दफ्तर की वो सुहानी रात और अंजलि का साथ

दफ्तर की घड़ी में रात के ग्यारह बज चुके थे और पूरे फ्लोर पर सन्नाटा पसरा हुआ था। सिर्फ मेरी डेस्क की लाइट जल रही थी और बगल के केबिन में अंजलि अभी भी अपनी फाइलों में डूबी हुई थी। प्रोजेक्ट की डेडलाइन सिर पर थी और हम दोनों ही इस काम को खत्म करने … Read more

विधवा नीलम की खुदाई

नीलम दीदी मेरे पड़ोस में रहती थीं, उनके पति को गुजरे दो साल हो चुके थे। वो अकेली ही रहती थीं और अक्सर शाम को अपनी बालकनी में खड़ी होकर नीचे सड़क पर आते-जाते लोगों को देखती रहती थीं। मैं जब भी कॉलेज से आता, वो मुझे देख कर मुस्कुरा देती थीं। उनकी उस मुस्कुराहट … Read more

होटल वाली चु@@ई

अजनबी शहर की उस धुंधली शाम में समीर अपने होटल के गलियारे में धीरे-धीरे बढ़ रहा था। वह थका हुआ था, लेकिन उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक थी। तभी उसकी नज़र अपने कमरे के बगल वाले दरवाज़े पर पड़ी, जहाँ एक बेहद खूबसूरत महिला खड़ी थी। उसने गहरे नीले रंग की रेशमी साड़ी … Read more

साली की रसीली चु@@ई

कविता की उम्र महज़ चौबीस साल थी और उसका बदन किसी ढली हुई मूरत की तरह निखरा हुआ था। जब वह नीले रंग की पतली शिफॉन साड़ी पहनकर मेरे सामने से गुज़रती, तो मेरी साँसें उसके बदन की महक से थम सी जाती थीं। वह मेरी पत्नी की छोटी बहन थी, लेकिन हमारे बीच की … Read more

मां को मिली बेर तोड़ने को सजा पार्ट 2

हम ननिहाल पहुंचे तो नानी ने दरवाजे पर खड़े होकर हमें गले लगाया, पूछ रही थीं – “कैसी रही यात्रा? थकी तो नहीं?” मा मुस्कुरा रही थीं, लेकिन उनकी मुस्कान में वो छुपी हुई आग थी जो मैं अब पढ़ सकता था। चाय-पानी, मिठाई, सब चला। रात का खाना खाते वक्त भी बातें चलती रहीं … Read more

सुनीता चाची की चु@@ई

समीर अपने कॉलेज की गर्मियों की छुट्टियों में अपनी चाची सुनीता के घर रहने के लिए आया था। सुनीता चाची की उम्र अभी पैंतीस साल के करीब थी, लेकिन उनके शरीर की बनावट और चेहरे की चमक किसी बीस साल की नवयौवना को भी मात दे सकती थी। समीर ने जब उन्हें उस दोपहर घर … Read more

पड़ोसन मीरा के साथ बंद कमरे की रसीली खुदाई

शाम का वक्त था और आसमान में छाई हल्की लालिमा धीरे-धीरे अंधेरे में तब्दील हो रही थी। आदित्य अपने कमरे की खिड़की के पास खड़ा होकर बाहर की चहल-पहल देख रहा था, लेकिन उसका ध्यान अपनी पड़ोसन मीरा पर था जो अपने बरामदे में कपड़े सुखा रही थी। मीरा की उम्र लगभग तीस साल थी, … Read more

अजनबी पड़ोसन कविता की चु@@ई

अजनबी पड़ोसन कविता की चु@@ई—>समीर शहर के एक पॉश इलाके में बने अपार्टमेंट में अकेला रहता था। वह एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर था और उसकी जिंदगी दफ्तर के काम और घर के अकेलेपन के बीच सिमटी हुई थी। समीर के पड़ोस वाले फ्लैट नंबर 403 में हाल ही में एक नया परिवार रहने आया था। उस … Read more

पुरानी दोस्त की चु@@ई

आकाश और रीति कॉलेज के दिनों के बाद लगभग दस सालों के बाद एक-दूसरे से मिल रहे थे। बाहर का मौसम काफी सुहावना था और हल्की-हल्की बारिश की बूंदें रीति के घर की खिड़की पर दस्तक दे रही थीं। रीति ने गहरे लाल रंग की रेशमी साड़ी पहनी थी, जिसका गला काफी गहरा था और … Read more

प्रोफेसर और छात्रा के बीच ज्ञान की गहरी खुदाई

रात के करीब ग्यारह बज रहे थे और पूरे कॉलेज कैंपस में सन्नाटा पसरा हुआ था, लेकिन प्रोफेसर आर्यन के केबिन में अभी भी रोशनी जल रही थी। नेहा अपनी थीसिस पूरी करने के लिए उनके पास आई थी, लेकिन किताबों के पन्नों के बीच एक अलग ही तरह की गरमाहट महसूस हो रही थी। … Read more

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