे। आर्यन के धक्के अब और भी गहरे और दमदार हो गए थे। रीता ने चिल्लाते हुए कहा, आर्यन, मेरा रस निकलने वाला है, मुझे और तेज़ी से खोदो! आर्यन भी अब अपने काबू में नहीं था, उसने अपनी रफ़्तार को चरम पर पहुँचा दिया। अचानक रीता का शरीर अकड़ गया और उसकी खाई से रसों का सैलाब फूट पड़ा। ठीक उसी समय आर्यन ने भी अपना सारा गर्म रस रीता की खाई की गहराई में छोड़ दिया। दोनों एक-दूसरे के ऊपर गिर पड़े, उनकी सांसें तेज़ थीं और शरीर थकान से चूर लेकिन मन पूरी तरह से तृप्त था।
काफी देर तक वे दोनों उसी अवस्था में लेटे रहे, एक-दूसरे की गर्मी को महसूस करते हुए। रीता ने आर्यन के माथे को चूमा और कहा, तुमने आज मुझे वो सुख दिया है जो मैंने पहले कभी महसूस नहीं किया। आर्यन ने उसे अपनी बाहों में और कस लिया और उसके माथे के पसीने को पोंछा। दोनों के शरीर से उठती भाप और पसीने की खुशबू उस कमरे में प्रेम और कामुकता की कहानी बयां कर रही थी। रीता को अपनी बिखरी हुई जुल्फों और गीली खाई के बीच एक अजीब सी शांति महसूस हो रही थी। उन्होंने धीरे-धीरे अपने कपड़े पहने और जिम की लाइटें बंद कर दीं, लेकिन उनकी आँखों में छिपी वह चमक बता रही थी कि यह सिर्फ शुरुआत थी।
जिम से बाहर निकलते वक्त ठंडी हवा ने उनके गर्म शरीरों को छुआ, जिससे एक अजीब सी गुदगुदी हुई। रीता ने आर्यन का हाथ पकड़ लिया और दोनों चुपचाप अपनी गाड़ियों की ओर बढ़ गए। उस रात की वह लंबी खुदाई और एक-दूसरे के साथ का वह अहसास उनके दिलों में हमेशा के लिए दर्ज हो गया था। रीता के मन में अब कोई झिझक नहीं थी, उसे पता था कि आर्यन ही वह इंसान है जो उसकी रूह और जिस्म दोनों की प्यास बुझा सकता है। आर्यन ने रीता को घर छोड़ते वक्त एक आखिरी बार गले लगाया और उसके कानों में वादा किया कि यह सिलसिला यूँ ही चलता रहेगा।