गरम खेत में रसीली चु@@ई की प्यास

दोपहर का समय था और सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था। गाँव के बाहरी इलाके में स्थित कमला का बड़ा सा खेत आज कुछ ज्यादा ही शांत था। कमला, जिसकी उम्र करीब 30 साल थी, अपने बदन की सुडौलता के लिए पूरे गाँव में मशहूर थी। उसके शरीर के अंग किसी **रसीले तरबूज** की … Read more

कविता अजनबी की चु@@ई

कविता अजनबी की चु@@ई—>मुंबई से दिल्ली जाने वाली राजधानी एक्सप्रेस के ए-सी कोच में समीर अपनी सीट पर बैठा बाहर अंधेरे को देख रहा था तभी उसकी नजर सामने वाली बर्थ पर बैठी एक बेहद खूबसूरत महिला पर पड़ी जिसका नाम कविता था। कविता की उम्र करीब पैंतीस साल रही होगी और उसकी काया किसी … Read more

अजनबी पड़ोसी की चु@@ई

समीर ने अभी दो दिन पहले ही इस नए शहर के एक शांत अपार्टमेंट में अपना सामान शिफ्ट किया था। दोपहर की चिलचिलाती धूप खिड़की के पर्दों को चीरती हुई अंदर आ रही थी और कमरा उमस से भरा हुआ था। तभी दरवाजे पर दस्तक हुई और उसने गेट खोला तो सामने कविता खड़ी थी। … Read more

निधि की यादगार चु@@ई

निधि की यादगार चु@@ई—> निधि मैम और मेरा रिश्ता आज से दस साल पहले शुरू हुआ था जब मैं उनके पास गणित के ट्यूशन पढ़ने जाया करता था, तब वो मेरी सबसे पसंदीदा अध्यापिका हुआ करती थीं और उनके समझाने का तरीका इतना सरल था कि मैं घंटों उनके पास बैठा रहता था। आज दस … Read more

कविता माँ की चु@@ई

दोपहर की उस तपती और उमस भरी गर्मी में पूरा घर एक अजीब से सन्नाटे में डूबा हुआ था। समीर कॉलेज से जल्दी लौट आया था और घर में सिर्फ उसकी सौतेली माँ कविता थी। कविता की उम्र करीब अडतीस साल थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और कसावट किसी जवान लड़की को भी मात … Read more

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई

तन्हा रातों में भाभी की पहली चु@@ई —> दोपहर की वो सुस्त गर्मी और घर में पसरी वो अजीब सी खामोश बेचैनी मुझे अंदर तक झकझोर रही थी। मीरा भाभी अपनी पतली रेशमी साड़ी के पल्लू को सहेजते हुए रसोई में कुछ काम कर रही थीं, लेकिन उनकी आँखों में छिपी वो उदासी मुझसे कुछ … Read more

खेत की गहरी चु@@ई

गाँव की उस तपती दुपहरी में जब परिंदे भी अपने घोंसलों में दुबक जाते हैं, हमारे घर के पिछवाड़े वाले बगीचे में एक अलग ही हलचल मची थी। मेरी भाभी सुनीता, जिसका यौवन किसी उपजाऊ धरती की तरह लहलहा रहा था, पसीने से तर-बतर होकर अपने छोटे से बगीचे में काम कर रही थी। उनका … Read more

गर्म बाग की चु@@ई

नमस्ते भाइयों और बहनों, आज की ये दास्तान उस दोपहर की है जब सूरज अपनी पूरी तपिश बिखेर रहा था और गाँव के पुराने बागों में सन्नाटा पसरा हुआ था। मैं अपने पुराने बाग की देखभाल कर रहा था, जहाँ सालों से मेरी मेहनत का पसीना मिट्टी में मिल रहा था। तभी वहाँ मेरी पुरानी … Read more

पुरानी सहेली की चु@@ई

शहर की उस तपती गर्मी में जब रात के ग्यारह बज रहे थे, मैं अपनी पुरानी सहेली नेहा के साथ घर की छत पर बैठा था। वह कई सालों बाद हमारे शहर आई थी और उसकी खूबसूरती अब पहले से कहीं ज्यादा निखर चुकी थी। चाँदनी रात में उसका सांवला बदन और गहरी गर्दन वाला … Read more

जंगल के रिसॉर्ट में अधूरी खुदाई

मानसून की वो शाम कुछ अलग ही थी। शहर की भीड़भाड़ से दूर, घने जंगलों के बीच बने उस पुराने रिसॉर्ट में सन्नाटा पसरा हुआ था, जिसे सिर्फ बारिश की बूंदों की आवाज़ तोड़ रही थी। मेरा नाम समीर है, और मैं यहाँ अपने काम के सिलसिले में आया था, लेकिन किस्मत को कुछ और … Read more

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